Beating Retreat Ceremony
Beating Retreat Ceremony: हर साल गणतंत्र दिवस के बाद बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी कार्यक्रम का आयोजन होता है. कार्यक्रम में सेना राष्ट्रपति को नेशनल सैल्यूट देती है. आज हम आपको बताएंगे कि बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी कार्यक्रम क्या होता है, इसे क्यों मनाया जाता, इस सेरेमनी की शुरुआत कब हुई और इसका क्या इतिहास है.
इस सेरेमनी का सबसे कार्यक्रम नई दिल्ली में होता है. इस समारोह में ध्वजारोहण होने के बाद विशेष रूप परेड की जाती है, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सैना शक्ति का जोरदार प्रदर्शन किया जाता है. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति बतौर चीफ गेस्ट शामिल होते हैं. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति और चीफ गेस्ट के आते ही कार्यक्रम का उन्हें नेशनल सैल्यूट दिया जाता है.
मूल रूप से ‘वॉच सेटिंग’ के नाम से जाना जाने वाला बीटिंग रिट्रीट समारोह 17वीं सदी के इंग्लैंड से शुरू हुआ, जब राजा जेम्स द्वितीय ने अपने सैनिकों को युद्ध के दिन की समाप्ति की घोषणा करने के लिए ड्रम बजाने, झंडे झुकाने और परेड आयोजित करने का आदेश दिया था.
बीटिंग रिट्रीट समारोह भारत में पहली बार 1950 के दशक में किया गया था जब भारत को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप पहली बार भारत आए थे.
बीटिंग रिट्रीट समारोह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियार बंद कर देते थे और युद्ध के मैदान से हट जाते थे और रिट्रीट की ध्वनि के साथ सूर्यास्त के समय शिविरों में लौट आते थे. रंग और मानक खोल दिए जाते हैं और झंडे उतार दिए जाते हैं. यह समारोह बीते समय के प्रति पुरानी यादें ताजा करता है। भारत में बीटिंग रिट्रीट समारोह एक सैन्य समारोह है जो आधिकारिक तौर पर गणतंत्र दिवस उत्सव के अंत का प्रतीक है.
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हर साल 29 जनवरी को कर्तव्य पथ पर ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह चार दिवसीय गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है. बीटिंग रिट्रीट समारोह भारत राष्ट्रीय गौरव की एक घटना के रूप में उभरा है जब रंगों और मानकों की परेड की जाती है.
1. बीटिंग रिट्रीट 2024 की टिकट बुक करने के लिए आपको सराकार की आधिकारिक वेबासाइट www.aamantran.mod.gov.in पर जाना होगा.
2. वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और ई-मेल और आवश्यक विवरण दर्ज कर खुद को रजिस्टर करना है.
3. मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर सबमिट पर क्लिक करें.
4. इसके बाद नए खुले पेज पर अपने पसंदीदा इवेंट यानी बीटिंग रिट्रीट पर क्लिक करें.
5. इवेंट का चुनाव करने के बाद टिकट शुल्क का भुगतान करें.
6. स्क्रीन पर खुली टिकट को डाउनलोड करें और कार्यक्रम का मजा लें.
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बता दें कि गणतंत्र दिवस के साथ अन्य कार्यक्रमों की टिकट ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी ली जा सकती है. ऑफलाइन टिकट लेने के लिए आपको भारत पर्यटन विकास निगम (आईडीटीसी) के यात्रा काउंटर, दिल्ली पर्यटन विकास निगम (डीटीडीसी) के काउंटर पर जाना है और मोबाइल नंबर, ईमेल और नाम आदि की जानकारी प्रदान करते हुए एक फॉर्म भरना होगा, इस फॉर्म में बीटिंग रिट्रीट या अन्य कार्यक्रमों का चयन करके सबमिट करना है और टिकट शुल्क का भुगतान करना है। इसके बाद आपको यहां काउंटर से अपनी टिकट मिल जाएगी. इसके माध्यम से आप 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट का आनंद उठा सकेंगे.
बीटिंग रिट्रीट 2023 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न || Beating Retreat 2023 FAQ
1. बीटिंग रिट्रीट 2023 क्या है?
उत्तर. बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी 2023 हर साल 29 जनवरी को आयोजित होने वाला कार्यक्रम है और यह गणतंत्र दिवस समारोह के अंत का प्रतीक है.
2. बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का क्या अर्थ है?
उत्तर. बीटिंग रिट्रीट समारोह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियार बंद कर देते थे और युद्ध के मैदान से हट जाते थे और रिट्रीट की ध्वनि के साथ सूर्यास्त के समय शिविरों में लौट आते थे,
3. बीटिंग रिट्रीट समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है?
उत्तर. भारत के रक्षा मंत्रालय में अनुभाग डी को बीटिंग रिट्रीट समारोह आयोजित करने का काम सौंपा गया है.
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