Ajmer Tour Guide in Hindi – अजमेर में ये 16 जगहें हैं बेहतरीन, जरूर घूमने जाएं

Ajmer Tour Guide in Hindi – अजमेर उत्तर भारतीय राज्य राजस्थान का एक शहर है. अजमेर नाम “अजय मेरु” से आया है जिसका मोटे तौर पर “अजेय पहाड़ियों” में अनुवाद किया जा सकता है. शहर की कृत्रिम अना सागर झील यहां की शान है, वहीं दक्षिण में अजमेर शरीफ दरगाह है, जो मुस्लिम सूफी संत गरीब नवाज का प्रमुख स्थल है. पास में, 16 वीं शताब्दी का एक महल, जिसे मुगल सम्राट अकबर ने बनवाया था, जिसमें म्यूजियम भी है. इसमें कवच और पत्थर की मूर्तियां प्रदर्शित हैं. इंडो-सारासेनिक-शैली मेयो कॉलेज के एक म्यूजियम में कला और करतब दिखाने वाले पक्षी हैं. हिंदू और मुस्लिम दोनों द्वारा सम्मानित, शहर एकता, इतिहास और सुंदरता के प्रतीक के रूप में खड़ा है. Ajmer Tour Guide in Hindi में आज के लेख में हम आपको बताएंगे Ajmer में घूमने के लिए 16 प्रसिद्ध जगहों के बारे में.

Foy Sagar Lake – Majestic Views Of Aravalis

फॉय सागर झील अजमेर शहर के पश्चिम में स्थित एक कृत्रिम मानव निर्मित झील है. 1892 ईस्वी में अंग्रेज वास्तुकार फॉय द्वारा निर्मित इस झील का नाम उनके नाम पर रखा गया था. सूखे के दौरान अजमेर में पानी की कमी को दूर करने के लिए फॉय सागर झील बनायी गयी थी. पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत होने के कारण, यह बहुत सुंदर है यह अब एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट भी बन गया है. अजमेर के इस पर्यटन स्थल में सनसेट का बहुत ही शानदार दृश्य देखने को मिलता है. इस शांत झील के सुंदर किनारों पर कुछ खूबसूरत तस्वीरें क्लिक जरूर करें.

स्थान: फॉय सागर गार्डन रोड, अजमेर
समय:  सभी दिन-सुबह 6 से शाम 7 बजे तक

Ana Sagar Lake- An Enchanting Attraction

Ajmer शहर में कई पर्यटन स्थल है जिनमें से ये एक है. अजमेर शहर के बीच बनी यह सुंदर कृतिम झील यहां का सबसे रमणीक (Delightful) स्थल है. अजमेर के दक्षिण में सुंदर पहाड़ियों के बीच 13 किलोमीटर में स्थित है. इस झील में शाम के समय किनारे पर खड़े होने पर विशाल नाग पहाड़ का प्रतिबिम्ब दिखाई देता है. इस झील का निर्माण राजा अरणोराज ने 1135 से 1150 के बीच करवाया था. राजा अरणोराज, सम्राट पृथ्वीराज चौहान के दादा थे. बाद में मुग़ल शासक ने इसके किनारे एक शाही बाग़ बनवाया जिसे दौलत बाग़ व सुभाष गार्डन  के नाम से जाना जाता है. सम्राट शाहजहां ने साल 1627 में लगभग 1240 फीट लम्बा कटहरा लगवाकर और बेहतरीन संगमरमर की पांच बारहदारियां बनवाकर इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा दिए. यहां मनोरंजन में बच्चों के लिए झूले, मिनी ट्रेन और बोटिंग अदि की सुविधा है.

स्थान : आनासागर सर्कुलर रोड, अजमेर
समय : सभी दिन-सुबह 8 से रात 8 बजे तक
बोटिंग शुल्क : बोटिंग के लिए प्रति व्यक्ति 160 रुपए

Daulat Bagh- Built By Jahangir

दौलत बाग अजमेर में सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक है क्योंकि यह गर्मियों की शाम में यह बाग बहुत आकर्षित दिखाई देता है. अना सागर झील से सटे, दौलत बाग का सुंदर बगीचा जहांगीर द्वारा बनाया गया था जो राजसी झील की भव्यता को बढ़ाता है. बगीचे के परिसर के अदंर बनाया गया संगमरमर का मंडप बहुत सुदंर दिखता है.

