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अयोध्या के Maharishi Valmiki Airport के बारे में जानें interesting बातें

Maharishi Valmiki  Airport : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2023 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में Maharishi Valmiki International Airport  का उद्घाटन किया. महर्षि वाल्मिकी हवाई अड्डे के पहले चरण को 1450 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है. हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 6 हजार 500 वर्गमीटर होगा, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों के लिए संचालित होगा. दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे यात्रियों में अयोध्या को जाने वाली इस फ्लाइट में सफर करने को लेकर खासा उत्साह देखा गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर कुछ यात्री जय श्री राम का नारा लगाते भी दिखे.

हवाई अड्डे की लागत अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए 11,100 करोड़ रुपये का हिस्सा है. आज के लेख में हम उत्तर प्रदेश शहर में नए एयर हब के बारे में जानते हैं…

महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगी ये सुविधाएं || Maharishi Valmiki International Airport will have these facilities

एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का क्षेत्रफल 6500 वर्गमीटर होगा, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों की सेवा करने के लिए तैयार रहेगा. टर्मिनल बिल्डिंग का आगे का हिस्सा अयोध्या के आगामी श्रीराम मंदिर की मंदिर आर्किटेक्चर को दर्शाता है. टर्मिनल भवन के अंदरूनी हिस्सों को भगवान श्रीराम के जीवन को दर्शाते हुए स्थानीय कला, चित्रों और भित्ति चित्रों से सजाया गया है. अयोध्या एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन विभिन्न सुविधाओं से लैस है जिनमें इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, LED लाइटिंग, वर्षा जल संचयन, फव्वारे के साथ भूनिर्माण, जल उपचार संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं.

6 जनवरी से शुरू हो जाएगा एयरपोर्ट की सुविधाएं || Airport facilities will start from January 6

अयोध्या एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद 30 दिसंबर को सबसे पहले इंडिगो एयरलाइंस अपना फ्लाइट उतारी. 30 तारीख के बाद में 6 तारीख से यात्री महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर सकेंगे. 6 जनवरी से इस एयरोपोर्ट से कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो जाएगा.

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कितना आया है खर्च हवाई अड्डा बनाने में || How much did it cost to build the airport?

बता दें कि अयोध्या के अत्याधुनिक हवाई अड्डे के पहले चरण में 1,450 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत के साथ एयरपोर्ट का निर्माण कार्य कराया गया है. हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 6,500 वर्गमीटर होगा, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों की सेवा के लिए सुसज्जित होगा.

श्रीराम की तर्ज पर बना है एयरपोर्ट || The airport is built on the lines of Shri Ram

इस एयरपोर्ट को श्रीराम की तर्ज पर बनाया गया है. इसमें बिल्डिंग का आगे का हिस्सा राम मंदिर की आर्किटेक्चर को दर्शाता है. इसके अलावा अंदर के हिस्से की बात की जाए तो वह स्थानीय कला और पेंटिंग से सजाया गया है.

इंडिगो की सेवा होगी शुरू || Indigo service will start

इसके अलावा 6 जनवरी से ही देश के अन्य राज्यों के लिए भी अयोध्या से कनेक्टिंग फ्लाइट की सेवा भी उपलब्ध होगी. शुरुआती दौर में विमान संचालन कंपनी इंडिगो अपनी हवाई सेवा शुरू कर रही है. इसके अलावा इंडियन एयरलाइंस और अन्य विमान कंपनियां भी उड़ान सेवाएं शुरू करने वाली है. इस एयरपोर्ट के शुरू होने से देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी.अभी तक हवाई माध्यम से अयोध्या आने की चाह रखने वालों को लखनऊ से अयोध्या तक सड़क मार्ग तय करना पड़ता था.

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महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बारे में पूछे जानें वाले प्रश्न

Q1: नए अयोध्या हवाई अड्डे का उद्घाटन कब हुआ?

उत्तर: अयोध्या अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 30 दिसंबर, 2023 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया.

Q2: हवाई अड्डे का वर्तमान नाम क्या है?

उत्तर: वर्तमान नाम “मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा” है, लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार इसका नाम बदलकर “महर्षि वाल्मिकी हवाई अड्डा”कर दिया गया है.

Q3: नए हवाई अड्डे का अयोध्या के लिए क्या मतलब होगा?

उत्तर: अयोध्या अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से शहर के लिए गेम-चेंजर बनने की उम्मीद है, जो टूरिस्ट के लिए कनेक्टिविटी और पहुंच में सुधार करके इसकी तीर्थयात्रा और पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देगा.

Q4: क्या हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें होंगी?

उत्तर: हालांकि इसे आधिकारिक तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दिया गया है, प्रारंभिक परिचालन डोमेस्टिक रास्तों पर केंद्रित होगा. मांग और बुनियादी ढांचे के विकास के आधार पर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जा सकती हैं.

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