Travel Blog

Tour of Dharamshala : जहां Free Tibet की गूंज सुनाई देती है!

Tour of Dharamshala : हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (Dharamshala) में टूरिज्म, बौद्ध मंदिरों के अलावा कुछ ऐसा भी है जो लोगों के जहन में जगह बनाता है. यहां की खूबसूरती में रची बसी बौद्ध संस्कृति के साथ साथ ही चलती है तिब्बत की आजादी की मांग. कई दशक बीत जाने के बाद भी हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (Dharamshala) सहित भारत के अलग अलग हिस्सों में तिब्बत की आजादी की मांग सुनाई देती रहती है. वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद रंजन ने हाल में धर्मशाला (Dharamshala)  की यात्री की. प्रमोद ने अपनी धर्मशाला (Dharamshala) यात्रा पर कुछ बातें हमसे साझा की हैं. आइए उसी को पढ़ते हैं.

सारी रात चलते रहे. सुबह धर्मशाला (Dharamshala) पहुंचे. इस साल इस ओर सैलानियों का रेला कुछ ज्यादा ही है. शिमला में पानी की कमी की खबरों के कारण उधर जाने वाले लोग धर्मशाला (Dharamshala) की ओर भाग आये हैं. गर्मी की छुट्टियों को भी लोग धार्मिक यात्रा के रूप में बिताने के इच्छुक रहते हैं. बड़ी संख्या में ऐसे उत्तर-भारतीय सैलानी हैं, जो अपनी यात्रा की एकमात्र सार्थकता मंदिरों में दर्शन को मानते हैं. मंदिर जाकर ही उन्हें महसूस होता है कि यात्रा पर हुआ खर्च वसूल हुआ. धर्मशाला (Dharamshala) में मुझे ऐसा ही महसूस हुआ.

इन कारणों से प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों पर मंदिरों का कारोबार खूब चल रहा है. छोटे-छोटे पुराने मंदिर, जो सिर्फ स्थानीय लोगों द्वारा पूजे जाते थे, अब अपनी कमाई में बड़े मंदिरों के कान काट रहे हैं. यहां धर्मशाला (Dharamshala) के आसपास (कांगड़ा और चंबा जिले में) भी ऐसे कई मंदिर हैं, जो पहले बहुत छोटे और स्थानीय थे, वे अब देश भर में प्रसिद्ध हो चुके हैं. जो तीर्थ-सैलानी उन मंदिरों के लिए इधर आते हैं, वे धर्मशाला के निकट मैक्लोडगंज भी पहुंच जाते हैं. धर्मशाला (Dharamshala) में तिब्बत से निर्वासित राजनीतिक व धार्मिक बौद्ध नेता दलाई लामा रहते हैं. यहां उनका मंदिर है और कहने को उनकी सरकार है.

मौजूदा भारत सरकार चीन से अपने रिश्ते बदलने को कोशिश कर रही है. यही कारण है कि पिछले दिनों भारत सरकार ने अपने अधिकारियों को दलाई लामा के कार्यक्रम में भाग लेने से मना के दिया था. यहधर्मशाला (Dharamshala) में तिब्बत आंदोलन के लिए यह बहुत बड़ा झटका है. वास्तव में तिब्बत की स्वतंत्रता का दावा अब धूमिल हो चला है. इन दलाई लामा के निधन के बाद यह शायद ही आगे बढ़ सकेगा. तकनीक ने हमारी दुनिया की बदल दिया है. विभिन्न देशों की सेनायें और अन्य संस्थाएं अब बहुत शक्तिशाली हैं. इनके खिलाफ छोटे सशस्त्र अथवा अलगाववादी विद्रोह अब सफल नहीं हो सकते.

मनुष्यता के लिए सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध मॉडल है – चुनाव आधारित लोकतंत्र. हमें विश्व भर में उत्तरोत्तर वृहत क्षेत्रफल और विशाल आबादी के लोकतंत्र विकसित करने के लिए वकालत करनी चाहिये. मनुष्य की कबीलाई चेतना उसे खूनी संघर्षों की ओर धकेलती है. आज के जमाने में उससे शायद ही कुछ हासिल किया जा सकता है. ऐसे संघर्षो में शामिल नागरिक समूह निहित हितों वाले राष्ट्रों की हाथों की कठपुतली बनने को बाध्य भी होते हैं. कथित आज़ादी के लिये संघर्ष कर रहे दुनिया के अधिकांश समूहों का सच आज यही है.

मैक्लोडगंज के ऊपर धर्मकूट गांव है, जो अब युवा इजरायली पर्यटकों की स्थली के रूप में मशहूर है. ये वे इजरायली युवक-युवतियां हैं, जो अपने देश में क्रमशः दो और तीन साल की सैन्य सेवा करने के लिए बाध्य हैं. उनमें से कई सैन्य सेवा के बाद अगले कुछ वर्ष ट्रैवलिंग में ही खुद को रखना पसंद करते हैं.

 

Recent Posts

10 ऐसे Gujarati Food जिनके बिना अधूरी है हर गुजराती थाली

कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से असम तक देश में कितनी ही थालियां मिलती… Read More

2 days ago

History of Bagoria Temple : जानें,बागोरिया दुर्गा मंदिर बारे में इंटरस्टिंग बातें

History of Bagoria Temple : बागोरिया दुर्गा मंदिर राजस्थान के जोधपुर जिले के पास स्थित… Read More

4 days ago

Concentration बढ़ाना चाहते हैं? सुबह उठकर करें ये 5 एक्सरसाइज, तनाव और चिंता होगी दूर

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में एकाग्रता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है.… Read More

5 days ago

Best Honeymoon Places in India in Summer Season : गर्मियों में भारत में हनीमून के लिए 10 सबसे खूबसूरत जगहें

Best Honeymoon Places in India in Summer Season: अगर आप गर्मियों में शादी के बंधन… Read More

1 week ago

10 Best Hill Stations In India : भारत के 10 बेस्ट हिल स्टेशन जिन्हें आपको अपनी लाइफ में एक बार जरूर देखना चाहिए

10 Best Hill Stations In India : भारत, विविध लैंडस्कैप का देश, ढेर सारे शानदार… Read More

1 week ago

Amarnath Yatra dates 2026 : 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जानें रूट, नियम और पूरी डिटेल

Amarnath Yatra dates 2026 : अमरनाथ यात्रा 2026 3 जुलाई से शुरू होगी। जानें रजिस्ट्रेशन… Read More

3 weeks ago