Ghaziabad Junction Railway Station history and facts
Ghaziabad Junction Railway Station history : दिल्ली से सटे गाजियाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन से हर रोज सैंकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं, हजारों मुसाफिर इन ट्रेनों में बैठकर अपने गंतव्य स्थल तक जाते हैं, हजारों इस स्टेशन पर उतरते भी हैं. हालांकि इनमें से चुनिंदा ही ऐसे होंगे जिन्हें गाजियाबाद रेलवे स्टेशन का इतिहास (Ghaziabad Junction Railway Station History) भी पता होगा.
दोस्तों, आज इस लेख में हम आपको गाजियाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन का इतिहास बताने जा रहे हैं…. आखिर गाजियाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन कब बनकर तैयार हुआ? (When was Ghaziabad Junction railway station completed?) इस स्टेशन पर इलेक्ट्रिक लाइन से कब जोड़ा गया? (When was Ghaziabad Junction railway station connected to the electric line?) ऐसी ही जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी…
गाजियाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन का स्टेशन कोड (Ghaziabad Junction railway station station code):- GZB है. गाजियाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन हावड़ा-दिल्ली मेन रेल रूट (Howrah-Delhi Main Rail Route) पर कानपुर-दिल्ली सेक्शन (Kanpur-Delhi Rail section), हावड़ा-गया-दिल्ली लाइन (Howrah-Gaya-Delhi Rail Line) और नई दिल्ली-बरेली-लखनऊ लाइन (New Delhi-Bareilly-Lucknow Rail Line) पर है. यहां से मेरठ, हरिद्वार, रुढ़की के लिए भी ट्रेन जाती और वहां से आती हैं. यह भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित है.
1866 में ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी (East Indian Railway Company) की हावड़ा-दिल्ली लाइन (Howrah-Delhi Line) पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ था. मेरठ और दिल्ली के बीच रेलवे लाइन का निर्माण 1864 में हुआ था. 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने इस रेल लाइन पर तेजी से काम किया, वजह थी मेरठ में विद्रोह का केंद्र होना.
सिंध, पंजाब और दिल्ली रेलवे ने 1870 में मुल्तान (अब पाकिस्तान में) को दिल्ली से जोड़ने वाली 483 किलोमीटर लंबी (300 मील) अमृतसर-अंबाला-सहारनपुर-गाजियाबाद लाइन (Amritsar-Ambala-Saharanpur-Ghaziabad Rail Line) पूरी की. गाजियाबाद-मुरादाबाद लिंक (Ghaziabad-Moradabad Rail link) को अवध और रोहिलखंड रेलवे (Rohilkhand Railway) द्वारा 1900 में बनाया गया था.
टुंडला-अलीगढ़-गाजियाबाद सेक्टर को 1975-76 में और गाजियाबाद-निजामुद्दीन-नई दिल्ली-दिल्ली सेक्टर (Ghaziabad-Nizamuddin-New Delhi-Delhi Rail Sector) को 1976-77 में इलेक्ट्रीफाइड किया गया था.
140 किलोमीटर लंबी (87 मील) गाजियाबाद-मुरादाबाद लाइन (Ghaziabad-Moradabad Rail Line) जनवरी 2016 में पूरी तरह से इलेक्ट्रीफाइड हो गई थी. मार्च 2016 से गाजियाबाद-मेरठ-मुजफ्फरनगर-सहारनपुर-रुड़की-हरिद्वार लाइन (Ghaziabad-Meerut-Muzaffarnagar-Saharanpur-Roorkee-Haridwar Rail Line) भी इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए तैयार हो गई थी.
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