baba ka dhaba couples unique love story
baba ka dhaba-दिल्ली के मालवीय नगर में रहने वाले एक बुजुर्ग कपल के वायरल वीडियो ने उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी है. वीडियो में बुजुर्ग कपल की दर्दनाक कहानी थी, जिनका ढाबा लॉकडाउन के कारण ठप पड़ा था और वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. मगर वीडियो वायरल होने के एक दिन बाद ही जिंदगी से निराश कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. दिल्लीवासियों ने बुजुर्ग कपल की मदद के लिए 2 लाख से ज्यादा की डोनेशन दी है. इसके साथ ही बुजुर्ग कपल का ढाबा भी चल पड़ा है
दरअसल, मालवीय नगर में ‘बाबा का ढाबा’ चलाने वाले बुजुर्ग का नाम कांता प्रसाद है और पत्नी का नाम बादामी देवी है. ये दोनों कई सालों से मालवीय नगर में अपनी छोटी सी दुकान लगाते हैं. दोनों की उम्र 80 वर्ष से ज्यादा है. कांता प्रसाद बताते हैं कि उनके दो बेटे और एक बेटी है. लेकिन तीनों में से कोई उनकी मदद नहीं करता है. एक शख्स ने जब उनकी तकलीफ का वीडियो लोगों के सामने रखा तो उनके जीवन में कुछ ही पल में खुशहाली लौट आई. आलम यह है कि गुमनाम जिंदगी जीने वाले बुजुर्ग कपल की जिंदगी से जुड़ी आज हर छोटी बड़ी घटना को लोग जानना चाहते है. बता दें कि बुजुर्ग कपल की जिंदगी बेहद दिलचस्प है. दोनोंं के जीवन में काफी उतार-चढ़ाव देखा है.
Baba ka Dhaba : पोस्टर-बैनर से ढका ढाबा, बस नहीं दिख रहे बाबा
कांता प्रसाद बताते हैं, जब उनकी शादी हुई तो वह 5 साल के थे और उनकी पत्नी बादामी देवी मात्र 3 साल की थीं. उस दौर में अंग्रेज गैर शादीशुदा महिलाओं का उत्पीड़न करते थे, इसलिए शादियां जल्दी करा दी जाती थीं. उन्होंने कहा, ‘मेरे पास कोई विकल्प नहीं था, मुझे इसे पसंद करना था और उसे भी मुझसे लगाव रखना था. यह एक ‘मोहर’ जैसा था, हम पर सिर्फ 5 साल की उम्र में एक साथ रहने का स्टाम्प लग गया था. 1961 में उसके परिवार वालों ने उसे मुझे सौंप दिया, मैं बहुत खुश था और उसे घर लेकर आया. हम 21 साल की उम्र में बेहतर अवसरों की आशा में उत्तर प्रदेश से दिल्ली आए.’
Chardham Yatra -केदारनाथ जाना हुआ आसान, 17 साल में पहली बार हेलीकॉप्टर का किराया हुआ कम
कांता प्रसाद कहते हैं कि मैं 21 साल की उम्र में इस बात के सपने देखा करता था और बीते दिन मैंने अपने सपने को सच होते देखा. ईश्वर हमारी सुनता है, आज नहीं तो शायद 30, 40, 50 या मेरी तरह 80 साल की उम्र में. एक न एक दिन हमारा सपना सच होता ही है, मैं अब और जीना चाहता हूं. अपनी पत्नी को भी यूं ही मुस्कुराते देखना चाहता हूं. उसे बहुत जल्दी समझ आ गया कि कैमरे के सामने कैसे मुस्कुराना है, लेकिन मुझे समय लगा. अब हम अपनी दुकान पर जाना चाहते हैं, अमीरों की तरह दुकान पर किसी काम करने वाले को रखना चाहते हैं. फिर मैं अपनी पत्नी को पुराने दिनों की तरह चाय पिलाने के लिए लेकर जाऊंगा, यह सब देखकर ऐसा लगता है जैसे बस शुरुआत है.
Delhi के 10 जगहों पर मिलते हैं सबसे बेस्ट Food
दिल्ली की अपनी जिंदगी के बारे में वह बताते हैं, ‘हम यमुना किनारे रहा करते थे. फिर समय बीता और यहां आ गए. मैंने फल के ठेले से शुरुआत की थी. लेकिन जब बच्चे बड़े हुए तब मैंने कुछ बेहतर करने का सोचा और हमने ‘बाबा का ढाबा’ शुरू किया. हमारी शुरुआत बहुत धीमी हुई थी, हम बस ज़रूरत पूरी करने भर की कमाई कर पाते थे और यह सिलसिला लगभग 30 सालों तक चला. जब मैंने लोगों, नेताओं, अभिनेताओं और मशहूर लोगों की भीड़ देखी तब मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था.
कांता प्रसाद ने कहा कि जब बेटी पैदा हुई, तब हम आजमगढ़ से दिल्ली आ गए. शुरुआत में सब्जियां बेची और परिवार को पाला. हमने साल 1990 में ‘बाबा का ढाबा’ शुरू किया. बदामी सब्जियां काटती और मैं बनाता हूं.
Datia Railway Station : दतिया रेलवे स्टेशन मध्य प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है.… Read More
Siddheshwar Temple Jhansi सिद्धेश्वर मंदिर झांसी बुंदेलखंड का एक प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर है. आइए… Read More
Virangana Lakshmibai Jhansi Junction VGLJ Railway Station : झांसी के रेलवे स्टेशन की पूरी जानकारी… Read More
Republic Day 2026 : 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति… Read More
Jhansi Mein Ghumne ki 10 Jaghen: उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर झांसी में घूमने की… Read More
Basant Panchami 2026 : बसंत पंचमी 2026 कब है और इससे जुड़ी जानकारियां क्या क्या… Read More