gautam buddha nagar will become first aerotropolis of india
aerotropolis-गौतम बुद्ध नगर जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बदौलत देश का पहला एरोट्रोपोलिस बन जाएगा. जिले में एयरपोर्ट के चारों ओर मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योगों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने शुक्रवार को कामकाज की समीक्षा की है.
नवनीत सहगल ने कहा कि करीब 5,000 एकड़ में फैले जेवर हवाई अड्डे को लेकर तेजी से काम चल रहा है. यह न केवल देश का बल्कि एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा. जिसमें छह रनवे होंगे. जेवर एयरपोर्ट गौतमबुद्ध नगर जिले को देश के पहले एयरोट्रोपोलिस का रूप देगा. यहां बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों के साथ-साथ जिले के बाहर से आने वालों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
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यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और एनआईएएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह भी इस बैठक में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का निर्माण 2021 में शुरू होगा और शुरुआत 2024 में करने की योजना है. पहले चरण का काम पूरा होने पर हम जेवर हवाई अड्डे से सालाना 1.2 से 1.6 करोड़ यात्रियों को उड्डयन सुविधाएं देंगे. उन्होंने आगे कहा कि जेवर को दुनिया का एक लोकप्रिय एयरोट्रोपोलिस बनाने की योजना है.
इस एयरपोर्ट का निर्माण करने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) और ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण पर 29,560 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. परियोजना का पहला चरण 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा और 4,588 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है.
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चारों ओर करीब 100 किलोमीटर के दायरे में यह महानगर विकसित होगा. जिसमें बड़े-बड़े वाणिज्य केंद्र, अर्बन हब, सिविल एविएशन, कार्गो एविएशन, मेंटेनेंस एमआरओ हब, मेडिकल टूरिज्म, ऑटोमोबाइल सेक्टर, हॉस्पिटैलिटी, कृषि उत्पादन का निर्यात, खाद्य प्रसंस्करण, फैशन और कपड़ा निर्यात, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उत्पादन और निर्यात जैसी औद्योगिक गतिविधियां होंगी.
एरोट्रोपोलिस एक ऐसा महानगरीय उपसमूह होता है, जिसका बुनियादी ढांचा, भूमि उपयोग और अर्थव्यवस्था एक हवाई अड्डे पर केंद्रित होती है. यह “एयरो” (उड्डयन) और मेट्रोपोलिस “महानगर” शब्दों को प्रतिबिंबित करता है. जेवर एरोट्रोपोलिस में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी, अलीगढ़, मथुरा और आगरा भी शामिल होंगे.
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