वो गांव, जहां पिता और भाई कराते हैं लड़कियों से PROSTITUTION

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पिछले 80 सालों से भी लंबे वक्त से एक रिवाज गुजरात के एक गांव में बदस्तूर जारी है। इस गांव में पैदा होने वाली लड़की वेश्यावृत्ति के धंधे को अपनाने के लिए मजबूर है। लगभग 600 लोगों की आबादी के इस गांव में लड़कियों के लिए देह व्यापार करना एक नियम सा बन गया है।

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ये गांव गुजरात में हैं, और इसे वाडिया गांव के नाम से जाना जाता है। इसे साथ ही यौनकर्मियों के गांव के तौर पर भी जाना जाता है। इस गांव में पानी का कनेक्शन नहीं है, कुछ ही घरों में बिजली की सुविधा है, स्कूल, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़कें यहां पर कुछ भी नहीं है।

साफ सफाई जैसी कोई भी चीज इस गांव में दिखती नहीं है। यहां की औरतें ऐसी जिंदगी की उम्मीद में हैं जिसमें उन्हें किसी दलाल या जिस्म के खरीददार की जरूरत न हो। वाडिया की औरतों का उस भारत से कोई जुड़ाव नहीं दिखाई देता जिसने हाल ही में मंगल तक अपनी पहुंच बना ली है। इन औरतों के लिए विकास का केवल एक ही मतलब है कि अब उनके ज्यादातर ग्राहक गाड़ियों में आते हैं।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर से 250 किलोमीटर दूर वाडिया गांव बीते कई दशकों से देह व्यापार से जुड़ा है। गांव के ज्यादातर आदमी दलाली में लगे हुए हैं और वो अपने परिवार की औरतों के लिए भी ग्राहकों को फंसाते हैं। इस गांव में रहने वाले लोग ज्यादातर यायावर जनजाति के हैं और इन्हें सरनिया जनजाति कहते हैं।

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इस गांव में आपको एक भी ऐसी लड़की या महिला खोजना मुश्किल होगा जो इस वेश्यावृति के धंधे में ना हो। इस गांव में हर लड़की अपना जिस्म बेचा करती है। ऐसा बताया जाता है कि गरीबी और मजबूरी की वजह से इनके भाई और पिता जिस्मफिरोशी के दलदल में डाल देते हैं ताकि वो लोग 2 वक्त की रोटी खा सके।

इस गांव में लड़कियां ना तो सिर्फ अपना जिस्म बेचती हैं बल्कि यहां पर ज्यादातर लड़कियां 12 साल तक की उम्र में मां भी बन जाती हैं। और ये यहां के लोगों के लिए एक बेहद आम बात है।

इस गांव का नाम इतना ज्यादा फैला हुआ है कि अगर आप गूगल पर गुजरात प्रोस्टीट्यूट विलेज लिखकर सर्च करते हैं तो इस गांव के सैंकड़ों लिंक खुल जाते हैं। और यहां पर होने वाली वेश्यावृत्ति से जुड़ी हुई हर तरह की जानकारी आसानी से मिल जाती है। यहां पर रहने वाली लड़कियां किसी तरह के शौक से नहीं बल्कि अपने घर की आर्थिक स्थिति की वजह से अपने जिस्म को बेचती हैं।

वैसे तो यहां पर बदलाव की हवा थोड़ी मंद है लेकिन उम्मीद की एक किरण दिखाई जरूर देती है। वाडिया की औरतों और लड़कियों के लिए सारी उम्र तवायफ रहने की जगह पर जिंदगी के मायने शायद बदलें। रानी, विक्रम और उनके 3 बच्चों की एक तस्वीर इसी बदलाव की तरफ एक कदम है।

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रानी इस गांव की पहली ऐसी लड़की है जिसकी शादी हो सकी, और विक्रम एकमात्र ऐसा खरीददार है जिसने वाडिया की किसी सेक्स वर्कर से शादी की। इथना ही नहीं रानी से शादी करने के लिए और उसे इस दलदल से बाहर निकालने के लिए विक्रम ने दलाल को 3 लाख रुपए भी दिए।

आज ये दोनों वाडिया में ही रहते है, इसके साथ ही 4 पीढ़ियों की औरतें भी रहती हैं जो किसी जमाने में वेश्या का काम किया करती थी। रानी वाडिया की उन 7 महिलाओं में से एक हैं जिसकी शादी हो सकी है।

इन औरतों के लिए मित्तल पटेल और उनकी एक सहयोगी शारदाबेन भाटी ही उम्मीद की किरण हैं। इन्होंने यहां की औरतों की आंखों में अच्छी और बेहतर जिदगी के ख्वाब को जिंदा रखा है। मित्तल पहले पेशे से एक पत्रकार थी और अब वो ‘विचर्त समुदाय समर्पण मंच’ नाम से एक एनजीओ चलाती है।

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इस गांव की औरतों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए वो साल 2005 से काम कर रही है। साल 2012 में उन्होंने वाडिया की कुछ औरतों के लिए सामूहिक शादी का एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था। ये पहली बार हुआ था कि वाडिया की किसी लड़की की शादी हो सकी थी।

वेश्यावृति के धंधे में शामिल दलालों और कई ताकतवर लोगों की तरफ से इन्हें जान से मारने की धमकी भी गई है। लेकिन वाडिया की औरतों को बेहतर जिंदगी देने की कसम ली थी, वो जिंदगी जिसकी वो हकदार थीं।

इस गांव में कुछ 50 के करीब दलाल होंगे जो लड़की के पैदा होते ही भेंड़ियों की तरह आ जाते हैं। देश के दूसरे हिस्सों से अलग यहां पर लड़कियों के जन्म पर जश्न मनाया जाता है और बेटे के पैदा होने पर मातम का माहौल होता है। इतने सालों में मित्तल और उनकी पूरी टीम ने गांव के 15 परिवारों को समझाया है। मितल की टीम ने उनसे वादा लिया है कि वो अपनी बेटियों को सेक्स वर्कर नहीं बनने देंगी।

यहां की हवा में प्रेम कहानियाँ बॉलीवुड की फिल्मों की तरह मिल जाती है। ऐसे कई मर्द हैं जो कि वाडिया में सालों तक ग्राहक बनकर आते हैं और इश्क में पड़ गए हैं। वो यहां पर रुकते हैं और इस दौरान कई ग्राहकों को सेक्स वर्कर से प्यार हो जाता है। लेकिन वो उन्हें शहर में ले जा कर अपनी रखेल बना कर रखना चाहते हैं।

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News Reporter
एक लेखक, पत्रकार, वक्ता, कलाकार, जो चाहे बुला लें।

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