Russian Woman in Karnataka Cave: रहस्यमयी गुफा में मिली रूसी महिला, 8 साल से रह रही थी जंगल में दो बेटियों के साथ
Russian Woman in Karnataka Cave: कर्नाटक के रामतीर्थ हिल्स में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गुफा के अंदर एक रूसी महिला नीना कुटिना (Nina Kutina) अपनी दो छोटी बेटियों के साथ रह रही थी। 40 वर्षीय नीना बीते 8 सालों से जंगल और गुफाओं में जीवन बिता रही थीं। उनके साथ थीं दो बेटियां, जिनकी उम्र छह और चार साल है। यह कहानी किसी रहस्यमयी फिल्म की तरह सामने आई है, जिसमें अब पुलिस और एफआरआरओ (FRRO) धीरे-धीरे परतें खोल रहे हैं।
नीना कुटिना के पास न WiFi था, न फ्रिज, न एसी। वह सिर्फ झरनों के पानी, जंगल की छांव और एक रुद्राक्ष की मूर्ति के सहारे जीवन बिता रही थी। इतने साल तक किसी को उनकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी।
FRRO के एक अधिकारी ने बताया कि नीना का परिवार रूस में है – पिता, भाई और एक बेटा। वे आर्थिक रूप से नीना की मदद करते थे। वहीं, बच्चियों के पिता एक इजरायली बिजनेसमैन हैं, जो इस समय भारत में ही बिजनेस वीजा पर मौजूद हैं। नीना और उस इजरायली नागरिक की मुलाकात 2017 में हुई थी। दोनों के बीच संबंध बने, जिसके बाद नीना मां बनी। महिला का दावा है कि उसने बिना डॉक्टर और अस्पताल के, गुफा में ही अपनी बच्ची को जन्म दिया।
FRRO अधिकारियों ने बच्चियों के पिता से मुलाकात की और पूछा कि क्या वह नीना और बच्चों को रूस वापस भेजने का खर्च उठा सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि उस शख्स की उम्र भी 40 साल है और वह नीना से पहले ही प्यार कर चुका था। हालांकि, वह फिर इजरायल लौट गया और नीना ने अकेले ही अपनी जिंदगी आगे बढ़ाई शुरुआत में नीना ने किसी को कुछ भी बताने से मना कर दिया था। लेकिन जब काउंसलिंग की गई, तो धीरे-धीरे उसने बच्चियों के पिता और अपनी कहानी साझा की। फिलहाल FRRO ने रूसी दूतावास से संपर्क किया है और उम्मीद की जा रही है कि महिला और उसके बच्चों को एक महीने में रूस भेज दिया जाएगा।
नीना ने बताया कि वह कोस्टा रिका, मलेशिया, बाली, थाईलैंड, नेपाल और यूक्रेन भी जा चुकी है। भारत में उसने ऋषिकेश में कुछ समय बिताया और फिर गोकर्ण में आकर बस गई। जब भी इजरायली नागरिक भारत आता था, दोनों की मुलाकात होती थी। Russian woman living in Indian cave, नीना कुटिना की कहानी सिर्फ एक प्रेम कथा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, संघर्ष और रहस्य का अद्भुत मिश्रण है। गुफा में बच्चों के साथ रहना, बिना आधुनिक संसाधनों के जीवन जीना और खुद ही संतान जन्म देना – यह सब कुछ इंसान की सहनशक्ति और विश्वास को दर्शाता है।
कर्नाटक के रामतीर्थ हिल (Ramteerth Hill), जो उत्तर कन्नड़ जिले के गोकर्ण के आसपास स्थित है, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व से परिपूर्ण एक आकर्षक स्थल है। यह स्थान गुफाओं, छोटी-मोटी पहाड़ियों, जंगलों और प्राचीन शिवालयों से घिरा हुआ है।
यह पहाड़ी गोकर्ण के आसपास उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित है, आसपास के क्षेत्र में घने जंगल और नदियाँ हैं,जंगलों में रिसर्च के अनुसार साँप, मकड़ियाँ, और अन्य वन्यजीव पाए जाते हैं, जो इसे एक खतरनाक लेकिन रोमांचक स्थल बनाते हैं , स्थानीय हैरिटेज ट्रैकरों ने यहाँ राहत भरे दृश्य, पहाड़ी से नीचे उगते खेत, नदियों के पड़ाव और चरागाहों को देखा है, जो जंगल और खुले खेतों का सुंदर मिश्रण पेश करते हैं ।
हिल पर स्थित रामतीर्थ या रामलिंगेश्वर गुढ़ी (Ramlingeshwar Gudi) एक शिव मंदिर है, जिसे कादंब राजवंश (Kadamba dynasty) काल का माना जाता है
यहाँ दो मंदिर हैं: एक मुख्य मंदिर पूर्व की ओर मुख वाले, और एक छोटा, उत्तर की ओर मुख वाला छत-मुक्त संरचना । दोनों मंदिरों में एक शिवलिंग प्रतिष्ठित है और जगह पर नदी या तालाब भी है । ट्रेक के दौरान ट्रैकरों ने कई प्रकार की तितलियाँ, ड्रैगनफ्लाई, मकड़ियां और छोटे-छोटे वन्यजीव देखे हैं, जिससे यह वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है । रामतीर्थ हिल कर्नाटक में न केवल प्राकृतिक और जंगल-ट्रेक प्रेमियों के लिए बल्कि आध्यात्मिक यात्रियों व इतिहास अनुसंधानियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण गंतव्य है।
यहां: प्राचीन शिव मंदिर स्थित हैं,प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर ट्रेकिंग मार्ग, वन्यजीवों से रूबरू और अभ्यास योग्य सुरक्षित ट्रेकिंग मार्ग उपलब्ध हैं।
अगर आप प्राकृतिक सौंदर्य, इतिहास, मॉनसून के दौरान प्राकृतिक झरने और हल्के ट्रेक का आनंद लेना चाहते हैं, तो रामतीर्थ हिल एक आदर्श जगह है। जरूरत है तो बस अच्छे जूते, पानी और सावधानी की — और तैयार हो जाएँ एक यादगार यात्रा के लिए!
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