Nag Tibba Trek कैसे करें, क्या है इसकी कहानी, देहरादून से कैसे पहुंचे?

Nag Tibba Trek : नाग टिब्बा ( Nag Tibba ) का अर्थ है सर्प चोटी, ये गढ़वाल क्षेत्र के निचले हिमालय की सबसे ऊंची चोटी है. ये नाग टिब्बा ( Nag Tibba ) रेंज को भी नाम देता है, जो कि कम हिमालय की तीन श्रेणियों में से एक है, अन्य पर्वतमाला धौलाधार और पीर पंजाल हैं.

वसंत ऋतु और गर्मियों के दौरान शिविर के लिए नाग टिब्बा एक आदर्श स्थान है और सर्दियों के लिए सबसे उपयुक्त ट्रेक में से एक है, जब भारी बर्फ के कारण अधिकांश ट्रेक बंद हो जाते हैं.

यह 3025 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है. ये लंढौर छावनी से 16 किलोमीटर दूर और उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में मसूरी से लगभग 57 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. नाग टिब्बा रेंज हिमालय की तीन प्रमुख श्रेणियों में से एक है, जिसमें धौलाधार और पीर पंजाल शामिल है, जो कि महान हिमालय से दूर है.

नाग टिब्बा सुंदरता और साहसिक प्रेमियों के लिए एक अच्छा ट्रेक प्रदान करता है. नाग टिब्बा से तेजस्वी बंदरपून चोटी, चोटियों का गंगोत्री समूह, उत्तर में केदारनाथ शिखर, दूनवालली और चनाबंग की बर्फ की चोटियों का स्पष्ट दृश्य देखा जा सकता है।

नाग टिब्बा की मान्यता || Story of Nag Tibba 

नाग टिब्बा को ‘नाग देवता’ या सांपों के देवता का निवास माना जाता है, ‘टिब्बा’ पहाड़ी या शिखर के लिए एक स्थानीय शब्द है. यहां पर स्थानीय ग्रामीण अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए नाग देवता से प्रार्थना करने आते हैं. यहां पर सर्दियां काफी ज्यादा सर्द होती हैं और गर्मियां सुखद होती हैं, जिससे ये शिविर के लिए एक आकर्षक स्थान बन जाता है.

यहां तक कैसे पहुचें || How to Reach Nag Tibba 

यहां तक आप आसानी से पहुंच सकते हैं. हवाई जहाज से अगर आप आ रहे हैं तो निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा हैं, यहां से नाग टिब्बा की दूरी लगभग 96 किलोमीटर की हैं यहां से आप आसानी से कार या टैक्सी से जा सकते हैं.

वहीं, ट्रेन के जरिये अगर आप जा रहे हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन का हैं यहां से नाग टिब्बा की दूरी लगभग 73 किलोमीटर की हैं यहां से आप आसानी से कार या टैक्सी से जा सकते हैं.

ट्रेकिंग || Nag Tibba Trekking

देहरादून से पन्तिवारी की दूरी 85 किलोमीटर के आसपास है. ट्रेकर्स देहरादून से 5 घंटे की ड्राइव करके पन्तिवारी गांव पहुंच सकते हैं. पन्तिवारी गांव पहुंचने के बाद आप नाग तिब्बा मंदिर के लिए ट्रेक शुरू कर सकते हैं. इस पूरी ट्रेकिंग में आपको 2 दिन का वक्त लगेगा.

Taranjeet Sikka

एक लेखक, पत्रकार, वक्ता, कलाकार, जो चाहे बुला लें।

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