Triund Trek- त्रियुंड ट्रैक हिमाचल में एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है. आइए जानते हैं इस ट्रेक के बारे में सबकुछ...
Triund Trek – हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां हमेशा से ही देश-विदेश के टूरिस्टों को अपनी ओर खींच ले जाती है. इन पर्यटकों कई ऐसे भी लोग होते हैं जिन्हें रोमांचक सफ़र का बहुत ज़्यादा शौक होता है. इन्हीं पर्यटकों के लिए त्रिउंड ट्रेक एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है जो दिल्ली और चंडीगढ़ से वीकेंड पर जाने के लिए सबसे फेमस ट्रेक में से एक है.
यह शायद अपने दम पर करने के लिए सबसे आसान हिमालयी ट्रेक है. कांगड़ा घाटी और बर्फ से ढकी पहाड़ो के खूबसूरत व्यू साथ यह बेहद मजेदार ट्रेक है.
हिमालय में ट्रेकिंग का परेशानी मुक्त स्वाद चाहने वालों के लिए त्रिउंड एक परफेक्ट जगह है. वीकेंड में ट्रेक आसानी से किया जा सकता है.
त्रिउंड का रास्ता छोटा है, लेकिन पहाड़ी खड़ी हैं. पगडंडियों के साथ जंगलों में कई पक्षी भी दिखाई देते हैं.
इसे एक आसान ट्रेक मानते हुए और धर्मशाला या मैकलियोडगंज से आसान पहुंच के साथ, बड़ी संख्या में ट्रेकर्स इस ट्रेक पर जाते हैं.
वीकेंड या छुट्टियों के मौसम में काफी भीड़ हो सकती है. सप्ताह के दिनों में इस ट्रेक की सुंदरता का अनुभव करना बेहतर है.
मैकलियोडगंज को छोटा ल्हासा भी कहा जाता है.
त्रिउंड ट्रेक का अधिकतर रास्ता आसान है. पूरे ट्रेक के दौरान आप ओक, पाइन और देवदार के विशाल और घने जंगलों में से गुजरते है.
घने जंगलों के अलावा आपको रास्ते मे धौलाधार पर्वत श्रृंखला और कांगड़ा घाटी के कभी न भूलने वाले व्यू भी दिखाई देते है.
वैसे तो त्रिउंड ट्रेक शुरुआती ट्रेकर्स के लिए अच्छी माना जाता है, लेकिन त्रिउंड ट्रेक एक एक्सपीरियंस ट्रैकर को भी निराश नहीं करता है.
अधिकांश एक्सपीरियंस ट्रैकर त्रिउंड ट्रेक पूरा करने के बाद लाहेश गुफा जो की ओर जाते हैं, जो समुद्रतल से 3500 मीटर (11482 फ़ीट) की ऊंचाई पर स्थित है, और इन्द्रहार पास भी जो की समुद्रतल से 4342 मीटर (14245 फ़ीट) की ऊंचाई पर स्थित है.
इसके अलावा कुछ एक्सपीरियंस ट्रैकर त्रिउंड ट्रेक के बाद लाका ग्लेशियर तक भी ट्रेक करना पसंद करते हैं. लाका ग्लेशियर की समुद्रतल से ऊंचाई 2895 मीटर (9500 फ़ीट) है.
त्रिउंड से लाहेश गुफा की दूरी लगभग 5-6 किलोमीटर है और उसके बाद अगर आप लाहेश गुफा से इन्द्रहार पास तक जाते हैं तो आपको 8-9 किलोमीटर तक और ट्रेक करना पड़ेगा.
रात के समय त्रिउंड टॉप से कांगड़ा घाटी के बेहद सुंदर व्यू दिखाई देते हैं. मैक्लियोडगंज, धर्मशाला और धर्मकोट में बहुत सारी एडवेंचर एजेंसीज त्रिउंड ट्रेक पूरा करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाते है.
