Kuno National Park : विलुप्त होने के 7 लंबे दशकों के बाद चीतों की दहाड़ एक बार फिर भारत में सुनी जा सकती है
Kuno National Park : विलुप्त होने के 7 लंबे दशकों के बाद चीतों की दहाड़ एक बार फिर भारत में सुनी जा सकती है. नामीबिया से 8 चीतों को लेकर एक विशेष कार्गो बोइंग 747 चार्टर्ड फ्लाइट शनिवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर उतरा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 72वें जन्मदिन पर चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया.
कुनो-पालपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी शहर की हलचल से दूर घूमने के लिए एक परफेक्ट प्लेस है. यह वन्यजीव वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बड़ी संख्या में वनस्पतियों और जीवों से भरा हुआ है जो इस जगह की सुंदरता को बढ़ाते हैं. इस मंत्रमुग्ध कर देने वाली जगह पर जाकर आपको असंख्य जानवरों, पक्षियों और पेड़ों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा.
कुनो नेशनल पार्क मध्य प्रदेश भारत में एक राष्ट्रीय पार्क है जिसे 1981 में श्योपुर और मुरैना जिलों में 344.686 किमी एकवाइल्ड लाइफ सेंचुरी के रूप में स्थापित किया गया था. 2018 में इसे नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया था.
Kuno National Park असंख्य वनस्पतियों और जीवों के घर है. यह जगह भारतीय भेड़िया, चित्तीदार हिरण, काला हिरन, बंदर, भारतीय तेंदुआ, सांभर, चिंकारा, सियार, लोमड़ी, भालू और नीलगाय जैसे जानवरों से गुलजार है. यह वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए सबसे फेमस है जो लुप्तप्राय प्रजातियों में से हैं.
मॉनिटर छिपकली, कोबरा, वाइपर, क्रेट और अजगर जैसे सरीसृप सबसे अधिक देखे जाते हैं. बड़ी संख्या में असंख्य पक्षी भी इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के निवासी हैं और बहुत सारे पक्षी भी यहां रहते हैं. उनमें से कुछ में लेसर फ्लोरिकन, बायावीवर, बब्बलर, ट्री पाई, लैपविंग और किंग वल्चर शामिल हैं. वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हरे-भरे पेड़ों से भरा हुआ है जो रंग-बिरंगे खिलने वाले फूलों से भरे हुए हैं. कुछ पेड़ जिन्हें आपको अवश्य देखना चाहिए उनमें करधई, गुर्जन, खैर और कहुआ शामिल हैं.
कुनो-पालपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में आप अपनी कार लेकर घने जंगल का पता लगा सकते हैं, शर्त यह है कि यह 5 साल से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए, या वाइल्ड लाइफ सेंचुरी द्वारा आयोजित जंगल सफारी में शामिल हो सकते हैं. जंगल सफारी दिन में दो बार होती है, एक बार सुबह 6:00 बजे से 9:30 बजे तक और दूसरी शाम को 4:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक. ये सफारी अद्भुत हैं और यह आपको पूरी तरह से वन्यजीव अभयारण्य का पता लगाने देगी.
कुनो नदी एक शांत और प्राचीन नदी है जो कुनो-पालपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को उत्तर और दक्षिण में विभाजित करती है. यह नदी साफ और ठंडे पानी से भरी हुई है जो इस जगह की सुंदरता को और बढ़ा देती है.इसके चारों ओर बहुत सारी वनस्पतियां देखी जा सकती हैं जो यहां आराम करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए आती हैं. यह नदी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में लाइफ लाइन की तरह है और प्रकृति के सुंदर व्यू दिखाई देता है.
हवाई मार्ग से: कुनो-पालपुर पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा ग्वालियर हवाई अड्डा है जो 206 किमी की दूरी पर स्थित है. यह हवाई अड्डा भारत के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. हवाई अड्डे से किराये की कारें आसानी से उपलब्ध हैं जो आपको कुनो-पालपुर ले जाएंगी.
ट्रेन से: कुनो-पालपुर पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन ग्वालियर रेलवे स्टेशन से कई किराये की कारें आसानी से उपलब्ध हैं जो आपको कुनो-पालपुर तक ले जाएंगी.
सड़क मार्ग से: कुनो-पालपुर ग्वालियर से 196 किमी की दूरी पर स्थित है. आप या तो एक कार किराए पर ले सकते हैं या अपनी कार ले सकते हैं जगह पर की प्राकृतिक सुंदरता का मजा ले सकते हैं. ग्वालियर से नियमित अंतराल पर कई बसें भी चलती हैं जो आपको कुनो-पालपुर तक ले जाएंगी.
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