Travel News

जानें, अहोई अष्टमी में स्याहु माला का क्या है महत्व

Ahoi Ashtami 2020:  अहोई अष्टमी के व्रत में स्याहु माला महिलाएं गले में धारण करती हैं. यह माला चांदी के दानों से बनाई जाती है. स्याहू माला कलावे में चांदी के दाने और अहोई माता वाले लॉकेट के साथ बनाई जाती है. और अहोई अष्टमी व्रत में महिलाएं स्याहू माला पहनती हैं. क्या आप भी स्याहु माला का महत्व जानते हैं. तो आइए आप भी जानें स्याहु माला का महत्व.

KarwaChauth Vrat : करवा चौथ के दिन छलनी से पति का चेहरा क्यों देखना होता है जरूरी

कार्तिक के महीने में अहोई अष्टमी का व्रत अपने पुत्रों की मंगलकामना के लिए किया जाता है. करवा चौथ के बाद महिलाएं अहोई अष्टमी का व्रत पुत्रों के लिए करती हैं. माताएं अहोई देवी से पुत्रों की लंबी आयु की कामना करती हैं. इस दिन माताएं संकल्प लेती हैं कि हे अहोई माता मैं अपने पुत्रों की लम्बी आयु एवं सुखमय जीवन हेतु अहोई व्रत कर रही हूं.

Ahoi Ashtami 2020 : जानें कब है अहोई अष्टमी, क्या है महत्व

अहोई व्रत के लिए महिलाएं पूरे विधि-विधान से अहोई व्रत करती हैं. पूजा सामग्री के साथ महिलाएं एक चांदी की माला भी धारण करती हैं. इस माला का अहोई पूजा में काफी अहम योगदान है. अहोई पूजा में चांदी की अहोई बनाई जाती है जिसे स्याहु कहते हैं. कलावे में चांदी के दाने और माता अहोई की मूरत वाले लॉकेट के साथ माला बनाई जाती है. इस स्याहु की पूजा रोली, अक्षत, दूध व भात से की जाती है. व्रती महिलाएं इसे गले में धारण करती हैं. व्रत शुरू करने से लगातार इस माला को दिवाली तक पहनना अनिवार्य होता है.

Karvachauth vrat : करवा चौथ के दिन इस मंत्र का करें जाप, मिलेगा लाभ

माला की पूजा करने का खास विधान है और पूजा पूरे विधि-विधान से करनी चाहिए

पूजा के लिए एक कलश में जल भर कर रखना चाहिए. पूजा के बाद अहोई माता की कथा सुने और सुनाएं. ऐसा माना जाता है कि स्याहु की माला में हर साल एक दाना बढ़ाया जाता है. इसके अनुसार ही पुत्र की आयु बढ़ती जाती है. वहीं स्याहु की माला की पूजा करना भी आवश्यक है.

karwachauth Vrat : बॅालीवुड की ये हसीनाएं नहीं रखती हैं करवा चौथ का व्रत, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

अहोई का व्रत करवा चौथ के बाद किया जाता है. अहोई अष्टमी बच्चों की खुशहाली के लिए किया जाने वाला व्रत है. मां रात को तारे देखकर अपने पुत्र की दीर्घायु होने की कामना करती है. और उसके बाद महिलाएं व्रत खोलती हैं.

Recent Posts

Lahaul and Spiti Visiting Place : लाहौल-स्‍पीति में ये जगहें किसी जन्नत से कम नहीं

Lahaul and Spiti Visiting Place: लाहौल-स्‍पीति, हिमाचल प्रदेश का एक जिला है. ये दो घाटियां… Read More

3 weeks ago

Tourist Places in Kolkata: कोलकता में विक्टोरिया मेमोरियल और मार्बल पैलेस के अलावा घूमने की ये हैं बेस्ट जगहें

Tourist Places in Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की ऐसी जगहों के बारे में… Read More

1 month ago

Bargi Dam : बरगी डैम का इतिहास, निर्माण और पर्यटन की पूरी कहानी

Bargi Dam: बरगी डैम मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर स्थित एक प्रमुख… Read More

1 month ago

Umbrella Falls : छतरी जैसा दिखता है अम्ब्रेला फॉल्स…हजारों की संख्या में आते हैं टूरिस्ट

Umbrella Falls : अम्ब्रेला फॉल्स यह एक राजसी झरना है जो लगभग 500 फीट की… Read More

1 month ago

10 ऐसे Gujarati Food जिनके बिना अधूरी है हर गुजराती थाली

कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से असम तक देश में कितनी ही थालियां मिलती… Read More

1 month ago