मैक्लोडगंज और इसके आसपास स्थित लगभग सभी एजेंसी 1000/- रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से त्रिउंड ट्रेक का पूरा पैकेज देते है ( इस पैकज में कैंपिंग टेंट , रात का खाना और सुबह का नाश्ता शामिल होता है) .
त्रिउंड तक पहुंचने के दो रास्ते ट्रेकर्स के द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किए जाते है, पहला रास्ता मैक्लोडगंज में भागसूनाग मंदिर और भागसूनाग वॉटरफॉल होते हुए जाता है.
अगर आप भागसूनाग वॉटरफॉल होते हुए त्रिउंड जाना चाहते है तो आप को त्रिउंड तक लगभग 09 किलोमीटर तक ट्रेक करना होगा.
उसके अलावा दूसरा सबसे प्रसिद्ध रास्ता मैक्लोडगंज से 02 किलोमीटर दूर स्थित धर्मकोट से शुरू होता है.
धर्मकोट से त्रिउंड जाने वाले सभी ट्रैकर गालु देवी मंदिर होते हुए त्रिउंड ट्रेक की यात्रा करते है.
धर्मकोट से त्रिउंड को दूरी मात्र 07 किलोमीटर है. अधिकांश ट्रैकर मैक्लोडगंज से ही अपनी त्रिउंड की यात्रा शुरू करना पसंद करते है. लेकिन कुछ ट्रैकर अपने त्रिउंड ट्रेक की दूरी को कम करने के लिए अपने निजी वाहन या फिर टैक्सी के द्वारा धर्मकोट तक जाते हैं और उसके बाद त्रिउंड की अपनी यात्रा शुरू करते हैं.
त्रिउंड ट्रेक हिमालय के सबसे आसान ट्रेक में से एक माना जाता है.
अगर आप सुबह जल्दी धर्मकोट या फिर मैक्लियोडगंज से अपनी त्रिउंड की यात्रा शुरू करते है तो आप दोपहर तक त्रिउंड बड़ी आसानी से पहुंच सकते है और उसके बाद कुछ समय त्रिउंड के शिखर पर रुक कर आप उसी दिन वापस धर्मकोट या मैक्लियोडगंज पहुंच सकते हैं.
अगर आपको कैंपिंग का शौक है तो फिर आप दोपहर से पहले त्रिउंड की अपनी यात्रा शुरू करें तो आप शाम से पहले त्रिउंड के शिखर तक पहुंच सकते हैं.
शाम को त्रिउंड पहुंच कर आप पूरी रात त्रिउंड के शिखर पर कैंपिंग का मजा ले सकते हैं और उसके बाद अगले दिन नाश्ता करने के बाद आप त्रिउंड से वापस मैक्लियोडगंज या धर्मकोट की यात्रा शुरू कर सकते है.
आप त्रिउंड का ट्रेक मैक्लियोडगंज और धर्मकोट दोनों ही जगह से शुरू कर सकते हैं. मैक्लोडगंज से त्रिउंड की दूरी लगभग 09 किलोमीटर है, और धर्मकोट से त्रिउंड की दूरी 07 किलोमीटर है.
जितने भी ट्रैकर मैक्लोडगंज से अपनी त्रिउंड की यात्रा शुरू करते है उनके लिए सबसे पहला चेकपॉइंट भागसूनाग वाटरफॉल आता है.
और जो ट्रैकर धर्मकोट से अपनी त्रिउंड की यात्रा शुरू करते है उनका सबसे पहला चेकपॉइंट गालु देवी मंदिर आता है.
अगर आप कम समय में त्रिउंड ट्रेक पूरा करना चाहते हैं तो आप मैक्लियोडगंज से टैक्सी के द्वारा धर्मकोट तक जा सकते हैं.
