Mathura Ropeway
Mathura Ropeway : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर बरसाना में रोपवे और यमुना क्रूज सहित 583 करोड़ रुपये की 137 परियोजनाओं और योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. उत्तर प्रदेश व्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव 25 अगस्त की शाम को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मथुरा में शुरू होगा. उन्होंने बताया कि उसी शाम पांच बड़े मंचों, 19 छोटे मंचों और विभिन्न क्षेत्रों में 20 महत्वपूर्ण मार्गों पर जन्माष्टमी महोत्सव से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
आपको बता दें इस रोप-वे के शुरू होने पर राधारानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को तकरीबन 600 फीट ऊंचे पर्वत पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़ने की मजबूरी से मुक्ति मिल जाएगी और वे रोप-वे में स्थापित किए पेण्डोला में बैठकर आसानी से कुछ ही पलों में मंदिर तक पहुंच सकेंगे.
अगर कोई यात्री केवल एक तरफ के लिए ही रोप-वे का इस्तेमाल करता है तो उसे 60 रुपये देने होंगे. पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चे के लिए भी टिकट खरीदना होगा.रोप-वे का एक तरफ से 60 और दोनों तरफ का सौ रुपये किराया रखा गया है। राधारानी रोप-वे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए 210 मीटर लंबे और 50 मीटर ऊंचे रोप-वे में 12 ट्राली लगाई गई हैं.
हर एक ट्राली में छह श्रद्धालु बैठ सकेंगे. एक घंटे में 72 श्रद्धालु राधारानी के दर्शन करने जा सकेंगे. रोप-वे के लिए दो स्टेशन का बनाया गया है. अपर व लोअर स्टेशन पर टिकट काउंटर होगा. प्रति यात्री आने-जाने के लिए सौ रुपये खर्च करने होंगे. 15.87 करोड़ रुपये की लागत वाली बरसाना रोपवे परियोजना में 12 ट्रॉलियां हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता एक घंटे में 500 से अधिक लोगों को ले जाने की है.अधिकारियों ने बताया कि किसी भी कोई भी घटना से बचने के लिए ट्रॉलियों के संचालन के दौरान बचाव दल स्टैंडबाय पर रहेंगे. यह रोपवे 32 मिनट में वैष्णो देवी मंदिर से दारुल पार्किंग तक टूरिस्ट को ले जाएगा. यह प्रोजेक्ट बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन प्रेम मंदिर, सी सहित आठ स्टेशनों को कवर करेगी.
मथुरा, जिसे भगवान कृष्ण की जन्मभूमि (या जन्मस्थान) के रूप में भी जाना जाता है, ब्रज भूमि का केंद्र है. यह दिल्ली के दक्षिण-पूर्व में 145 किमी की दूरी पर और आगरा के उत्तर-पश्चिम में लगभग 58 किमी की दूरी पर स्थित है. यह जिला लगभग 3,800 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है. मथुरा भारत में हिंदुओं के सात पवित्र स्थानों में से एक के रूप में फेमस है. मथुरा की फेमस ब्रजभूमि दो अलग-अलग इकाइयों में विभाजित है. एक यमुना के पूर्वी भाग में है, जिसमें गोकुल, महावन, बलदेव, मट और बाजना जैसे स्थान हैं; जबकि यमुना का पश्चिमी भाग पूरे मथुरा क्षेत्र को कवर करता है जिसमें वृंदावन, गोवर्धन, कुसुम सरोवर, बरसाना और नंदगांव शामिल हैं.
फ्लाइट से कैसे पहुंचे मथुरा || How to reach Mathura by flight
मथुरा के बजाय आप नियमित आधार पर खेरिया हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर सकते हैं.
मथुरा 46 किमी दूर खेरिया एयरपोर्ट (AGR), आगरा, उत्तर प्रदेश
मथुरा 136 किमी दूर
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (DEL), नई दिल्ली, दिल्ली
ट्रेन से कैसे पहुंचे मथुरा || How to reach Mathura by Train
देश के अन्य प्रमुख शहरों से मथुरा के लिए नियमित ट्रेनें हैं।
रेलवे स्टेशन: मथुरा जंक्शन (MTJ), मथुरा कैंट (MRT)
बस से कैसे पहुंचे || How to reach Mathura by Bus
मथुरा नियमित बसों के माध्यम से देश के अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.
बस स्टेशन: मथुरा
मथुरा के प्रमुख आकर्षणों में श्री कृष्ण जन्म भूमि, जामा मस्जिद, विश्राम घाट, द्वारकाधीश मंदिर, गीता मंदिर और सरकारी म्यूजियम शामिल हैं. यदि आपके मन में मथुरा पहुंचने के बारे में कोई सवाल है, तो आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह जगह अच्छी कनेक्टिविटी वाली है. मथुरा का नजदीकी हवाई अड्डा आगरा में है, जो इस स्थान से लगभग 57.9 किमी दूर है. मथुरा एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जो नियमित आधार पर दिल्ली और आगरा के बीच चलने वाली कई ट्रेनों से जुड़ा हुआ है. मथुरा नोएडा-आगरा एक्सप्रेस वे के माध्यम से नई दिल्ली से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. यह एक्सप्रेस वे एक बेहतरीन यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए जाना जाता है. , आप अपने होटल के कमरे ऑनलाइन बुक कर सकते हैं क्योंकि इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं.
मथुरा में विभिन्न आकर्षण हैं: श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर, घाट, गीता मंदिर, विश्राम घाट, जामा मस्जिद, गोवर्धन पहाड़ी, सरकारी म्यूजियम, द्वारकाधीश मंदिर, राजा भरतपुर का महल, केशवदेव मंदिर, जन्मस्थान आदि.
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