Rishikesh to Hindolakhan Tour Blog – सफर करते रहिए, रास्ते में दोस्तों से मिलते रहिए

Rishikesh to HindolakhanTour Blog  : हम सुबह साढ़े 6 बजे हरिद्वार पहुंच चुके थे. बस अड्डे के अंदर, बस से उतरते ही सामने ऋषिकेश के लिए बस खड़ी मिल गई. हम तुरंत ही उसमें चढ़ गए थे. हालांकि अंदर हमारे बैठते ही, एक 15 लोगों का ग्रुप भी आ गया, इससे बस में भीड़ हो गई.

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Haridwar : कार्तिक पूर्णिमा में इस बार गंगा स्नान नहीं कर पाएंगे श्रद्धालु, जानें कारण

Haridwar: धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालु हरकी पैड़ी समेत सभी गंगा घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा का गंगा स्नान नहीं कर पाएंगे. कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा स्नान को स्थगित कर दिया है. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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हर की पौड़ी पर 4 साल बाद बहेगी गंगा, जानें उत्तराखंड का हैरान कर देने वाला प्रोजेक्ट

Har ki Pauri: हरिद्वार दुनियाभर के हिंदुओं की आस्था का केंद्र और आस्था के इस केंद्र की धूरी है हर की पौड़ी मान्यता है कि समुद्र मंथन के बाद यही पर अमृत की बूंदे छलकी थी. इसलिये हर 12 साल में एक बार यहां कुंभ का मेला लगता है.

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हरिद्वार – पैसे बीनने वाले के हाथ लगा चांदी का मुकुट, कहा- गंगा मैया का दीवाली गिफ्ट

हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली गंगनहर को 15 अक्टूबर की रात 12:00 बजे, दशहरा के 10 दिन पहले बंद कर दिया गया है. अब दीपावली की रात 14 नवम्बर को गंग नहर में जल छोड़ा जाएगा. नहर के बंद होने के बाद बड़ी मात्रा में गंदगी दिखाई देने लगी है. इसके साथ ही बंदी के दौरान गंगा में रुपये, पैसे बीनने वालों की बाढ़ सी आ गई है

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जल्द ही शुरू होगी देहरादून से मसूरी, हल्द्वानी से हरिद्वार के बीच Heli service

Heli service – देहरादून से मसूरी और हल्द्वानी से हरिद्वार के बीच हेली सेवा शुरू करने की तैयारी अब तेज हो गई है. इन दोनों रूट के लिए केंद्र सरकार ने भी अपनी मंजूरी दे चुकि है. इस योजना का नाम उड़ान योजना है. प्रदेश में उड़ान योजना के तहत एक दर्जन शहरों के बीच हेली सेवाएं प्रस्तावित की गई है.

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Har ki Pauri – हरिद्वार में हर की पौड़ी है बेहद खास, यहां मिलेगा एक से बढ़कर एक ज़ायका

Har ki Pauri – हर की पौड़ी या ब्रह्मकुण्ड पवित्र नगरी हरिद्वार का मुख्य घाट है. ये माना गया है कि यही वह स्थान है जहां से गंगा नदी पहाड़ों को छोड़ मैदानी क्षेत्रों की दिशा पकड़ती है. इस स्थान पर नदी में पापों को धो डालने की शक्ति है और यहां एक पत्थर में श्रीहरि के पदचिह्न इस बात का समर्थन करते हैं.

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