Travel News

22 साल का युवक साइकिल से पहुंचा केदारनाथ

Kedarnath-22 वर्षीय मोहित चौधरी ने अपने हौंसले एवं पक्के इरादों के बल पर केदारनाथ तक साइकिल से पहुंचे और भगवान शिव के दर्शन करके वापस लौट आएं हैं. मोहित की भगवान शिव के प्रति आस्था ऐसी कि उन्हें कठिनाइयों से भरे रास्ते भी आसान लग रहे थे.

मोहित बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा देने के बाद 31 अक्टूबर को फरीदाबाद से केदारनाथ के लिए सुबह पांच बजे रवाना हुए थे. प्रतिदिन 100 किलोमीटर से ज्यादा साइकिल चलाने के बाद वह चार नवंबर को केदारनाथ के कपाट तक पहुंच गए थे. बुधवार रात भगवान शिव के दर्शन करने के बाद अब वह वापस फरीदाबाद लौट रहे हैं. मोहित ने बताया कि वह अपने साथ टेंट भी ले गए हैं. सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक साइकिल चलाते हैं और इसके बाद वह अपने टेंट लगाकर आराम करते हैं. वह तीन नवंबर को गौरीकुंड तक पहुंच गए थे.

Char Dham Yatra – क्या है Gangotri, Yamunotri, Kedarnath, Badrinath की पौराणिक कथा!

केदारनाथ की चढ़ाई शुरू करने से पूर्व पुलिस वाले साइकिल नहीं ले जाने दे रहे थे. उनके मजबूत इरादों देखकर पुलिस वालों साइकिल ले जाने की अनुमति दे दी. केदारनाथ की चढ़ाई के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ा. उबड़-खाबड़ एवं पहाड़ी रास्ते पर साइकिल चलाने में परेशानी आ रही थी. वहीं सीढ़ियां होने पर साइकिल पर अपने कंधे पर रखकर चढ़ाई की और चार अक्टूबर की शाम को केदारनाथ मंदिर पर पहुंच गए और देर दर्शन करके वापस लौट रहे हैं.

Inspired in NCC

मोहित ने बताया कि वह डीएवी कालेज के छात्र हैं और प्रथम वर्ष में एनसीसी ली थी और वह दो वर्ष कर्नाटक में हुए नेशनल नौ सैनिक कैंप में स्वर्ण पदक भी जीत चुके हैं और वहीं से ही साइकिल चलाने का शौक लगा. समय बितने के साथ यह शौक जुनून बन गया.मोहित जैसे नव युवा मोटरसाइकिल से कालेज आने में अपनी शान समझते हैं. वहीं मोहित को साइकिल से ही कालेज आना पसंद हैं. मोहित अभी हाल ही में पंजाब द साइकलिस्ट ग्रुप द्वारा आयोजित आनलाइन प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है. करीब एक महीने में मोहित आठ हजार किलोमीटर साइकिल चलाई थी और उन्हें प्रथम पुरस्कार के रूप में 11 हजार रुपये मिले थे.

Char Dham जाएं तो Kedarnath Dham के आसपास यहां जरूर जाएं, ये है Full Travel Guide

माेहित ने बताया कि वह वर्ष 2018 में ग्रीष्म अवकाश मनाने के लिए मसूरी साइकिल से गए थे और एक सप्ताह छुट्टी मनाने के बाद साइकिल से ही वापस लौटे थे. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और केदारनाथ साइकिल से जाने का दृढ़ संकल्प लिया था.

Recent Posts

Tawang से Zemithang की यात्रा: झीलों, गोम्पा और बर्फीली वादियों के बीच यादगार सफर

दोस्तों, कैसे हैं आप सभी? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे Tawang से Zemithang गांव… Read More

2 days ago

Monsoon Diet: बारिश के मौसम में इन सब्जियों से रहें दूर, वरना बिगड़ सकती है सेहत!

Monsoon Diet मानसून में कुछ सब्जियां खाने से Food Poisoning और पेट के संक्रमण का… Read More

2 days ago

Sawan 2026 Date: सावन कब से शुरू होगा? जानें शुरुआत और समाप्ति की तारीख और शिवरात्रि की पूरी जानकारी

Sawan 2026 Date: जानें सावन 2026 कब से कब तक रहेगा। पढ़ें सावन सोमवार (Shravan… Read More

5 days ago

Jagannath Rath Yatra 2026: जानिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथों का आध्यात्मिक महत्व

Jagannath Rath Yatra 2026: जानिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथों का आध्यात्मिक… Read More

1 week ago

Nuranang Waterfall in Tawang: तवांग का सबसे खूबसूरत झरना, जहां प्रकृति और इतिहास दोनों बसते हैं!

Nuranang Waterfall (Jang Falls) in Tawang: जानिए नूरानंग वॉटरफॉल का इतिहास, 1962 भारत-चीन युद्ध से… Read More

2 weeks ago

Tilak Benefits : क्या तिलक लगाने की सही विधि बदल सकती है आपकी ऊर्जा? जानिए हर उंगली का धार्मिक महत्व

Tilak Benefits: क्या अलग-अलग उंगलियों से तिलक लगाने का अलग महत्व होता है? जानिए धार्मिक… Read More

2 weeks ago