Places to visit in Mahoba
Places to visit in Mahoba : उत्तर प्रदेश का एक छोटा सा जिला महोबा अपने गौरवशाली इतिहास के लिए फेमस है. महोबा चंदेला शासन के दौरान बनाई गई गुफाओं और मूर्तियों के लिए जाना जाता है. यह चंदेल राजपूतों की राजधानी थी, जिन्होंने 10वीं से 16वीं शताब्दी तक बुंदेलखंड क्षेत्र पर शासन किया था. महोबा शब्द ‘महोत्सव नगर’ या महान त्योहारों के शहर से लिया गया है.
महोबा और उसके आसपास के पर्यटन स्थल की बात करें तो कई दिलचस्प स्मारक, इमारत और धार्मिक स्थल दिखाई देते हैं . शिव मंदिर गुखर पर्वत के आसपास के व्यू देखने लायक है और इसमें तांडव स्थिति में भगवान की मूर्ति है. मदन सागर झील में एक द्वीप पर स्थित खाखरमठ मंदिर भी भक्तों के अपने हिस्से को आकर्षित करता है. राहिला सागर सूर्य मंदिर 9वीं शताब्दी का मंदिर है और राहिला सागर के पश्चिमी भाग में स्थित है. इसके अलावा चंडिका देवी मंदिर और गोखर पर्वत की यात्रा करें, जिसमें हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों को समर्पित मंदिर हैं.
रामकुंड
शिव तांडव मंदिर महोबा
जैन तीर्थंकर
खाकरमठ शिव मंदिर
उर्मिल बांध महोबा
बड़ी चंद्रिका मंदिर
सूर्य मंदिर
गोखर पार्वती
चंडिका देवी
श्री नगर
बीटल खेती
आल्हा चौक और उदल चौक
चरखारी एस्टेट
बेलाताल
जैसा कि नाम से ही साफ है, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. महोबा जिले में गोरखनाथ या गुखार पर्वत के पास स्थित इस मंदिर में तांडव नामक नृत्य मुद्रा में भगवान शिव की एक विशाल मूर्ति है. इस मूर्ति को काले ग्रेनाइट के एक ही पत्थर से बनाया गया है. मंदिर के बगल में ही एक फॉल है, जिससे दूधिया सफेद पानी गिरता है. यह पानी गोरख पर्वत से नीचे आता है. मंदिर के बगल में ही शिव तांडव का एक कुआं भी है
यह एक जैन संप्रदाय का पूजा स्थल है. महोबा में बारी चंडिका मंदिर के पास, एक पहाड़ के ऊपर है. इस जगह जैन धर्म के लोग हर साल लाखों की संख्या में घूमने के लिए पहुंचते हैं. यहां मौजूद प्राचीन गुफाएं टूरिस्ट के लिए सबसे आकर्षण वाली चीज है. महोबा में एक पहाड़ी पर मौजूद जैन तीर्थंकर स्थल पर जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों की प्रतिमाएं भी उत्कीर्ण हैं. हालांकि, मौजूदा समय में कुछ गुफाएं लोगों के लिए बंद है.
महोबा में 9वीं शताब्दी का प्राचीन रहेलिया सूर्य मंदिर, मदन सागर तालाब के मध्य में भगवान शिव का प्राचीन खाखरामठ मंदिर एवं भगवान शिव की ही तांडव मुद्रा में भव्य प्रतिमा स्थापित है. आप यहां विभिन्न कालखंडो की रचनाएं देख सकते हैं.
उर्मिल बांध जहां आप घूम सकते हैं इसके अलावा यहां एक गेस्ट हाउस भी है जहां आप ठहर सकते हैं.
यह मंदिर देवी चंडिका को समर्पित है. प्राचीन काल से, एक नक्काशीदार पत्थर की मूर्ति पवित्र स्थान को चिह्नित करती है. महिषासुर मर्दिनी द्वारा चित्रित देवी दुर्गा है. कहा जाता है कि चंदेल के पहले सम्राट चंद्र वर्मन ने इसे स्थापित किया था.
महोबा के गांव रहीलिया, महोबा में सूर्य मंदिर और सूरज-कुंड पूल भी है. उड़ीसा में कोणार्क के सूर्य मंदिर की तरह, इस मंदिर में भी शानदार मूर्तियां रखी गई थीं.
चंडिका देवी को कभी-कभी चंडी देवी या चंडिका देवी के रूप में जाना जाता है. जापान में इसे नारी शक्ति की देवी के रूप में पूजा जाता है. लोगों का मानना है कि देवी राक्षसों का सफाया करती हैं और विश्वासियों की रक्षा करती हैं. इस क्षेत्र के दो मंदिरों में चंडिका देवी की पूजा की जाती है. इन दो मंदिरों को छोटी चंडिका देवी मंदिर और बड़ी चंडिका देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है.
यह पीतल के कामों और प्राचीन वस्तुओं के लिए फेमस है.
यह अनूठी और स्वयंभू खेती है जिसे बरेजा कहा जाता है.
विशाल मूर्तियों वाले शहर के केंद्र.
बुंदेलखंड रियासत, किलों, स्थानों और कई झीलों से घिरे मंदिरों का प्रतीक है.
आसपास कई झीलें हैं और पानी के खेल के लिए सबसे परफेक्ट जगह हैं. यहां वह किला है जहां बाजीराव और मस्तानी की प्रेम कहानी की शुरुआत हुई थी. यह राजा छत्रसाल का किला है.
रामकुंड वही जगह है जहां त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम आए थे. कहा जाता है कि चित्रकूट जाते वक्त श्री राम यहां पधारे थे. यहां एक कुंड है जिसमें उन्होंने यज्ञ किया था. इस कुंड के पास ही बरगद का विशाल वृक्ष है. इस वृक्ष की आयु 900 वर्ष से ज्यादा बताई जाती है.
यात्रा के लिए सभी मौसम अच्छे हैं.
महोबा का अपना कोई एयरपोर्ट नहीं है. यह खजुराहो हवाई अड्डे से केवल एक छोटी ड्राइव की दूरी पर है.
महोबा खजुराहो हवाई अड्डे, खजुराहो, मध्य प्रदेश से 54 किमी दूर है
महोबा कानपुर हवाई अड्डे, कानपुर, उत्तर प्रदेश से 134 किमी दूर है
महोबा से भी नियमित ट्रेनों के माध्यम से देश के अन्य महत्वपूर्ण शहरों तक पहुंचा जा सकता है. झांसी जंक्शन, खजुराहो और बांदा जैसे स्टेशन पास में हैं.
रेलवे स्टेशन (ओं): महोबा जंक्शन (MBA)
महोबा बस से जुड़ा हुआ है.
बस से जुड़े प्रमुख स्थानों में छतरपुर-मध्य प्रदेश, नौगांव-मध्य प्रदेश, बांदा, हमीरपुर, कानपुर, हरपालपुर, मौरानीपुर, झांसी, ओरचा-मध्य प्रदेश, बरूसागर, खजुराहो-मध्य प्रदेश हैं.
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