स्थान: गंज, अजमेर
समय: सभी दिन – सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक

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Mayo College- Ajmer’s Icon

मेयो कॉलेज देश का सबसे पुराना सार्वजनिक बोर्डिंग स्कूल है, और रिचर्ड बॉर्के-1875 में मेयो के छठे अर्ल द्वारा स्थापित किया गया था. यह अपनी लुभावनी वास्तुकला के लिए जाना जाता है, यह एक कॉलेज है. लॉर्ड डफरिन ने 7 नवम्बर, 1885 ई. को मेयो कॉलेज के मुख्य भवन का उद्घाटन किया. इसकी इमारत का मुख्य भवन मेजर मेंट द्वारा भारतीय-अरबी शैली में डिजाइन किया गया था, जिसे जयपुर के राज्य अभियंता, सर सेमुअल स्विंटन जेकब द्वारा प्रसिद्ध किया गया था. सफ़ेद संगमरमर से बनी यह इमारत भारतीय-अरबी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदहारण है.

स्थान: मेयो कॉलेज, श्रीनगर रोड, अजमेर

Nareli Jain Temple- Traditional Architecture

अजमेर पर्यटन स्थलों की सूची में अगला नरेली जैन मंदिर है. अजमेर के बाहरी इलाके में स्थित, यह खूबसूरत संगमरमर की इमारत समकालीन और पारंपरिक स्थापत्य शैली का एक आदर्श मिश्रण है. ज्ञानोदय तीर्थक्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है, यह दिगंबर जैनियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है. यह सुंदर नक्काशीदार मंदिर शांति और शांति की आभा प्रदान करता है, और अजमेर में देखने के लिए सबसे सुंदर स्थानों में से एक है.

स्थान : नरेली, अजमेर
समय : सभी दिन-सुबह 6.30 से शाम 7 बजे तक

Akbar Palace And Museum- Mughal History

1500 ईस्वी में निर्मित, यह शानदार महल इतिहास अजमेर के सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक है. महल में एक सरकारी म्यूजियम है जो मुगल और राजपूत जीवन शैली के कई पहलुओं को प्रदर्शित करता है, और समृद्ध कलाकृतियों, मध्ययुगीन शस्त्रागार, पत्थर की मूर्तियों और प्रदर्शन के लिए भरतपुर के महाराजाओं के पूर्व चित्रों का वर्गीकरण (Classification) है.

स्थान : अजमेर गांव, अजमेर
समय : मंगलवार से रविवार – सुबह 10 से शाम 5 बजे; सोमवार को बंद रहता है
प्रवेश शुल्क : भारतीयों के लिए 10रुपए और विदेशियों के लिए  50 रुपए

Soniji Ki Nasiyan- Ornate Jain Temple

अजमेर में आगरा गेट व दौलत बाग के बीच विख्यात सोनीजी की नसियां स्थित है. देखने पर यह लाल प्रस्तर कमल जैसी नजर आती है. करौली के लाल पत्थर से निर्मित यह विशाल मंदिर अपने शिल्प सौन्दर्य एवं कलात्मक चित्रकारी-पच्चीकारी के लिए प्रसिद्ध है. इसका निर्माण अजमेर के जाने माने सोनी परिवार ने कराया है. सोनीजी की नसियां को मूलतः सिद्धकूट चैत्यालय कहते हैं. इस चैत्यालय के दो भाग हैं. मंदिर और नसियां. सिद्धकूट चैत्यालय का निर्माण राय बहादुर सेठ स्व. मूलचन्द सोनी ने कराया था. 10 अक्टूबर 1864 से मई 1865 तक की अवधि में मंदिर बनकर तैयार हो गया. 26 मई 1865 को मंदिर में मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा स्थापित की गई. मंदिर का प्रवेश द्वार उत्तर दिशा में है.

