14 Shanidev Temple in India : भगवान शनि देव हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे लोकप्रिय देवताओं में से एक हैं. इनकी पूजा शनिवार के दिन होती है. शनि देव को छायापुत्र के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें सूर्य और छाया का पुत्र कहा जाता है, वे यम के भाई और न्याय के भगवान हैं. भारत में भगवान शनिदेव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जो विभिन्न राज्य में स्थित हैं, (14 Shanidev Temple in India ) जैसे कि शनि शिंगणापुर महाराष्ट्र, थिरुनल्लर श्री शनीश्वर कोइल और इंदौर का शनि मंदिर.
सारंगपुर कष्टभंजन हनुमान मंदिर सारंगपुर मंदिर, उडुपी में बन्नंजे में शनि की ऊंची प्रतिमा है और दिल्ली के शनि धाम मंदिर में शनि की प्रतिमायें है. भारत में शनिदेव के अन्य प्रसिद्ध मंदिर शनि मंदिर रायगढ़, शनि मंदिर इंदौर, नवग्रह शनि मंदिर पुणे और शनि धाम शनि मंदिर नागपुर हैं.
आइए जानते हैं देशभर में मौजूद भगवान शनि के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में:-
भगवान शनि का श्री शनिचरा महादेव मंदिर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. मंदिर में पवित्र जल है और भगवान शनि की प्राचीन काले पत्थर की मूर्ति है. (14 Shanidev Temple in India ) मुरैना में एकत्तरसो महादेव मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर और ककनमठ मंदिर भी हैं
शनिचरा महादेव धरती पर भगवान शनि का पहला मंदिर है. ऐसा माना जाता है कि देवता की मूर्ति एक उल्कापिंड से बनी है जो बहुत पहले गिर गई थी.
इस मंदिर का इतिहास रामायण के समय का है. ऐसा माना जाता है कि हनुमान ने शनि की मूर्ति को एक पहाड़ी के ऊपर इस तरह रखा कि वह लंका पर अपनी निगाह रख सके और उसे राख में बदल सके.
देश भर से लोग बड़ी संख्या में इस मंदिर में आते हैं.
मथुरा में कोसी कलां के पास स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर, शनि देव (शनि) और उनके गुरु बरखंडी बाबा को समर्पित है. (14 Shanidev Temple in India ) चूंकि मंदिर जंगल के बीच में स्थित है, इसलिए इसे ‘कोकिलावन धाम’ नाम से भी जाना जाता है.
तीर्थयात्री मंदिर की परिक्रमा करते हैं और पवित्र कुंड में स्नान करते हैं.
देश भर से स्थानीय तीर्थयात्री और पर्यटक यहां भगवान की पूजा करने आते हैं. भक्तों का मानना है कि कोकिलावन के सूर्यकुंड में स्नान करने से उनकी मनोकामना पूरी होती है.
मंदिर के प्रांगण में एक पवित्र वृक्ष है जहां पूजा करने वाले लोग जल दान करते हैं और अपनी इच्छाओं को एक खाली दीवार पर लिखते हैं.
जब भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ, तो सभी देव शिशु कृष्ण को देखने और आशीर्वाद देने के लिए नंदगांव आए, तो शनि देव नंदगाँव आए, लेकिन भगवान श्री कृष्ण की पालक माता यशोदा ने उन्हें नवजात कृष्ण से मिलने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें डर था कि शनि देव को देखने से उनके बेटे का बुरा होगा.
शनि शिंगणापुर अहमदनगर के नेवासा तालुका का एक गाँव है और भारत में शनि देव के सबसे लोकप्रिय मंदिर के लिए जाना जाता है. (14 Shanidev Temple in India ) शनि देव का तीर्थ एक खुले मंच पर साढ़े पांच फीट लंबी काली चट्टान है, यह शनैश्वर की एक स्वयंभू प्रतिमा है.
कहा जाता है कि शनि शिंगणापुर की शिला को मुरैना से ही ले जाकर वहां स्थापित किया गया है.
दिल्ली में छतरपुर रोड पर स्थित शनि धाम मंदिर भगवान शनि के भक्तों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है. मंदिर में प्रमुख देवता के रूप में शनि देव की प्राकृतिक चट्टान की मूर्ति है और भगवान शनि की ऊंची मूर्ति भी है.
