5 Places to enjoy Delhi's Natural Beauty
नई दिल्ली. प्राकृतिक सुदंरता (Natural beauty) हर किसी को पसंद होती हैं। जब कोई दिल्ली शहर में रहने वाले लोग हमेशा ऐसी जगह की तलाश में रहते हो जहां आपको चारो तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई दे और आप वहां कुछ पल सुकुन से बिता सके। तो आइए आज हम आपको बताते हैं दिल्ली में 5 ऐसी जगह के बारे में जहां चारो तरफ हरियाली ही हरियाली है।
लोधी गार्डन (Lodi Garden)
लोधी गार्डन (लोधी उद्यान) नई दिल्ली में स्थित एक Natural beauty को देखने के लिए फेमस पार्क है। इस गार्डन को सैय्यद और लोधी ने 16वीं शताब्दी में बनवाया था। पहले इस गार्डन का नाम लेडी विलिंगटन पार्क था। इस गार्डन में गुज़रे दौर की कई सारी कब्रें हैं।लोधी गार्डन खूबसूरत फव्वारे, तालाब, फूल और जॉगिंग ट्रैक सभी उम्र के लोगों को लुभाते हैं। लोदी गार्डन मूल रूप से गांव था जिसके आस-पास 15वीं-16वीं शताब्दी के सैय्यद और लोदी वंश के स्मारक थे। यहां पेड़ों की विभिन्न प्रजातियां, रोज गार्डन और ग्रीन हाउस है जहां पौधों का रखा जाता है। पूरे वर्ष यहां अनेक प्रकार के पक्षी देखे जा सकते हैं। बगीचे के बीच में बड़ा गुंबद नामक मकबरा है, जिसके पीछे एक मस्जिद है जो 1494 में बनाई गई थी।
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लोधी गार्डन खुलने का समय
लोधी गार्डन- एंट्री फी, टाइमिंग, पता, आधिकारिक वेबसाइट
पताः मेन लोधी रोड, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के पास, नई दिल्ली, दिल्ली – 110003
एंट्री फीः कोई शुल्क नहीं
टाइमिंगः सुबह 6 बजे से शाम 7.30 बजे तक
सरकारी वेबसाइटः www.delhitourism.gov.in
फोटोग्राफी की अनुमति है या नहीं: अनुमति है
निकटतम मेट्रो स्टेशन : जेएलएन मेट्रो स्टेशन
मुगल गार्डन (Mugal Garden)
राष्ट्रपति के निवास में एक भव्य बागीचा है जो पूरी दुनिया में मुगल गार्डन के नाम से प्रसिद्ध है। राष्ट्रपति भवन में ये मुगल गार्डन कुछ दिनों के लिए आम जनता के लिए भी खुला रहता है।13 एकड़ भूमि में फैले इस बागीचे में ट्यूलिप, गुलाब, समेत विभिन्न फूलों की प्रजातियां हैं। इस बाग को गौरव पूरी दुनिया में है। इस पुरानी मुगल शैली में बनाया गया है इसलिए इसका नाम मुगल गार्डन है। मुगल गार्डन में फूलों की खूबसूरती के अलावा बेहतरीन फौव्वारे भी हैं। गुलाब के अलवा जो प्रमुख फूल हैं उनमें रात की रानी, मोगरा, मोतिया, जुही आदि के फूल मौजूद हैं। बागीचे में म्यूजिकल सिस्टम से लगा हुए फौव्वारे भी हैं। यहा हर तरफ हरियाली ही हरियाली है।
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सबसे बड़ी बात यह है कि इस गार्डन में भरपूर समय बिताने, मुगल कला और ब्रिटिश आर्ट को देखने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना होता है। यहां एंट्री फ्री होती है। यह गार्डन हर रोज सुबह साढ़े 9 बजे से शाम 4 बजे तक आम पब्लिक के लिए खुला रहता है। सोमवार को यह गार्डन साफ-सफाई और मेंटेनेंस के लिए बंद रहता है।
ओखला बैराज पक्षी अभयारण्य (Okhla Bird Sanctuary)
3 .5 किमी में फैला हुआ ओखला बैराज पक्षी अभयारण्य देशी और प्रवासी दोनों प्रकार के जलीय पक्षियों के लिए स्वर्ग की भांति है। यह अभयारण्य नोएडा में दिल्ली की सीमा पर यमुना नदी के तट पर है जहां से यह नदी उत्तर प्रदेश के लिए बहती है। इस अभयारण्य की मुख्य विशेषता यहां की झील है जिसका निर्माण यमुना नदी पर बांध बनाकर किया गया है। ज़ल का भराव ओखला गांव के पश्चिम में और गौतम बुद्ध नगर के पूर्व में है।
चिड़िया घर (Zoo)
दिल्ली के पुराने किले के पास स्थित चिड़िया घर पर्यटकों के बीच बेहद आकर्षण का केंद्र है। 176 एकड़ में फैला यह स्थान आपको मनोरंजक लगेगा। हर तरफ हरियाली व अपने इलाकों में यहां से वहां घूमते विभिन्न प्रकार के पशु आपको जैसे हर तरह के जानवर से रूबरू करा देंगे। दिल्ली का चिड़ियाघर आपको आनंद-विभोर कर देने वाला नजारों से वाक़िफ़ कराएगा। कहीं बड़े-बड़े खतरनाक पशु, तो कहीं छोटे-छोटे प्यारे नादान पशु जो आपको अपने करतब दिखाते नज़र आऐंगे। कोइ उछल-कूद करता नज़र आएगा, तो कोई टकटकी लगाकर आपको देखता। कोई आलस में चित्त पड़ा होगा, तो कोई अपनी मौज-मस्ती में डूबा हुआ।
हर उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग कीमत चुकायी जाती है। भारतीयों के लिए ₹40 व्यस्कों के, 5-12 साल के बच्चों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹20 निर्धारित किए गए है। विदेशी यात्रियों के लिए टिकट की कीमत अलग रखी गई है। ₹200 व्यस्को के लिए व ₹100, 5-12 साल के बच्चों के लिए। बच्चों के लिए यह जगह बेहद आकर्षक मानी जाती है। आप घूमते-घूमते चकराऐं ना इसलिए बैटरी चलित वाहनों की सुविधा भी यहां उचित दामों पर की गई है। चिड़ियाघर दिल्ली टिकट के उचित दाम भी एक कारण है कि यात्रियों को यहाँ आने पर ज़्यादा सोच विचार नहीं करना पड़ता।
डियर पार्क, हौज़ खास (Dear Park)
सफदरजंग से हौज खास विलेज तक फैली हुई, यह शांत पार्क अपने आप में एक शाम बिताने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। सफदरजंग से शुरू करें, झील के किनारे पूरे रास्ते चलें और दूसरी तरफ हौज खास विलेज आपको दिखाई देगा।
कब्र और खंडहर के साथ बिंदीदार। हिरण पार्क (हौज खास की तरफ) में हिरणों की एक छोटी यात्रा का भुगतान करना न भूलें और हिरण पार्क के अंदर एक सुरम्य रेस्तरां पार्क बल्लूची में खाने का आनंद जरूर लें।
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