स्थान: आदर्श नगर, पृथ्वीराज मार्ग, अजमेर
समय: सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक
प्रवेश शुल्क: भारतीयों के लिए 10 रुपए और विदेशियों के लिए 25 रुपए

Adhai Din Ka Jhonpra-Oldest Mosque In Ajmer

अजमेर में स्थित अढ़ाई दिन का झोपड़ा मस्जिद लगभग 800 साल पुरानी है. इसके पीछे लंबा और काफी विवादित इतिहास माना जाता है. कुछ इतिहासकारों का कहना है कि पहले ये काफी विशालकाय संस्कृत कॉलेज हुआ करता था, जहां संस्कृत में ही सारे आधुनिक विषय पढ़ाए जाते हैं. ये 1192 ईसवीं की बात है. इसी दौर में अफगान शासक मोहम्मद गोरी (Muhammad Ghori) ने देश पर हमला किया और घूमते हुए वो यहां आ निकला. उसी के आदेश पर सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक (Qutb-ud-Din-Aibak) ने संस्कृत कॉलेज को हटाकर उसकी जगह मस्जिद बनवा दी.

बाद के सालों में शमशुद्दीन (Shams ud-Din Iltutmish) ने इस मस्जिद का सौंदर्यीकरण करवाया. कुछ इतिहासकारों का मानना है कि शमशुद्दीन दिल्ली सल्तनत का पहला बादशाह था. 1213 ईसवीं में मस्जिद का पुर्ननिमाण हुआ और इसकी तस्वीर बदल गई. हालांकि अब भी अढ़ाई दिन का झोपड़ा के कभी संस्कृत से जुड़ा होने के अवशेष मिलते हैं. मिसाल के तौर पर अब भी इसके मुख्य द्वार की बाईं तरफ संगमरमर का बना शिलालेख भी है, जिसपर संस्कृत में उस कॉलेज का जिक्र है.

स्थान : एंडर कोटे रोड, अजमेर
समय : सभी दिन-सुबह 9 से शाम 6 बजे

Taragarh Fort – Ruins Of Bygone Era

तारागढ़ किला “स्टार फोर्ट” के नाम से प्रसिद्ध है. इसे 1354 ई. में बनवाया गया था और यह शहर के मुख्य आकर्षणों में से एक है. यह एक तेज ढलान पर स्थित है और यहां से शहर का सुंदर दृश्य दिखाई देता है. इस किले में पानी के तीन तलाब शामिल हैं जो कभी नहीं सूखते. इन तालाबों का निर्माण इंजीनियरिंग के जटिल और उन्नत विधि का प्रमुख उदाहरण है जिनका प्रयोग उन दिनों में हुआ था.

स्थान: तारागढ़ रोड, अजमेर
समय: सभी दिन – सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक

Ajmer Sharif Dargah

अजमेर शरीफ दरगाह का नाम तो सभी ने सुना ही होगा, अजमेर शरीफ के नाम से प्रसिद्ध इस दरगाह में हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की मजार है. अजमेर शरीफ के नाम से प्रसिद्ध ये दरगाह वाकई देखने लायक है. यहां केवल मुस्लिम ही नही बल्कि दुनिया भर से हर धर्म के लोग खिंचे चले आते हैं. मोहम्मद बिन तुगलक हजरत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी की दरगाह में आने वाला पहला व्यक्ति था जिसने 1332 में यहां की यात्रा की थी.

स्थान: फ़ैज़ मंजिल, दरगाह शरीफ़, अजमेर

समय: सभी दिन – ग्रीष्म: 4 से 10 बजे; सर्दियों: सुबह 5 से 9 बजे; ब्रेक: दोपहर 3 से 4 बजे

Government Museum- Learn About History

अजमेर में सरकारी म्यूजियम इतिहास के प्रति उत्साही लोगों के लिए एक बहुत ही दिलचस्प जगह है. अकबरी किले के अंदर स्थित, यह म्यूजियम एम्परर अकबर के शासन काल से संबंधित कलाकृतियों का एक विशाल संग्रह रखता है. म्यूजियम को मैगज़ीन के रूप में भी जाना जाता है और यह अजमेर में सबसे अच्छी जगहों में से एक है. यह पुरातत्व, शस्त्रागार, कला और शिल्प, और अधिक के विषयों के आधार पर विभिन्न वर्गों में विभाजित है. आपको प्रदर्शन पर विभिन्न प्रकार के लघु चित्र और मूर्तियां मिलेंगी.

स्थान: नया बाज़ार, नाहर मोहल्ला, नया बाज़ार, अजमेर
समय: दोपहर 12 बजे – 8.30 बजे (सोमवार को बंद)

Akbari Fort- Mughal & Rajputana Style

अजमेर के प्रसिद्ध स्थानों में से एक, अकबरी किला एक वास्तुकला है जो मुगल और राजपुताना शैली में निर्मित है. अकबर द्वारा निर्मित, जिन्होंने 1570 में इसका निर्माण शुरू किया था. यह अनुदान किला उनके बेटे, प्रिंस सलीम का पूर्व निवास था. किला अब अजमेर में घूमने के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक बन गया है. यह मुगल और राजपूत मूर्तियों और कवच के संग्रह का घर है.

स्थान: नया बाज़ार, नया बाज़ार, अजमेर, राजस्थान 305001
समय: सुबह 9.45 बजे – शाम 5.15 बजे (सोमवार को बंद)

Akbari Mosque – Ancient & Beautiful

अकबरी मस्जिद या अकबरी मस्जिद शहर में स्थित एक प्राचीन मस्जिद है. यह बुलंद दरवाजा और शाहजहानी गेट के बीच में स्थित है. मस्जिद लाल बलुआ पत्थर में बनी है और हरे और सफेद पत्थर से जड़ी है. प्रवेश द्वार पर 4 लंबे मीनारें हावी हैं. इस मस्जिद की लोकप्रियता ने इसे अजमेर में सबसे अच्छी जगहों में से एक बना दिया है. यह पवित्र इमारत कुरानिक शिक्षण संस्थान का भी घर है जो बच्चों को इस्लाम के बारे में शिक्षित करता है.

स्थान: एंडर कोटे रोड, खादिम मोहल्ला, डिग्गी बाजार, अजमेर, राजस्थान 305001
समय: सुबह 5.30 बजे – रात 8.30 बजे

Prithviraj Smarak – Memorial of A Great Hero

पृथ्वीराज स्मारक, राजपूत राजा, पृथ्वीराज चौहान का स्मारक है. पहाड़ी की चोटी पर स्थित, यह बड़े करीने से बनाई गई संरचना अजमेर में देखने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक बन गई है. यह स्थान नीचे घाटी का एक अच्छा दृश्य भी प्रस्तुत करता है. बहादुर योद्धा राजा की मूर्ति काले पत्थर से बनी है और उसे धनुष और तीर पकड़े घोड़े पर बैठे हुए चित्रित किया गया है. स्मार्क एक आयताकार उठाए गए प्लेटफॉर्म पर जगह है जो उसके बारे में कुछ जानकारी प्रदर्शित करता है.

स्थान: तारागढ़ रोड, लाजपत नगर, अजमेर, राजस्थान

Abdulla Khan’s Tomb-Historical Significance

अब्दुल्ला खान मुगल सम्राट, औरंगजेब के शासनकाल के दौरान अजमेर का सूबेदार था. उनके मकबरे को उनके दो बेटों ने बनाया था, जिन्हें सैयद भाई बहन के नाम से जाना जाता था. इस खूबसूरत संरचना का ऐतिहासिक महत्व है और यह अजमेर के सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक है. डिजाइन सरल है और कई मेहराब हैं. अजमेर के पास घूमने के लिए और भी बहुत सारे स्थान हैं जहां आप अपने खाली समय में जा सकते हैं.

स्थान: अजमेर गांव, अजमेर

Ajmer Clock Tower-A Famous Landmark

अजमेर में क्लॉक टॉवर शहर में स्थित एक सुंदर संरचना है. अजमेर में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है और यह अजमेर रेलवे स्टेशन के पास स्थित है. इसका निर्माण 1887 में महारानी विक्टोरिया की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में किया गया था. इस चार-तरफा टॉवर की बालकनियों से शहर के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं.

स्थान: एनएच 8, पराओ, अजमेर

समय: 24 घंटे खुला रहता है

 

Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे