Delhi-Meerut Rapid Rail : रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत दो तरह की ट्रेनें चलेंगी. पहली ट्रेन को रैपिड रेल कहा जाता है...
Delhi-Meerut Rapid Rail : गाजियाबाद में नेशनल कैपिटल क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा विकसित किया जा रहे देश के पहले रैपिड रेल नेटवर्क का काम तेजी से चल रहा है. यह एक हाईस्पीड क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली होगी जो दिल्ली में सराय काले खां से गाजियाबाद होते हुए उत्तर प्रदेश में मेरठ तक चलाई जाएगी…
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत दो तरह की ट्रेनें चलेंगी. पहली ट्रेन को रैपिड रेल कहा जाता है और यह मोदीपुरम से बेगमपुर परतापुर होते हुए दिल्ली के सराय काले खां तक चलेगी. दूसरे को मेरठ मेट्रो कहा जाएगा और यह मोदीपुरम से बेगमपुल होते हुए परतापुर तक चलेगी.
हर 10 मिनट की अवधि पर रैपिड रेल चलेंगी. ट्रेनों की संख्या 30 तक होगी.ये ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी और दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी सिर्फ 55 मिनट में तय करेंगी.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम मेरठ में दो किलोमीटर लंबी समानांतर सुरंगों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. सुरंग खोदने वाली मशीन शाफ्ट जल्द ही मेरठ सेंट्रल स्टेशन पहुंच जाएगी. एनसीआरटीसी ने अब तक 1100 मीटर सुरंग खोदने का काम पूरा कर लिया है और भंसाली-बेगमपुल खंड को विकसित कर रहा है.
NCRTC की वेबसाइट के अनुसार, एजेंसी का मकसद कई एनसीआर शहरों की यात्रा करने वाले लोगों के लिए समर्पित, हाई स्पीड और आरामदायक रेल सेवा तैयार करना है. मेट्रो और इन ट्रेनों में अंतर यह होगा कि इन लाइनों पर कम स्टेशन होंगे और ट्रांजिट की गति 160 किमी प्रति घंटे तक होगी.
ये ट्रेनें करीब 45-50 मिनट में 100 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगी. दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी लगभग 75 किमी है. सिस्टम अंतिम-मील कनेक्टिविटी ऑप्शन भी प्रदान करेगा. एजेंसी सिस्टम में रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, हवाई अड्डों और मेट्रो स्टेशनों को एकीकृत करेगी.
एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद आरआरटीएस दैनिक आधार पर अनुमानित आठ लाख यात्रियों को इसके जरिए सेवा देगा.गाजियाबाद एकमात्र आरआरटीएस स्टेशन होगा जो यूपी सरकार के अधिकार क्षेत्र में होगा. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद स्टेशन में पांच एंट्री और एक्जिट प्वाइंट होंगे.
इसी तरह, दिल्ली में सराय काले खां में भी पांच प्रवेश-निकास बिंदु होंगे. पूरी लाइन पर कुल 25 स्टेशन होंगे. मेरठ और दुहाई स्टेशनों पर चार प्रवेश-निकास बिंदु होंगे. प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम 2 प्रवेश-निकास बिंदु होंगे. मार्च 2023 में रैपिड ट्रेन का परिचालन शुरू होना है. वहीं 2025 तक पूरी तरह से परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
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