Chikmagalur Hill Station : कॉफ़ी कैपिटल ऑफ़ कर्नाटक, ये जगह है कॉफ़ी के दीवानों के लिए

Chikmagalur Hill Station :  बरसात का मौसम हो, हसीन वादियां हों और हाँथो में हो कॉफ़ी का कप। चिकमगलूर ये जगह है कॉफ़ी के दीवानों के लिए। यहां हर तरफ़ आपको कॉफ़ी के बागान देखने को मिलेंगें।

 

कहाँ है स्थित चिकमंगलूर ( Where is Chikmagalur situated )

चिकमगलूर पर्यटन स्थल कर्नाटक के मुलायनगिरी पहाड़ी की तलहटी में स्थित है। इस पर्यटन स्थल की ऊंचाई करीब 3400 फीट है। ये स्थान तुंगा और भद्रा जैसी नदियों भी प्रमुख स्त्रोत है। चिकमगलूर में हरे-भरे पेड़-पौधे, पहाड़, सुरम्य ट्रेकिंग ट्रेल्स, आकर्षित झरने, घनी वादियां और रहस्यमय मंदिर स्थित हैं। चिकमगलूर टूरिस्ट प्लेस है जिसके कारण देश-विदेश से यहां आने वाले सैलानियों की लम्बी कतार लगी रहती है।

चिकमगलूर है ” कॉफ़ी कैपिटल ऑफ़ कर्नाटक ” ( Chikmagalur coffe capital of Karnataka )

चिकमगलूर की खासियत यहां के कॉफी के बागान हैंं। इसीलये ये भारत का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक के नाम से जाना जाता है।
अगर आप शोर शराबे से बहुत दूर और प्रकृति की सुंदरता को करीब से देखना चाहते हैं तो एक बार चिकमगलूर ज़रूर जायें। यहाँ आपको प्राकृतिक सौंदर्यता के साथ ही साथ कई एडवेंचर गतिविधियां भी देखने को मिल जायेंगीं। अगर आप कॉफी पीने के शौकीन हैं। और किसी सुबह अगर आपको अपने चारों तरफ कॉफी के बागान नजर आएं तो ऐसे में आपको कैसा महसूस होगा। इस नज़ारे के बारे में सोच कर ही मन रोमांचित हो उठता है। कर्नाटक की इस छोटी सी जगह चिकमगलूर को कॉफी लैंड कहा जाता है। यहां लोग नए एडवेंचर करने के लिए भी आते हैं।

 

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चिकमंगलूर का हेब्बे झरना

केम्मनगुड्डी पहाड़ी पर बने इस बेहद सुंदर झरने का पानी औषधीय के गुणों से भरपूर है। लगभग 168 मीटर ऊंची इस पहाड़ी से गिरने वाले झरने की चोटी पर चढ़ना बहुत ही कठिन काम है। इसकी वजह है इसकी ऊँचाई। लेकिन जब ये झरना अपनी सफ़ेद छटा के साथ बहता है तो मानों ये संगमरमर से प्रतीत होता है। जब भी चिकमगलूर जाएं इस झरने की खूबसूरती को ज़रूर देखें।

 

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मुल्लयनगिरी चिकमगलूर का सबसे ऊंचा पहाड़

कर्नाटक में स्थित मुल्लयनगिरी यहाँ की सबसे ऊंची चोटी है। चिकमगलूर में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है मुल्लयनगिरी। यहां के ऊंचे पहाड़ों पर एंडवेंचर के शौकीन लोगों का मेला लगा रहता है। यहाँ पर आप ट्रेकिंग, कैंपिंग के साथ ही माउंटेन बाइकिंग भी कर सकते हैं। ये जगह अपने शांत माहौल, हरियाली और ट्रेकिंग के लिए बहुत प्रसिद्ध है।

चिकमगलूर में स्थित कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान

चिकमंगलूर से करीब 60 किमी की दूरी पर ये राष्ट्रीय उद्यान स्थित है। जब भी चिकमगलूर जायें यहां की सैर करना ज़रूर करें। यके स्थान अपने प्राकृतिक खजानों में पहाड़, विशाल पौधों, प्राचीन झरने और हरे-भरे परिदृश्य के लिए बहुत प्रसिद्ध है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो यह स्थान आपके लिए सबसे खास है। यहां का माहौल आपको अपनी ओर आकर्षित कर लेगा। तो यदि आप प्रकृति को करीब से देखना चाहते हैं तो चिकमगलूर की यात्रा एक बार ज़रूर करें। चिकमगलूर ऐसा स्थल है जहां पर आप एक यादगार पल बिता सकते हैं।

किस मौसम में जाएं चिकमगलूर ( When to go Chikmagalur )

वैसे तो आप चिकमगलूर साल भर में कभी भी जाया जा सकता है। लेकिन अगर आप सफर को यादगार बनाना चाहते हैं तो और अगर आप सच्चे प्रकृति प्रेमी है। तो सर्दी और बरसात का मौसम यहां जाने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस मौसम में यहाँ का नज़ारा देखने लायक होता है।

कैसें जायें चिकमगलूर ( How to go Chikmagalur )

कैसे पहुँचे हवाई मार्ग द्वारा ( How to reach there by plane )

चिकमगलूर जाने के लिए आपको बंगलुरु या मैंगलोर हवाई अड्डे तक पहुंचना होगा। हवाई अड्डे पहुँचने के बाद आप वहां से बस या कैब के माध्यम से चिकमगलूर पहुंच सकते हैं।

कैसे पहुँचे रेल मार्ग द्वारा ( How to reach there by train ) 

चिकमगलूर से निकटतम रेलवे स्टेशन बंगलुरु ( 244 किमी), मैसूर (172 किमी) , हासन ( 61 किमी) पड़ता है। यहाँ से बंगलुरु और मैसूर देश के विभिन्न शहरों से जुड़े हुए है। यहाँ से आप रेल द्वारा चिकमगलूर आसानी से पहुंच सकते हैं।

कैसे पहुँचे सड़क मार्ग द्वारा ( How to reach there by road )

चिकमगलूर के लिए आप सड़क मार्ग द्वारा भी जा सकते हैं। बंगलुरु और मैसूर से आपको राज्य परिवहन की बसें भी आसानी से मिल जायेंगीं। जहाँ से आप चिकमगलूर जा सकते हैं।

Anchal Shukla

मैं आँचल शुक्ला कानपुर में पली बढ़ी हूं। AKTU लखनऊ से 2018 में MBA की पढ़ाई पूरी की। लिखना मेरी आदतों में वैसी शामिल है। वैसे तो जीवन के लिए पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद्दारी और ईमानदारी से बढ़कर नहीं। वो क्या है किमैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखती हूँ,मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहज़े याद रखती हूँ,ज़रा सा हट के चलती हूँ ज़माने की रवायत से,जो सहारा देते हैं वो कंधे हमेशा याद रखती हूँ।कुछ पंक्तिया जो दिल के बेहद करीब हैं।"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोयेऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये"