Chole Bhature के लिए Delhi की Best 10 जगहें, जरूर चखें इनका स्वाद

नई दिल्ली. अगर आप भी दिल्‍ली घूमने जा रहे हैं और आपको अलग-अलग तरह के व्यंजन बहुत पसंद है तो कुछ खास जगहों के Chole Bhature छोले-भटूरे खाना न भूलें, वरना आपको लगेगा कि काफी कुछ मिस कर दिया। दिल्‍ली की इन खास जगहों पर मिलने वाले छोले-भटूरों का स्‍वाद बेहद लजीज है। जी हां, यहां छोले-भटूरों के साथ मसालेदार पिंडी छोले सर्व किए जाते हैं।

हालांकि आजकल पिंडी ही नहीं, कहीं काबुली तो कहीं पंजाबी छोलों के साथ भी भटूरे सर्व किए जाते हैं। मसालेदार छोले के साथ-साथ गर्म भठूरे का मिश्रण उत्तर भारतीयों पसंदीदा भोजन है। यह एक पंजाबी व्यंजन है। छोले भटूरे Chole Bhature को भारतीय मसालों का एक मिलावट वाला मिश्रण मिला है, जिसे उबले हुए छोले के साथ टमाटर और प्याज के मिश्रण में मिलाया जाता है। छोले भटूरे ने दुनिया भर में अपनी जगह और लोकप्रियता अर्जित की है।

दिल्ली को अपने दिल में छोले भटूरे के लिए एक विशेष स्थान मिला है। दिल्ली में कई स्थान हैं जहां आप छोले भठूरे का स्वाद ले सकते हैं। दिल्ली के हर इलाके में एक छोले-भटूरे Chole Bhature वाला होना चाहिए, हमने आपके लिए सबसे लोकप्रिय छोले भटूरे लिस्ट लेकर आएं हैं
हैं।

Lahori food: लाहौरी खाने का ज़ायका है जबर्दस्त, खाने के शौकीन हैं तो जरूर खाएं लाहौर के ये 16 व्यंजन

 सेंट्रल दिल्ली के सीता राम दीवान चंद (Sita Ram Diwan Chand of Central Delhi)

पहाड़गंज की चूना मंडी इलाके में बंद हो चुके ‘इम्पीरियल’ सिनेमा के नजदीक ‘सीता राम दीवान चंद’ नाम की दुकान के छोले-भटूरे Chole Bhature  के 1950 से चर्चे हैं। छोले के साथ भटूरे भी खास हैं – पनीर की स्टफिंग वाले। पहले से तले भटूरों को तवे पर सेक-सेक कर, मौसम मुताबिक आम, आंवला, मिर्च, गाजर आदि के अचार और प्याज के साथ परोसते हैं। छोले-भटूरे का सफर अपने पार्टनर दीवान चंद के साथ मिलकर सीता राम कोहली ने शुरू किया। आज बेटे प्राण नाथ कोहली और पोते पुनीत कोहली उसी स्वाद को कायम रखे हुए हैं।

टाइमः सुबह 8 से शाम 5:30 बजे तक, छुट्टीः कोई नहीं, रेटः 65 रुपये की फुल प्लेट, 35 की हाफ, नजदीकी मेट्रो स्टेशनः रामकृष्ण आश्रम मार्ग, आधा किमी दूर

चचे दी हट्टी (Chache Di Hatti Chole Bhature)

कमला नगर मेन मार्केट में, बंग्लो रोड से मंडेलिया रोड पर आएं, तो पहली राइट गली की छोटी-सी दुकान ‘चाचे दी हट्टी’ रावलपिंडी के छोले-भटूरे खिलाने के लिए जानी जाती है। दिल्ली वालों को पिंडी छोलों का स्वाद चखाने का श्रेय इसी परिवार को जाता है। आजादी के वक्त रावलपिंडी (अब पाकिस्तान) से आकर, 1958 के आस-पास प्राणनाथ सलूजा ने जोरदार पिंडी छोलों से क्या रिझाया, आज उनके बेटे कंवल किशोर और प्रवीण सलूजा स्वाद बरकरार रखे हुए हैं।

भीमसेन बंगाली स्वीट हाउस (Bhimsen Bengali Sweet House Chole Bhature)

दशकों से चल रहा है, दिल्ली, बंगाली बाजार, मंडी घर के बीच में स्थित यह रेस्तरां, भारतीय खाना और मिठे व्यंजनों की एक श्रृंखला प्रदान करता है। इस जगह से शानदार छोले और नरम भटूरे की एक प्लेट आपको एक तृप्त और दोपहर के भोजन के लिए आवश्यक है। यहां का ठंडा लस्सी का एक लंबा गिलास भी ले सकते हैं बहुत फेमस होती है यहां की लस्सी ।

Chinese food : ये अजीबोग़रीब व्यंजन सिर्फ चीन में ही मिलेंगे

ओडियन स्वीट्स (Odion Sweets)

