Matheran भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन

Matheran hill station : भारत अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। विदेशी पर्यटक भी भारत की खूबसूरती के कायल हैं। और घूमने के लिए सबसे अच्छा मौसम मानसून का ही माना जाता है। इस मौसम में बारिश और हवाओं का मज़ा घूमने-फिरने में चार चांद लगा देता है।

माथेरान भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन

महाराष्ट्र में माथेरान एक बेहद खूबसूरत और सबसे छोटा हिल स्टेशन माना जाता है। ये लगभग 2650 फीट की ऊंचाई पर बसा है यह टूरिस्ट स्पॉट पश्चिमी घाट शृंखला के पहाड़ी क्षेत्र में बसा है। ये हिल स्टेशन भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन माना जाता है। माथेरान पर दस्तूरी नाका से आगे गाड़ियों के जाने पर पाबंदी है। माथेरान में 28 व्यू प्वाइंट, दो झीलें और दो पार्क हैं। यहां के सारे व्यू प्वाइंट का मजा लेने के लिए दो-तीन दिन का समय लग जाता है।

Ved vyas ने जहां लिखी महाभारत, उस गुफा तक का सफर कीजिए, यहीं है देश का आखिरी गांव

कहां स्थित है ये माथेरान हिल स्टेशन

ये महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है। ये दुनिया की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है। जहां खतरनाक रास्ते होने के वजह से यहां पर किसी भी किस्म की गाड़ियां ले जाने पर सख्त प्रतिबंध है। पर्यटकों को यहां घूमने के लिए ट्वॉय ट्रेन से जाना पड़ता है। क्योंकि यहां पर किसी भी प्रकार का वाहन ले जाना मना है। ये ट्रेन ऊंचे पहाड़ों के किनारे बेहद कठिन रास्तों से होकर गुजरती है।

माथेरान एक शांत प्रिय हिल स्टेशन

माथेरान को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र भी घोषित किया जा चुका है। इस वजह से यहां गाड़ियों को नहीं ले जाया जा सकता है। वाहन पर बैन होने के कारण यहां आप शांति का अनुभव करेंगे। यहां आपको शोर नहीं मिलेगा।

खत्म हो रही है वो Indian Tribe, जहाँ है बीवियां बदलने का रिवाज़

 

यहां लें ट्वाय ट्रेन का मज़ा

माथेरान पहुंचने के लिए मुंबई के करीब नेरूल जंक्शन से दो फुट चौड़ी नैरो गेज लाईन पर चलनेवाली एक ट्वॉय-ट्रेन चलती है। ये ट्वाय ट्रेन यहां घूमने के लिए सबसे बेहतर विकल्प है। जो करीब इक्कीस किमी का सफर तय करके सैलानियों को माथेरान बाजार के बीच स्थित रेलवे स्टेशन तक पहुंचाती है। ये ट्वॉय ट्रेन देश के सबसे घुमावदार रेल पथ पर चलती है। इस ट्वाय ट्रेन का ग्रेडियंट 1:20 है।

यहां जायें तो कहाँ-कहाँ घूमें

वैसे यहां देखने और घूमने के लिए 20 से ज्यादा व्यू प्वाइंट, झीलें और पार्क भी हैं। जिनमें मंकी प्वाइंट, इको प्वाइंट, मनोरमा प्वाइंट, सनराइज और सनसेट प्वाइंट प्रमुख हैं। लिटिल चॉक और चॉक पॉइण्ट से नवी मुंबई की ओर के बेहद खूबसूरत और आकर्षक नजारों का लुत्फ लिया जा सकता है।

ऐसा हिल स्टेशन जो है प्रदूषण मुक्त

महाराष्ट्र का खूबसूरत और सबसे छोटा हिल-स्टेशन माथेरान जहां पर किसी भी प्रकार का वाहन ले जाना निषेध है। यही इसका सबसे बड़ा कारण है कि ये प्रदूषण मुक्त हिल स्टेशन बन गया। इस तरह र्फ माथेरान ना सिर्फ्फ़ एक प्रदूषणरहित बल्कि अपने आपमें विशेष और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है।

कैसे पहुँचे माथेरान

रेल यात्रा द्वारा ऐसे पहुँचे

अगर आप ट्रेन से सफर कर रहे हैं तो नेरल स्टेशन माथेरान से सबसे नजदीक है। इनके बीच की दूरी लगभग 21 किलोमीटर की है। इसके बाद आप मुंबई और पुणे पहुंचने पर यहां से आप डेक्कन एक्सप्रेस या सहयाद्री एक्सप्रेस में टिकट बुक करवा सकते हैं। ये नेरल तक जाती हैं। नेरल से आप सड़क मार्ग के जरिए करीब आधे घंटे में माथेरान आसानी से पहुंच सकते हैं।

हवाई यात्रा द्वारा ऐसे पहुँचे

माथेरान के सबसे नजदीक के एयरपोर्ट मुंबई (100 किलोमीटर) और पुणे (120 किलोमीटर) पर हैं। इन एयरपोर्ट्स से आप बस या टैक्सी बुक कर भी सीधे माथेरान जा सकते हैं। यहां पर वाहन बैन होने के कारण आपको शहर से करीब 2.5 किलोमीटर बाहर ही उतरना पड़ेगा। वहां से आप घोड़े की सवारी करके या फ़िर रिक्शा के जरिए भी आप माथेरान घूम सकते हैं।

सड़क मार्ग द्वारा कैसे पहुँचे

माथेरान जाने के लिए आप मुंबई या फ़िर पुणे से स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस ले सकते हैं। अगर आप माथेरान घूमने के लिए खुद की कार ले जाना चाहते हैं तो ये भी अच्छा ऑप्शन है। लेकिन एक बात जो ध्यान देने वाली है वो है ये की आपको अपनी गाड़ी दस्तूरी पॉइंट पर पार्क करनी पड़ेगी। इसके बाद ही आप यहां से शहर के अंदर जा सकते हैं।

Anchal Shukla

मैं आँचल शुक्ला कानपुर में पली बढ़ी हूं। AKTU लखनऊ से 2018 में MBA की पढ़ाई पूरी की। लिखना मेरी आदतों में वैसी शामिल है। वैसे तो जीवन के लिए पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद्दारी और ईमानदारी से बढ़कर नहीं। वो क्या है किमैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखती हूँ,मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहज़े याद रखती हूँ,ज़रा सा हट के चलती हूँ ज़माने की रवायत से,जो सहारा देते हैं वो कंधे हमेशा याद रखती हूँ।कुछ पंक्तिया जो दिल के बेहद करीब हैं।"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोयेऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये"