Travel Tips and Tricks

Paltan Bazaar Guwahati: गुवाहाटी की ये मार्केट क्यों है खास, जान लीजिए

गुवाहाटी ( Guwahati Journey ) में आने वाले टूरिस्ट या तो ट्रेन से यहां आते हैं, या प्लेन से… गुवाहाटी में राजधानी ट्रेनें भी आती हैं, साथ ही यहां देश के अलग अलग हिस्सों से भी ट्रेनें पहुंचती हैं इसलिए कई बार टूरिस्ट ट्रेन का सफर करने का ही फैसला करते हैं. गुवाहाटी तक ट्रेन का सफर करने के बाद कई मुश्किल आती है. आपकी मुश्किल को झट से खत्म कर सकती है पलटन बाजार ( Paltan Bazaar Guwahati ) की जानकारी. अगर आप पलटन बाजार के बारे में जान जाएंगे, तो ये भी जान जाएंगे कि आप ट्रिप के दौरान उलझनों को कैसे सुलझा सकते हैं, आइए आज हम जानते हैं इस आर्टिकल में गुवाहाटी के पलटन बाजार के बारे में…

गुवाहाटी स्टेशन पर कहां से करें एग्जिट

अगर आप पहली बार गुवाहाटी स्टेशन ( Guwahati Railway Station ) आ रहे हैं, तो आपको दो तरफ की एग्जिट मिलेगी, एक पान बाजार ( Pan Bazaar Guwahati ) साइड की और दूसरी पलटन बाजार ( Paltan Bazaar Guwahati ) साइड की. पान बाजार की साइड वाला एरिया रिहायशी इलाका ज्यादा है इसलिए आपको एग्जिट पलटन बाजार की साइड से करनी है.

ये भी पढ़ें, Shillong Travel Guide: मेघालय की राजधानी में कहां कहां घूमें? पूरी जानकारी लें

पलटन बाजार क्यों है खास?

पलटन बाजार ( Paltan Bazaar Guwahati ) ही वह जगह है जहां न सिर्फ आपको हर रेंज के होटल मिलते हैं, बल्कि बस अड्डा भी इसी तरफ है. साथ ही, यहां आपको खाने पीने के ढेरों ऑप्शंस मिलते हैं.

पलटन बाजार में आपको कैब और टैक्सी भी मिल जाती हैं. आप चाहे जहां घूमें देर रात तक यहां आ सकते हैं. यहां से आपको कहीं भी आने और जाने का साधन हमेशा मिल जाता है.

शिलॉन्ग के लिए चलने वाली टैक्सी भी पलटन बाजार ( Paltan Bazaar Guwahati ) से ही मिलती है. बस अड्डे से आप अलग अलग जगहों के लिए बस भी ले सकते हैं.

पलटन बाजार ( Paltan Bazaar Guwahati ) में आपको न सिर्फ नॉन वेज के रेस्टोरेंट मिलते हैं, बल्कि यहां वेजिटेरियंस के लिए भी ऑप्शंस की भरमार है.

ये भी देखें,  Punjabi Lane, Shillong: सदियों पहले सिखों को लेकर आए थे अंग्रेज, जानें इनका इतिहास

पलटन बाजार ( Paltan Bazaar Guwahati ) में आप जरूरत का हर सामान खरीद सकते हैं.

नेपाली मंदिर, गुवाहाटी

पलटन बाजार के पास ही नेपाली मंदिर ( Nepali Mandir Guwahati ) स्थित है. यह बेहद पुराना मंदिर है. इसमें राधा कृष्ण, हनुमान जी आदि देवी देवताओं की मूर्तियां हैं.

इसे नेपाली मंदिर इसलिए कहते हैं क्योंकि इसका डिजाइन नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर ( Pashupatinath Mandir ) से प्रेरित है.

हम आशा करते हैं कि गुवाहाटी टूर की शुरुआत में होने वाली झंझट इस आर्टिकल को पढ़कर दूर हो जाएगी. अगर ये आर्टिकल आपको पसंद आया हो तो हमारे ब्लॉग को फॉलो जरूर करें… Youtube पर हमें सब्सक्राइब करेंगे, तो हमारे सभी वीडियोज भी देख पाएंगे…

Recent Posts

Sindoor Khela:मां दुर्गा की विदाई पर क्यों खेलती हैं महिलाएं सिंदूर?

Sindoor Khela : दुर्गा पूजा का उत्सव पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में धूमधाम से… Read More

1 day ago

Devi Durga Temples in India : भारत में 16 प्रसिद्ध दुर्गा मंदिरों के दर्शन जरूर करें

Devi Durga Temples in India : भारत में देवी दुर्गा के ऐसे मंदिर जहां नवरात्रि… Read More

6 days ago

History of Ramlila Maidan : दिल्ली का वह मैदान, जहां से कई बड़े आंदोलन हुए

History of Ramlila Maidan : दिल्ली का रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) केवल धार्मिक आयोजनों के… Read More

1 week ago

Kali Gandaki River flood in Nepal: हिमालय से निकलकर गंगा में मिलने वाली नदी की पूरी कहानी

History of the Kali Gandaki River: भारत और नेपाल की प्रमुख नदियों में शामिल काली… Read More

1 week ago

सरोजिनी नगर का Shri Vinayak Mandir क्यों है खास? जानें इतिहास और मान्यताएं

Shri Vinayak Mandir : दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित Shri Vinayak Mandir इन दिनों चर्चा… Read More

2 weeks ago