Travel Tips and Tricks

Munsiyari Travel Guide: कब जाएं, कैसे जाएं, Best Places to Visit

Munsiyari Travel Guide:  मुनस्‍यारी (Munsiyari) विशाल हिमालय की तलहटी पर स्थित उत्तराखंड का खूबसूरत हिल स्टेशन है। राज्य के पिथौरागढ़ जिले के अंतर्गत ये पहाड़ी जगह अपने मनमोहक वातावरण के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 2300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुनस्‍यारी (Munsiyari) का ज्यादातर हिस्सा बर्फ की मोटी चादर में ढका रहता है। यहां की बर्फीली चोटियों की वजह से इस हिल स्टेशन को उत्तराखंड का मिनी कश्मीर‘ भी कहा जाता है। तिब्बत और नेपाल की सीमा के करीब ये पहाड़ी शहर साहसिक ट्रैवलर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। इसके अलावा मुनस्‍यारी हिमालय वस्पतियों और वन्य जीवन के लिए भी काफी ज्यादा मशहूर है।

मुनस्यारी कब जाएं (When to Visit Munsiyari)

मुनस्यारी जाने के लिए सबसे बेहतरीन समय मई से अक्तूबर के मध्य में है। गर्मियों के मौसम में यहां का तापमान एकदम सामान्य रहता है और सड़क मार्ग के टूटने का खतरा भी कम रहता है। हालाँकि सर्दियों में भी बहुत सारे पर्यटक मुनस्यारी जाते है। जो लोग बर्फ का आनंद लेना चाहते है वो सर्दियों में मुनस्यारी जा सकते है।

कैसे जाएं मुनस्यारी (How to Visit Munsiyari)

मुनस्यारी पहुचने के लिए आप भारत के अलग-अलग शहरों से पंतनगर, काठगोदाम तक हर तरह के यात्रा साधनों से पहुच सकते है। काठगोदाम के बाद पहाड़ी रास्ता शुरू हो जाने के कारण सड़क मार्ग ही आगे की यात्रा के लिए उपलब्ध है। काठगोदाम तक आप रेल मार्ग या फिर बस द्वारा भी पहुच सकते है। काठगोदाम से आगे पहाड़ी यात्रा शुरू होती है। ये यात्रा आप सरकारी बसों के साथ- साथ निजी वाहन या फिर टैक्सी से भी तय कर सकते है। काठगोदाम से मुनस्यारी के बीच की दूरी लगभग 280 किलोमीटर है। अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा करना चाहते है तो आपको निकटतम एयरपोर्ट पंतनगर आना होगा। पंतनगर एअरपोर्ट मुनस्यारी से लगभग 310 कोलोमीटर दूर है।

मुनस्यारी में क्या क्या देखें (Best Tourist Places in Munsiyari)

बिर्थी जलप्रपात (Birthi Waterfall)

मुनस्‍यारी के प्राकृतिक खजानों में आप यहां के बिर्थी जलप्रपात की सैर का प्लान बना सकते हैं। मुनस्‍यारी के रास्ते पर ये स्थल मानसिक और आत्मिक शांति के लिए एक आदर्श विराम स्थल है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको मुख्य शहर से 35 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। अपने अद्भुत दृश्यों के साथ ये जलप्रपात कुमाऊं मंडल के चुनिंदा सबसे खास पिकनिक स्पॉट के रूप में भी पहचाना जाता है। पहाड़ी नजारों के साथ यहां का हरा-भरा वातावरण सैलानियों को काफी ज्यादा आनंदित करने का काम करता है। इन सब के अलावा ये जगह लंबी पैदल यात्रा और ट्रेकिंग के लिए भी जानी जाती है, क्योकि बस से कुछ किलोमीटर का सफर तय करने के बाद आपको यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग का सहारा लेना होगा। ट्रेकिंग सफर के बीच में आप आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद भी ले सकते हैं।

कलामुनी टॉप (Kalamuni Top)

मुनस्‍यारी शहर के रास्ते में पड़ने वाला कलामुनी टॉप स्थल भी यहां के नजदीकी पर्यटन स्थलों में से एक है। ये स्थल ऊंचाई पर बसा हुआ है इसलिए इसे कलामुनी टॉप के नाम से जाना जाता है। मुख्य शहर से ये 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और ये पहाड़ी जगह 9600 फीट की ऊंचाई पर बसी हुई है। प्राकृतिक नजारों से भरा ये स्थान अपने धार्मिक महत्व के लिए भी काफी ज्यादा जाना जाता है। यहां पर मां काली को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है जिसकी वजह से ये स्थान आस-पास के शहरों और गांवों में एक पवित्र स्थान के रूप में जाना जाता है। धार्मिक महत्व के अलावा पंचाचूली पर्वत श्रृंखला के अद्भुत दृश्य इस स्थान को खास बनाने का काम करते हैं। यहां के मंदिर में एक पारंपरिक मान्यता का पालन किया जाता है जिसके अंतर्गत श्रद्धालु मंदिर परिसर में घंटी बांधकर देवी से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

