Vaishno Devi landslide : SDRF ने शुरू की रेस्क्यू ऑपरेशन, कई यात्री फंसे
Vaishno Devi landslide : श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा मार्ग पर अर्धकुवारी में हुए भयंकर लैंडस्लाइड के कारण कई लोगों की मौत हो गई और 14 से ज्यादा घायल हो गए हैं. घटना के समय कई तीर्थयात्री स्थल पर मौजूद थे. दो मृतकों के शव पहले ही बरामद कर के कटरा अस्पताल भेजे गए हैं, जबकि गंभीर रूप से घायल कई लोगों को इलाज के लिए ट्रांसफर किया गया है.बचाव और राहत कार्यों में भारी मात्रा में फोर्स और मशीनरी तैनात की गई है. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) स्थिति पर नजर रखे हुए है और आपातकालीन टीमों के साथ कोडिनेट कर रहे हैं.
रातभर हुई भारी बारिश ने अर्धकुवारी मार्ग पर भूस्खलन को_trigger_ किया, जिसके कारण श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू और कश्मीर के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। पूरे राज्य में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे आगे और भूस्खलन तथा Flash Floods का खतरा बढ़ गया है।
तीर्थयात्रियों को आधिकारिक अपडेट फॉलो करने की सलाह
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल श्राइन बोर्ड के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जारी किए गए अपडेट को ही फॉलो करें।
IMD ने जम्मू क्षेत्र के कठुआ, सांबा, डोडा, जम्मू, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में बारिश के लिए चेतावनी जारी की है। इस बीच, चेनाब नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और कुछ क्षेत्रों में चिंता पैदा हो गई है। SDRF टीमों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रशासन ने विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न जाने की सलाह दी है।
दो स्थानों पर क्लाउडबर्स्ट के कारण NH 244 बह गया। डोडा के जिला उपायुक्त हरविंदर सिंह ने बताया कि Flash Floods में तीन लोगों की मौत हो गई — दो गंधोह में और एक थात्री उपमंडल में। लगभग 15 आवासीय घर और कई पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, साथ ही एक निजी स्वास्थ्य केंद्र भी भारी नुकसान झेल चुका है। तीन पैदल पुल भी बह गए हैं.
श्री माता वैष्णो देवी भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित एक प्रमुख हिन्दू तीर्थस्थल हैं। माता का यह मंदिर पहाड़ियों के बीच कत्रा कस्बे के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। हर साल लाखों श्रद्धालु माता के दरबार में दर्शन के लिए आते हैं।
माना जाता है कि माता वैष्णो देवी भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। हिन्दू धर्म में माता को शक्ति और करुणा का प्रतीक माना जाता है. तीर्थयात्रियों की आस्था और भक्ति के कारण यह स्थान देश और विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है.
यात्रा मार्ग और तीर्थयात्रा
मुख्य प्रवेश बिंदु: यात्रा की शुरुआत कत्रा से होती है.
तीर्थयात्रा का मार्ग: कटरा से लगभग 12 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद भक्त भवन, अर्धकुवारी और कुंजेश्वर गुफा तक पहुंचते हैं.
सुविधाएँ: यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, मेडिकल सुविधाएं और कैफे उपलब्ध हैं.
विशेष मौसम और सावधानियाँ: मानसून और भारी बारिश के दौरान यात्रा अस्थायी रूप से बंद हो सकती है। तीर्थयात्रियों को आधिकारिक सूचना और मौसम अपडेट का पालन करना चाहिए।
माना जाता है कि माता वैष्णो देवी ने असुरों और बुराई पर विजय पाने के लिए पहाड़ों में तपस्या की थी. माता की पूजा के लिए यह गुफा स्थान बहुत प्राचीन है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता स्वयं भक्तों की समस्याओं का निवारण करती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं.
Navratri: नौ दिन की यह महोत्सव यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.
Diwali और Makar Sankranti: विशेष पूजा और भजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें.
पर्याप्त पानी और भोजन साथ रखें
भीड़ और बारिश के कारण सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.
केवल आधिकारिक मार्ग और श्राइन बोर्ड द्वारा जारी सूचना का पालन करें.
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