Hidden Places in Delhi
Hidden Places in Delhi : दिल्ली में अगर घूमने फिरने की जगहों की बात करे तो दिल्ली में बहुत सी पुरानी और नई जगह है देखने को. दिल्ली पुरानी और नए जगहों का एक अच्छा मिश्रण और मेल है, यहां हम आपको इस शानदार शहर के लगभग हर कोने में सभी छिपे हुए रत्नों के बारे में बताएंगे. यदि आप राष्ट्रीय राजधानी में हैं, तो यहां कई ऑफबीट डेस्टिनेशंस हैं जिन्हें हर ट्रेवलर लवर को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए, तो चलिए जानते हैं.
अरावली पर्वत श्रृंखला के मध्य में स्थित, भारद्वाज झील उन लोगों के लिए दिल्ली के पास घूमने के लिए एक शानदार जगह है जो लोग एडवेंचर पसंद करते हैं. यह झील असोला वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में स्थित है जहां आप अपने दोस्तों और फैमली के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं. आप इस जगह पर ट्रैकिंग और सुंदर रास्तों का मजा ले सकते हैं. आपको बाते दें इस जगह को डेथ वैली के नाम से भी जाना जाता है.
दिल्ली में जहां कश्मीरी गेट और अजमेरी गेट जैसे कई गेट और पुराने दरवाजे हैं. वहीं इनमें से एक है दिल्ली का ‘लाल दरवाजा’, जो की खूनी दरवाजे के नाम से भी जाना जाता है. दिल्ली गेट के पास स्थित लाल दरवाजे का निर्माण 16वीं शताब्दी के आसपास शेरशाह सूरी के शासनकाल के दौरान किया गया था. शुरुआत में यह लाल दरवाजे के नाम से ही जाना जाता था, बाद में इस दरवाजे के पास कुछ दिल दहला देने वाली घटनाओं के कारण इसका नाम बदलकर खूनी दरवाजा कर दिया गया था. जैसे कि इसका नाम खूनी दरवाजा है वैसा ही यहां का नजारा भी है. शाम होने के बाद यहां लोगों को डर लगने लगता है. इस दरवाजे से जुड़े इतिहास में कई डरावने किस्से भी दर्ज हैं
तुगलकाबाद किला 1321 में तुगलक वंश के पहले शासक द्वारा बनाया गया था. यह स्थान आपको दिल्ली के मध्यकालीन अतीत की झलक देगा. यह किला डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और प्रसिद्ध ओखला औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित है. यदि आप उन लोगों में से हैं जिन्हें ऐतिहासिक स्मारकों को देखना पसंद करते हैं तो यह जगह आपको जरूर देखनी चाहिए.
मिर्जा गालिब की हवेली पुरानी दिल्ली की चहल-पहल भरी गलियों में स्थित एक ऐतिहासिक हवेली है. हवेली को एक म्यूजियम में बदल दिया गया है जो महान कवि के जीवन और कार्यों को प्रदर्शित करता है. यह उर्दू शायरी के प्रेमियों और भारतीय इतिहास के उत्साही लोगों के लिए एक ज़रूरी जगह है. आप ग़ालिब की विभिन्न कलाकृतियों, दस्तावेज़ों को देख सकते हैं.
भूली भटियारी का महल रिज जंगल की हरी-भरी हरियाली के बीच स्थित है. यह स्थान अपने रहस्यमयी खंडहरों से टूरिस्ट को आकर्षित करता है, जिससे एक ऐसा माहौल बनता है जो टूरिस्ट की जिज्ञासा को बढ़ाता है. इस इमारत का निर्माण 14 वीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक द्वारा एक शिकार लॉज के रूप में किया गया था.यह तीन शिकार लॉज का एक हिस्सा है, जो उसके द्वारा रिज पर बनाए गए थे, पीर ग़ैब और मालचा महल अन्य दो थे.
ईसा खान मकबरा दिल्ली के हुमायूं के मकबरे परिसर में स्थित है. यह शेर शाह सूरी के शासनकाल के दौरान एक उल्लेखनीय पश्तून ईसा खान नियाज़िया को समर्पित है.
साकेत में स्थित, यह स्थान एक अद्वितीय और आकर्षक वातावरण प्रदान करता है. यह लीक से हटकर डेस्टिनेशन भित्तिचित्रों, आकर्षक कैफे, दुकानों और रचनात्मक स्टूडियो से सजी एक संकरी गली है. यह एक आलसी दोपहर की चहलकदमी या दोस्तों के साथ एक कप कॉफी के लिए परफेक्ट जगह है. चंपा गली दिल्ली के कुछ बेहतरीन स्ट्रीट फूड का ठिकाना है, जिसे खाने के शौकीनों को जरूर आजमाना चाहिए.
यह गांव आधुनिक और पारंपरिक संस्कृति के अनूठे मिश्रण के लिए जाना जाता है, जो इसे रचनात्मकता का सेंट्रल बनाता है. गांव इतिहास में समृद्ध है, हौज खास किला और हिरण पार्क फेमस हैं. यह स्थान अपने नाइटलाइफ़ व्यू के लिए भी जाना जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के बार और क्लब हैं.
ये तिब्बती उपनिवेश के रूप में भी जाना जाता है, यह एक शांतिपूर्ण और लीक से हटकर जगह है. यह क्षेत्र तिब्बती समुदाय का घर है और आगंतुक रंगीन मंदिरों का पता लगा सकते हैं, मुंह में पानी लाने वाले तिब्बती फूड और ट्रेडिशनल हस्तशिल्प और स्मृति चिन्ह की दुकानों से कुछ ले सकते हैं. मजनू का टीला में किफायती बैकपैकर हॉस्टल और गेस्टहाउस भी हैं.
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