टिटवाला में शनि मंदिर ठाणे जिले में शनिदेव का एक और प्रसिद्ध मंदिर है. टिटवाला दो पवित्र तीर्थ स्थलों के लिए प्रसिद्ध है.
देवनारी का शनि मंदिर देवनार मुंबई में शिवाजी की प्रतिमा के पास स्थित है, इस मंदिर को श्रीस नेश्वर मंदिर भी कहा जाता है और महाराष्ट्र में भगवान शनि के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है.
मंदेश्वर स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के मंडपल्ली में स्थित है और राज्य में सबसे लोकप्रिय शनि मंदिर है. मंदिर परिसर में शनि का मंदिर है- शनिश्वर और यह छोटा मंदिर बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है.
भगवान शनि को समर्पित तिरुनल्लार शनिस्वरन मंदिर पांडिचेरी के कराईकल जिले में स्थित है. मंदिर को भारत में शनि ग्रह के लिए नवग्रह मंदिरों में से एक के रूप में भी गिना जाता है.
येरदानूर शनि मंदिर तेलंगाना के मेडक जिले के एक छोटे से गांव में स्थित है. मंदिर परिसर में येरदानूर में भगवान शनि देव की 20 फीट की सबसे बड़ी मूर्ति है.
बन्नंजे का श्री शनि क्षेत्र उडुपी में भगवान शनि का प्रसिद्ध मंदिर है, मंदिर परिसर में भगवान शनि की 23 फीट ऊंची मूर्ति भी है.
कुचानूर सनेश्वर भगवान मंदिर चेन्नई के पास भगवान शनि को समर्पित एकमात्र मंदिर है. यह मंदिर खूबसूरत मंदिरों में से एक है और चेन्नई के नवग्रह मंदिरों में से एक है.
तिरुनल्लार शनिस्वरन मंदिर दक्षिण भारत में सबसे प्रसिद्ध भगवान शनि मंदिर भी है और इसे नवग्रहों में से एक के रूप में गिना जाता है.
गुजरात में भावनगर के सारंगपुर में भगवान हनुमान का एक प्राचीन मंदिर है. जिसे कष्टभंजन हनुमानजी के नाम से जाना जाता है.
यह मंदिर अपने आप में ही खास है क्योंकि इस मंदिर में भगवान हनुमान के साथ शनिदेव विराजित हैं.
इतना ही नहीं यहां पर शनिदेव स्त्री रूप में हनुमान के चरणों में बैठे दिखाई देते हैं.
इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यदि किसी भी भक्त की कुंडली में शनि दोष हो तो कष्टभंजन हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना करने से सभी दोष खत्म हो जाते है.
इंदौर मध्य प्रदेश के मुख्य शहरों में से एक है. यहां पर भगवान शनि का एक बहुत ही खास मंदिर है. यह मंदिर शनि देव के बाकि मंदिरों से अलग है क्योंकि यहां पर भगवान शनि का 16 श्रृंगार किया जाता है.
इंदौर के जूनी इंदौर इलाके में बना ये शनि मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी किस्सों के लिए प्रसिद्ध है. शनि देव के लगभग सभी मंदिरों में उनकी प्रतिमा काले पत्थर की बनी होती है जिन पर कोई श्रृंगार नहीं होता है.
यह एक ऐसा मंदिर है जहां शनि देव का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है. शाही कपड़े भी पहनाए जाते हैं. इस मंदिर में शनि देव बहुत ही सुंदर रूप में नजर आते हैं.
शनिदेव का ये अद्भुत मंदिर छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से करीब 15 किलोमीटर दूर करियामा गांव में स्थित है. यहां का रास्ता थोड़ा मुश्किल-भरा है क्योंकि इस मंदिर तक कच्चा और पथरीला रास्ता जाता है.
इस मंदिर में शनिदेव की मूर्ति उनकी पत्नी के साथ स्थापित है. ये देश का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां शनिदेव के साथ उनकी अर्धांगिनी भी मौजूद है.
बताया जाता है कि इस मंदिर में रखी मूर्ति की खोज महाभारत काल में हुई थी. पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार मूर्ति की महत्ता को देखकर लोग यहां सरसों का तेल चढ़ाते हैं.
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