थमरी कुंड (Thamri Kund)

पहाड़ी खूबसूरती के अलावा आप यहां पर थमरी कुंड की सैर का प्लान भी बना सकते हैं। थमरी कुंड एक बारहमासी झील है जो कुमाऊं घाटी के अंतर्गत सबसे ताजे पानी की झील के रूप में मानी जाती है। पेपर के मोटे वृक्षों से घिरा एक रोमांचक ट्रेक रूट इस झील की ओर जाता है। ट्रेक के माध्यम से मुख्य शहर से इस झील तक पहुंचने के लिए लगभग 8 घंटों का वक्त लग जाता है। इसलिए अगर आप यहां पर आना चाहते हैं तो शहर से सुबह ही निकलें। थमरी कुंड अल्पाइन के पेडों से घिरा हुआ है जो कि इस जगह का शानदार नजारा प्रदान करते हैं। किस्मत अच्छी रही तो आप यहां कस्तुरी मृग को यहां पानी पीते हुए भी देख सकते हैं।

महेश्वरी कुंड (Maheshwari Kund)

थमरी कुंड के अलावा आप यहां पर महेश्वरी कुंड की सैर का प्लान भी बना सकते हैं। मुनस्यारी से कुछ दूरी पर स्थित महेश्वरी कुंड एक प्राचीन झील है, जिसके साथ पौराणिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि जब प्रतिशोध लेने के लिए मुनस्यारी के ग्रामीणों ने इस झील को सूखा दिया था तब यक्ष ने उनसे बदला लेने का फैसला किया। जिसके बाद यह पूरा शहर सूखे की चपेट में आ गया। गांव को बचाने के लिए ग्रामिणों ने यक्ष से माफी मांगी। मांफी मांगने की परंपरा का पालन आज तक यहां पर किया जाता है। महेश्वरी कुंड की पंचाचूली पर्वत श्रृंखला के अद्भुत रूप पेश करती है।

मैडकोट (Madkote)

आप मुनस्यारी से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मैडकोट की यात्रा का प्लान बना सकते हैं। मैडकोट अपने गर्म पानी के प्राकृतिक कुंड के लिए जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि भूमि से उत्पन्न गर्म पानी का स्रोत त्वचा संबंधी रोग, बदन दर्द और गठिया जैसी बीमारियों को ठीक करने में सक्षम है। ये खूबसूरत स्थल शहरी भीड़भाड़ से अलग एक शांत परिवेश में स्थित है, जहां पर सैलानियों को आना बहुत ही अच्छा लगता है।

 

Recent Posts

10 ऐसे Gujarati Food जिनके बिना अधूरी है हर गुजराती थाली

कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से असम तक देश में कितनी ही थालियां मिलती… Read More

3 days ago

History of Bagoria Temple : जानें,बागोरिया दुर्गा मंदिर बारे में इंटरस्टिंग बातें

History of Bagoria Temple : बागोरिया दुर्गा मंदिर राजस्थान के जोधपुर जिले के पास स्थित… Read More

4 days ago

Concentration बढ़ाना चाहते हैं? सुबह उठकर करें ये 5 एक्सरसाइज, तनाव और चिंता होगी दूर

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में एकाग्रता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है.… Read More

6 days ago

Best Honeymoon Places in India in Summer Season : गर्मियों में भारत में हनीमून के लिए 10 सबसे खूबसूरत जगहें

Best Honeymoon Places in India in Summer Season: अगर आप गर्मियों में शादी के बंधन… Read More

1 week ago

10 Best Hill Stations In India : भारत के 10 बेस्ट हिल स्टेशन जिन्हें आपको अपनी लाइफ में एक बार जरूर देखना चाहिए

10 Best Hill Stations In India : भारत, विविध लैंडस्कैप का देश, ढेर सारे शानदार… Read More

2 weeks ago

Amarnath Yatra dates 2026 : 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जानें रूट, नियम और पूरी डिटेल

Amarnath Yatra dates 2026 : अमरनाथ यात्रा 2026 3 जुलाई से शुरू होगी। जानें रजिस्ट्रेशन… Read More

3 weeks ago