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Train Accident In Odisha : इतिहास में सबसे बड़ी त्रासदी में से एक ओडिशा ट्रेन दुर्घटना, इससे पहले रेल दुर्घटनाओं देखें लिस्ट

Train Accident In Odisha : ओडिशा में 2 जून 2023 की रात को भीषण ट्रेन दुर्घटना में 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और लगभग 900 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल है. ओडिशा के बालासोर जिले में बहनागा रेलवे स्टेशन के पास कोलकाता से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण और भुवनेश्वर से 170 किलोमीटर उत्तर में शुक्रवार शाम करीब सात बजे दो एक्सप्रेस ट्रेनें और एक मालगाड़ी ट्रेन आपस में टकरा गईं. शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस के 10 से 12 डिब्बे पटरी से उतर गई. यशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बों के पटरी से उतर गई बोगियों से टकरा गई, जिससे इसके तीन से चार डिब्बे पटरी से उतर गए. सुपरफास्ट ट्रेन के पलटे डिब्बों में कई यात्री फंस गए. बचाव कार्य जारी है.

भारतीय रेलवे के कार्यकारी निदेशक अमिताभ शर्मा ने एएफपी को बताया, “दुर्घटना में दो यात्री ट्रेनों की सक्रिय भागीदारी थी, जबकि तीसरी ट्रेन, एक मालगाड़ी थी, जो साइट पर खड़ी थी, भी दुर्घटना में शामिल है.” देश की सबसे खतरनाक ट्रेन दुर्घटनाओं में से एक शाम 7 बजे के आसपास हुई, जब कई यात्री सो रहे थे. चेन्नई जा रही कोरोमंडल शालीमार एक्सप्रेस कथित तौर पर पटरी से उतर गई और एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिसके बाद कई डिब्बे पलट गए.

ओडिशा में शुक्रवार को हुई ट्रेन दुर्घटना आजादी के बाद की सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक है. यह 6 जून, 1981 को था, जब भारत ने बिहार में हुई अपनी सबसे खराब ट्रेन दुर्घटना दर्ज की थी. पुल पार करते समय एक ट्रेन बागमती नदी में गिर गई, जिसमें 750 से अधिक लोगों की मौत हो गई. इसके बाद 20 अगस्त 1995 को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस फिरोजाबाद के पास खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस से टकरा गई। आधिकारिक मरने वालों की संख्या लगभग 305 थी.

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14 साल बाद फिर से त्रासदी आई || Tragedy strikes again after 14 years

14 साल बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस का एक्सीडेंट हुआ. इससे पहले, 13 फरवरी, 2009 को हावड़ा से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस की 13 बोगियां ओडिशा के जाजपुर जिले में पटरी बदलते समय पटरी से उतर जाने से कम से कम 16 यात्रियों की मौत हो गई थी और 161 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

हाल के वर्षों में भारत में हुई प्रमुख रेल दुर्घटनाएँ इस प्रकार हैं:

2002 हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस: ​​हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस गया और डेहरी-ऑन-सोन स्टेशनों के बीच रफीगंज स्टेशन के पास पटरी से उतर गई थी, जिसमें दो डिब्बे नदी में गिर गए थे. हादसे में करीब 140 लोगों की मौत हो गई थी.
2005 वैलिगोंडा ट्रेन का मलबा: डअचानक आई बाढ़ के कारण हैदराबाद के निकट वेलिगोंडा में स्थित एक छोटा पुल बह गया. 29 अक्टूबर 2005 को एक ट्रेन पुल के इस हिस्से को पार कर रही थी. ट्रेन को जानकारी नहीं थी कि पुल का एक हिस्‍सा गायब है और यह ट्रेन अपने सवारों समेत पानी में उतरती चली गई.इस हादसे में लगभग 114 लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए.
2010 ज्ञानेश्वरी आपदा: मुंबई जाने वाली जनेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन के कम से कम 170 यात्रियों की मौत खेमाशुली और सरधिया स्टेशनों के बीच कुछ बोगियों के पटरी से उतर जाने और बगल की पटरियों पर गिरने से हो गई थी. विपरीत दिशा से आ रही मालगाड़ी चंद मिनटों में बोगियों से होकर निकल गई. 200 से अधिक यात्री घायल भी हुए हैं.
2010 सैंथिया ट्रेन दुर्घटना: उत्तर बंगा एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल के सैंथिया में एक-दूसरे से टकरा गईं, जिसमें लगभग 63 लोगों की मौत हो गई और 165 से अधिक लोग घायल हो गए.
2016 इंदौर पटना एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना: 20 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस 19321 पुखरायां, कानपुर, भारत के पास पटरी से उतर गई, जिसमें कम से कम 150 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए.
2017 कैफियत एक्सप्रेस त्रासदी: 23 अगस्त को, दिल्ली जाने वाली कैफियत एक्सप्रेस के नौ डिब्बे उत्तर प्रदेश के औरैया के पास पटरी से उतर गए, जिससे कम से कम 70 लोग घायल हो गए. 18 अगस्त को पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर में पटरी से उतर गई, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई और लगभग 60 अन्य घायल हो गए.
2022 गुवाहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस दुर्घटना: 13 जनवरी को, बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के कम से कम 12 डिब्बे अलीपुरद्वार के पश्चिम बंगाल क्षेत्र में पटरी से उतर गए, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए.

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