Saputara Hill Station : Gujarat का एक मात्र Hill Station

Saputara Hill Station : बात करें सापुतारा की तो इसका शाब्दिक अर्थ है ‘सापों का घर’, और आपको जानकर ये आश्चर्य होगा कि यहां की सर्पगन नदी के पास सांप देवता का एक छोटा सा स्थल स्थित है। इस स्थल की पूजा यहां के आदिवासी लोग करते हैं। सापुतारा गुजरात का सुंदर हिल स्टेशन होने के साथ ही साथ एक अच्छा शहर भी है।

जानिए गुजरात स्थित सापुतारा हिल स्टेशन के बारे में ( Do know about Saputara Hill Station of Gujarat )

सापुतारा डांग जिले में स्थित है। ये शानदार हिल स्टेशन सह्याद्री सीमा और डांग वन के साथ समुद्र तल से लगभग 873 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

भगवान राम वनवास के दौरान 11 साल सापुतारा में रहे ( Lord Ram lived in Saputara for 11 years during exile )

इस स्थान का महत्व धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्‍यता है कि भगवान राम ने अपने वनवास काल में से 11 साल सापुतारा में ही बिताए थे। सापुतारा के विषय में काफी कम लोगों को ही जानकारी है। इसीलिए ये स्थान भारत के अज्ञात स्थलों के नामों में भी गिना जाता है। कई लोग अभी भी इन स्थान को लेकर अनभिज्ञ हैं।

 

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सापुतारा गुजरात का एक मात्र हिल स्टेशन ( Saputara the only hill station Gujarat )

सापुतारा गुजरात स्थित वहाँ का एक मात्र हिल स्टेशन है। इस हिल स्टेशन पर पर्यटक अपने परिवार वालों के साथ आरामदायक छुट्टियां बिताने के लिए आते हैं। यहां के सुंदर जलप्रपात, हरियाली, छोटी पहाड़ियां और खुशनुमा मौसम आपकी ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देंगें। यहां आने के बाद आप एक अच्छा अनुभव प्राप्त करेंगें।

आदिवासियों का क्षेत्र सापुतारा ( Saputara area of Tribesman )

सापुतारा आदिवासी क्षेत्रों में आता है। यहां की टीक और बांस के पेड़ों से भरी वन संपदा कभी अंग्रेजों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हुआ करती थी। एक समय पर ब्रिटिश हुकूमत इन जंगलों पर अपना आधिपत्य जमाना चाहती थी। लेकिन यहां रह रहे आदिवासी लोगों ने उनका ये सपना साकार नहीं होने दिया। ये जंगल मुख्यता घर है वर्ली, खुम्बी, भील और डांगी आदिवासी समाजों का। ऐसा मानना है कि आदिवासी यहाँ 8वीं से 10वीं शताब्दी के दौरान आये थे तब से ये यहीं आकर बस गए। यहां रहने वाले सभी आदिवासी खुद को जंगल पुत्र कहते हैं। इसी कारण उन्हें इन जँगलों से बेहद स्नेह है। इन आदिवासियों के वाद्य यंत्र बांस के बने होते हैं। इनके लोक नृत्यों में बांस के बने मुखौटों का प्रयोग भी किया जाता है। ये अपने शरीर पर टैटू बनवाते हैं जिसमें पेड़ों की आकृति देखने को मिलती है।

सापुतारा का सूर्यास्त प्वाइंट आकर्षण का केंद्र ( Saputara sunset point )

सापुतारा में सूर्यास्त प्वाइंट गांधी शिखर के नाम से  भी जाना जाता है और यहाँ आने वाले पर्यटक से सापूतारा हिल स्टेशन के एक लुभावने दृश्य का आनंद ले सकते हैं। शहर में ये सूर्यास्त बिन्दु आकर्षण का केंद्र माना जाता है।

सापुतारा झील का मनमोहक दृश्य ( Saputara lake )

सापुुतारा हिल स्टेशन अपने आप में एक आकर्षक और मनमोहक पर्यटन स्थल है। वहीं सापुतारा की झील इसकी खूबसूरती और भी बढ़ा देती है। सापुतारा झील एक शांत जलाशय बनाती है, जहां आप नाव की सवारी का आनंद भी ले सकते हैं। वहीं इसके चारों तरफ सुंदर हरियाली और शांत वातावरण यहां की रौनक और भी बढ़ा देता है।

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सापुतारा के आसपास के पर्यटन स्थल ( Places around Saputara )

सापुतारा के आसपास आपको और भी कई घूमने वाले स्थान देखने को मिलेगें जिनमें इको पॉइंट, गंधर्वपुर आर्टिस्ट गांव, गीरा फॉल्स, नागेश्वर महादेव मंदिर, रोज गार्डन, सापुतारा लेक, सापुतारा ट्राइबल म्यूजियम, स्टेप गार्डन, सनराइज पॉइंट, सनसेट पॉइंट और नैशनल पार्क जैसी जगहें मुख्य हैं।

कैसें करें सापुतारा कि यात्रा ( How to visit Saputara )

सापुतारा का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वघई है जोकि सापुतारा से करीबन 50 किमी की दूरी पर स्थित है । यहां पहुंचने के लिए नजदीकी हिल स्‍टेशन बड़ोदरा है। यहां से सापूतारा 280 किमी दूर स्थित है। वहीं सूरत से यहां सड़क मार्ग से आप आ सकते हैं। सूरत यहां से मात्र 164 किमी दूरी पर स्थित है।

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Anchal Shukla

मैं आँचल शुक्ला कानपुर में पली बढ़ी हूं। AKTU लखनऊ से 2018 में MBA की पढ़ाई पूरी की। लिखना मेरी आदतों में वैसी शामिल है। वैसे तो जीवन के लिए पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद्दारी और ईमानदारी से बढ़कर नहीं। वो क्या है किमैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखती हूँ,मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहज़े याद रखती हूँ,ज़रा सा हट के चलती हूँ ज़माने की रवायत से,जो सहारा देते हैं वो कंधे हमेशा याद रखती हूँ।कुछ पंक्तिया जो दिल के बेहद करीब हैं।"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोयेऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये"