Bundelkhand Expressway: 14,850 करोड़ की लागत से बने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की खासियत जिसका उद्घाटन PM ने किया

Bundelkhand Expressway : उत्तर प्रदेश के लोगों का चौथे एक्सप्रेसवे सौगात मिल चुकी है 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. चित्रकूट और इटावा के बीच फैला, एक्सप्रेसवे 8 महीने पहले पूरा हो गया है.  फरवरी 2020 में आधारशिला रखते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि यह परियोजना हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगी और आम लोगों को बड़े शहरों में उपलब्ध सुविधाओं से जोड़ेगी.

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के तथ्य ||Interesting Facts about Bundelkhand Expressway

  • करीब 14,850 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे का काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है.
  • इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास प्रधानमंत्री द्वारा 29 फरवरी, 2020 को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की आधारशिला रखना था.
  • उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे का निर्माण UPEIDA ने किया है. UPEIDA ने 296 किलोमीटर, फोर-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया.
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट जिले के भरतकूप के पास गोंडा गांव में NH-35 से इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ मिल जाता है.
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरता है.
  • क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार के अलावा, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों के लिए हजारों नौकरियां मिलेगी.
  • पीएमओ के मुताबिक एक्सप्रेस-वे से सटे बांदा और जालौन जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण का काम पहले ही शुरू हो चुका है.

एक्सप्रेस-वे पर विवाद || Dispute on expressway

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस लंबी चौड़ी सड़क का शुभारंभ करने के एक सप्ताह के भीतर उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण नए उद्घाटन किए गए 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में गहरे गड्ढे हो गए.

यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल अथॉरिटी  के प्रवक्ता दुर्गेश उपाध्याय ने बताया कि बीते बुधवार रात उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के चिरिया सलेमपुर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के हिस्से में डेढ़ फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं. अधिकारी ने कहा कि हालांकि, चकहोलों की तुरंत मरम्मत कर दी गई और सड़क यातायात के लिए खोल दी गई.

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उन्होंने कहा कि यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल अथॉरिटी ने मरम्मत कार्य के लिए बुलडोजर और आवश्यक उपकरणों के साथ एक टीम तैनात की है.

सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विपक्षी दलों द्वारा सत्तारूढ़-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भारी आलोचना की गई और संबंधित अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के गड्ढे भाजपा द्वारा किए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता का उदाहरण हैं.

“यह भाजपा के आधे-अधूरे विकास की गुणवत्ता का एक उदाहरण है.वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन बड़े लोगों ने किया. एक हफ्ते के अंदर ही उस पर भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े गड्ढे निकल आए.अच्छा हुआ कि उस पर रनवे नहीं बना.”

Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे

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