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इटली का वो Gothic Architecture है कैसा, जिसे देखकर रात भर सो नहीं सके थे सुशांत!

Gothic Architecture – बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमयी मौत और उसपर उठते कई सवालों के बीच हर रोज इस केस की नई कड़ियां खुल रही हैं. गुरुवार को हिंदी मीडिया चैनल आज तक ने सुशांत की प्रेमिका रहीं रिया चक्रवर्ती का इंटरव्यू लेकर सनसनी मचा दी. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को दिए इस इंटरव्यू में रिया चक्रवर्ती ने कई खुलासे किए, दावे किए. हालांकि, इन सभी दावों पर जांच होना बाकी है लेकिन उन्होंने अपने और सुशांत के यूरोप टूर को लेकर जो कहा, उसपर ध्यान जाना स्वाभाविक है.

रिया ने कहा कि उन्होंने और सुशांत ने यूरोपीय टूर किया. इस टूर के लिए रिया की टिकट और होटल बुकिंग एक कंपनी ने कर रखी थी लेकिन सुशांत ने मौके को एक यूरोपीय टूर बनाने के लिए बिजनेस क्लास की टिकट कैंसिल कराकर फर्स्ट क्लास की टिकट कराई. रिया ने बताया कि ट्रिप में ज्यादातर खर्च सुशांत ने ही किया क्योंकि वह किंग साइज लाइफ जीते थे. और तो और, इस ट्रिप में रिया के भाई ने भी दोनों को जॉइन किया था.

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हालांकि, इन सबके पहले रिया ने एक चीज बताई जिससे सुशांत के डिप्रेशन पीड़ित होने की बात को उन्होंने पुख्ता करने की कोशिश की. रिया ने कहा कि स्विट्जरलैंड से होते हुए ये कपल जब इटली पहुंचा तो होटल में रात भर सुशांत को नींद नहीं आई. इससे पहले उन्होंने ये भी कहा था कि पेरिस में सुशांत तीन दिन तक होटल रूम से बाहर नहीं निकले थे. रिया ने कहा कि इटली में जो होटल सुशांत ने बुक किया था वो गोथिक शैली ( Gothic Architecture ) का था. इसमें अतरंगी तस्वीरें बनी हुई थीं. रिया के इस दावे पर एक सवाल मन में उठना स्वाभाविक है कि आखिर ये गोथिक शैली ( Gothic Architecture ) होती क्या है और उसमें ऐसा क्या होता है जिससे सुशांत को रात भर नींद नहीं आई.

Gothic Architecture

गोथिक आर्किटेक्चर (या पॉइंटेड आर्किटेक्चर) एक आर्किटेक्चरल स्टाइल है जो यूरोप में हाई और लेट मिडिल ऐज ( मध्य काल ) के दौरान शुरू हुआ था. यह ( Gothic Architecture ) रोमन स्थापत्य शैली से विकसित हुआ और आधुनिक काल में कामयाब होता चला गया. इसकी शुरुआत 12 वीं शताब्दी में उत्तरी फ्रांस और इंग्लैंड में नॉर्मन आर्किटेक्चर के रूप में हुई थी. इसकी लोकप्रियता 16 वीं शताब्दी तक खूब फैली. इससे पहले, लैटिन स्टाइल खासी चर्चा में था. गोथिक आर्किटेक्चर ( Gothic Architecture ) को आसान शब्दों में तिकोने मेहराबों वाली यूरोपीय शैली से समझा जा सकता है. इस वजह से इमारत के विशाल होने का आभास होता है. यह शैली जर्मन के गोथ जाति के प्रभाव से निकली. इस शैली की इमारतें क्लासिकल शैली की खूबसूरती से भरी रहती हैं. ये पतले, ऊंचे अनेक शिखरों के साथ होती थीं.

यह शैली ब्रिटिशों के शासनकाल के दौरान यूरोप से भारत आई. इसे विक्टोरियन शैली भी कहा जाता है. इंडो-गोथिक शैली हिन्दुस्तानी, फारसी और गोथिक शैलियों का शानदार मिश्रण है. इसकी कुछ खासियतें हैं जैसे- इस शैली के अंतर्गत बनी इमारतों की संरचना बहुत बड़ी है. इंडो-इस्लामिक (देश में लाल किले जैसे ऐतिहासिक इमारतें) वास्तुकला की तुलना में इंडो-गोथिक शैली की दीवारें बहुत पतली होती हैं. इस शैली में मेहराबें नुकीली होती हैं. इस शैली की सबसे शानदार विशेषताओं में एक है – मकान में बड़ी-बड़ी खिड़कियों की मौजूदगी. इस शैली के भारत में आने पर चर्च को क्रूस ग्राउंड योजना के आधार पर बनाया जाता था.

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यह ब्रिटेन के उन्नत संरचनात्मक इंजीनियरिंग मानक का पालन करने वाली शैली है. पहली बार इसी शैली में मकान निर्माण में स्टील, लोहा और कंक्रीट-गारे का इस्तेमाल शुरू हुआ. 1833 ई. में बना मुंबई का टाउन हॉल और 1860 के दशक में मुंबई में बनी कई इमारतें नवशास्त्रीय शैली के उदाहरण हैं जिनमें बड़े-बड़े स्तंभों के पीछे रेखागणितीय संरचनाओं का निर्माण किया गया. नवगोथिक शैली में मुंबई सेक्रेटेरिएट, मुंबई विश्वविद्यालय, हाई कोर्ट जैसी कई इमारतें बनीं, जो उस समय बेहद पंसद भी की गईं.

इस शैली का सबसे अच्छा उदाहरण मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनल है, जो कभी ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे कंपनी का स्टेशन और मुख्यालय था. इसे 2004 में विश्व विरासत सूची में शामिल कर लिया गया. इससे आगे आगरा के सेंट जॉन कॉलेज, इलाहबाद विश्वविद्यालय (मेयर कॉलेज) और मद्रास हाई कोर्ट के निर्माण में यह शैली निखर कर सामने आई.

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रिया के दावे के मुताबिक, वो और सुशांत जिस होटल में रुके थे उसका नाम, Palazzo Magnani Feroni है. इस होटल की गैलरी में आप बड़ी बड़ी मूर्तियां देख सकते हैं. ये भड़काऊ गॉथिक शैली की एक झलक दिखाती है. कमरों में जो पेंटिंग्स हैं, उनमें कई तरह की ह्यूमन पेंटिंग्स हैं. दंतकथाओं के किरदारों की तरह, कुछ पेंटिंग्स में परियों को, दूतों को उड़ते हुए दिखाया गया है. गोथिक शैली के अलग अलग प्रकारों और उसके इंडो संस्करण के बारे में और भी जानकारी आप नीचे दिए गए लिंक पर जाकर पा सकते हैं.

गोथिक आर्किटेक्चर के बारे में डिटेल से पढ़ें, Quora के इस लिंक पर जाकर

 

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