त्रिउंड ट्रेक के लिए सबसे अच्छा समाज मार्च से लेकर दिसंबर तक माना जाता है. मानसून के मौसम के दौरान यहां पर ट्रैकिंग नहीं करना चाहिए पूरा रास्ता काफी फिसलन भरा हो जाता है.
इसके अलावा जनवरी और फरवरी के महीनों में भी त्रिउंड ट्रेक नहीं करना चाहिए. इस समय त्रिउंड पर बहुत भारी बर्फबारी होती है.
ट्रेकिंग शूज़: ट्रेक की दूरी लंबी है और आपको लंबी दूरी तक पैदल चलना होगा जिसके लिए आपको आरामदायक ट्रेकिंग शूज की आवश्यकता होगी.
बैकपैक (40-60 लीटर): मजबूत स्ट्रैप और सपोर्टिंग फ्रेम वाला बैकपैक. बैकपैक के लिए रेन कवर जरूरी है.
दो ट्रेक पैंट: इस ट्रेक के लिए एक जोड़ी पैंट पर्याप्त होनी चाहिए. लेकिन अगर एक जोड़ी गीली हो जाती है तो आप एक अतिरिक्त जोड़ी ले जा सकते हैं. एक जोड़ी पहनें और एक जोड़ी कैरी करें. डेनिम/जीन्स और शॉर्ट्स ट्रेकिंग के लिए सही नहीं हैं.
दो कॉलर वाली टी-शर्ट: हल्की, पूरी बाजू वाली टी-शर्ट कैरी करें जो गर्दन और बाहों पर सनबर्न से बचाती हैं. एक सामान्य गलती जो ट्रेकर्स करते हैं, वह है अक्सर अपनी टी-शर्ट को नहीं बदलना.
कितनी भी ठंड क्यों न हो, शरीर में बहुत पसीना आता है. कैंप स्थल पर पहुंचने के बाद नए कपड़े नहीं पहनने वाले ट्रेकर्स गीले कपड़ों के कारण बीमार पड़ जाते हैं और अक्सर अपना ट्रेक पूरा करने में असमर्थ होते हैं.
थर्मल : रात में पहनने के लिए थर्मल्स कैरी करें क्योंकि तापमान गिर जाता है और ऊपर से ठंड लग सकती है.
सनग्लास: सनग्लास स्नो ब्लाइंडनेस को रोकने के लिए है.
सन कैप: अधिक ऊंचाई पर सूर्य अधिक कठोर होता है इसलिए अपने चेहरे और गर्दन की सुरक्षा के लिए टोपी पहनें.
हाथ के दस्ताने: ऊन या ऊनी हाथ के दस्ताने की एक जोड़ी. वाटर प्रूफ/रेसिस्टेंट, विंडप्रूफ ग्लव्स की एक जोड़ी भी एक अच्छा विकल्प है.
जुराबें (1 जोड़ी): एक मोजे के अलावा, रात के लिए ऊनी मोजे की एक जोड़ी लें.
हेडलैम्प/एलईडी टॉर्च: अनिवार्य
कॉस्मेटिक: सनस्क्रीन, मॉइस्चराइजर, हल्का तौलिया, लिप बाम, टॉयलेट पेपर, टूथब्रश, टूथपेस्ट, हैंड सैनिटाइज़र.
दो पानी की बोतलें: 1 लीटर प्रत्येक
प्लास्टिक कवर: पैकिंग करते समय, चीजों को विभाजित करने के लिए प्लास्टिक बैग का उपयोग करें और गीले कपड़ों के लिए कुछ प्लास्टिक बैग ले जाएं.
दवाईयां
क्रोसिन- 10 गोलियां
एवोमिन (मोशन सिकनेस के मामले में) – 1 स्ट्रिप
कॉम्बिफ्लेम- हाफ स्ट्रिप
मांसपेशियों को आराम देने वाला – हाफ स्ट्रिप
डाइजीन- हाफ स्ट्रिप
एविल- 1 स्ट्रिप
ओआरएस- 6 पैक
घुटने की टोपी
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