छोले भटूरे की प्लेट शुरुआत में 8 रुपए की बिकती थी. जो आज 80 की है। यानी 10 गुना दाम इसका बढ़ चुका है. मसाले दादा जी ने कारीगरों को कूटने-मिलाने सिखा दिए हैं. सारा काम वहीं करते हैं। सभी सामग्री, खारी बावली से आती है.पनीर के साथ मसाला मिक्स करते हैं। जिसमें सौंफ, जीरा, इलायची और धनिया होता है. भटूरे में ये स्टफ करके रिफाइंड में तले जाते हैं। भटूरे का स्वाद इन्हीं से बढ़ता है. यह दुकान 22, भगत सिंह मार्केट, गोले मार्केट, नई दिल्ली में स्थित है।

बाबा नागपाल कॉर्नर (Baba Nagpal Corner)

अमर कॉलोनी के गुरुद्वारे के पास लाजपत नगर पार्ट-4 की गुप्ता मार्केट में नुक्कड़ की दोमुंही दुकान ‘बाबा नागपाल कॉर्नर’ पर हरदम रौनकें छोले-भटूरे के दमदार स्वाद की गवाह हैं। आलू-कचौड़ी, पूरी-चना, चना-राइस आदि आइटम कई हैं, लेकिन छोटे-भटूरे तो एकदम खास हैं। साल 2000 में नारायण दास सोनी ने स्वाद का जादू क्या बिखेरा, आज उनके दोनों बेटे नरेश और लोकेश सोनी जायका बरकरार रखने में जुटे हुए हैं। 7/25, ओल्ड डबल स्टोर, गुप्ता मार्केट, लाजपत नगर 4, नई दिल्ली।

रोशन दी कुल्फी (Roshan the Kulfi Chole Bhature)

क्षेत्र की पुरानी और मशहूर दुकान अपने पंजाबी खाने और स्ट्रीट फूड के लिये दूर दूर तक जानी जाती है। करौल बाग में शॉपिंग करने आयें तो यहां की कुल्फी भी आजमाएं। आनंद जी लाजपत नगर के मशहूर छोले भटूरे दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर की कृष्णा मार्केट में स्थित आनंद जी के यहां गाजर के अचार के साथ छोले भटूरे इस क्षेत्र में मशहूर हैं। लोग यहां से इन्हें पैक करवा कर भी ले जाते हैं। 2816, ब्लॉक 34पी, अजमल खान रोड, करोल बाग, नई दिल्ली।

ओम कोर्नर (Om Corner Chole Bhature)

करोल बाग में एक और जगह का ओम कोरनर जहां उड़द की दाल और लाल मिर्च के मिश्रण के साथ भटूरे के साथ गाढ़ा और मलाईदार छोले परोसा जाता है। खाने में इसका स्वाद बहुत ही अलग होता है। संत नगर, डीबी गुप्ता रोड, करोल बाग, नई दिल्ली।

प्रेम दी हट्टी (Prem Di Hatti Chole Bhature)

दिल्ली के राजौरी गार्डन में प्रेम दी हट्टी के छोले भटूरे बहुत फेमस हैं। यहां पर छोले भटूरे को इमली की चटनी के साथ सर्व किया जाता है। भटूरे सोफ्ट होते हैं पूरी तरह से फूले हुए होते हैं और ये मुंह में जाते ही घुल जाते हैं। छोलों में मसालों को इस तरह से मिक्स किया जाता है कि हर बाइट में आपको हर मसाले का स्वाद अलग से समझ आएगा। इसके अलावा इसके साथ प्याज और अचार भी सर्व किया जाता है।

नंदी दी हट्टी, सदर बाज़ार (Nand Di Hatti, Sardar Bazar Chole Bhature)

केवल 80 रुपये में परोसे जाने वाले गर्मा-गर्म छोले-भटूरे सदर बाज़ार  की जान हैं. इसकी यूएसपी की अगर बात करें, तो परोसे जाने वाला घर का बना आचार और देसी घी में तले भटूरे हैं। इसके अलावा सूजी की वजह से फूले भटूरे स्वाद में भी काफी अच्छे हैं। 829, सदर बाजार, पान मंडी पुरानी दिल्ली, चांदनी चौक, नई दिल्ली।

बाबा नागपाल (Baba Nagpal)

दिल्ली में अगर आप किसी राह चलने वाले से उनकी फेवरिट छोले-भटूरे (Chhole Bhature) की दुकान पूछें, तो वह सबसे पहले आपको मूलचंद पर मौजूद नागपाल छोले-भटूरे का नाम ही बताएगा। कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट् से लेकर ऑटो वाले और ऑफिस जाने वालों की यह पसंदीदा जगह में से एक है। इसके अलावा अगर आपका मन कुछ मीठा पीने का कर रहा हो, तो अगली दुकान से लस्सी ले सकते हैं। दोनों के लिए कुल मिलाकर आपको केवल 35 रुपये खर्च करने होंगे।

चांदनी चौक की हलचल के बीच में स्थित, ज्ञानी की दी हट्टी रबड़ी फलौदा, गजरे का हलवा और ढोल-योग्य चोले भटूरे के लिए एक लोकप्रिय संयुक्त है। चांदनी चौक भारतीय स्ट्रीट फूड का एक केंद्र है और अक्सर भीड़भाड़ रहती है लेकिन जियानी की दी हट्टी कई अनोखे व्यंजनों के साथ शो चुरा लेती है। कहां: 651/52, चर्च मिशन रोड, फतेहपुरी, चांदनी चौक, नई दिल्ली।

Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे