Shillong Hill Station : Shillong छुट्टियां बिताने के लिए है बेस्ट ऑप्शन

Shillong Hill Station : शिलांग जिसे पूर्व के स्कॉटलैंड के नाम से भी जाना जाता है। शिलांग अपने हरे घने जंगल, अनुपम प्राकृतिक छटा, बादलों से ढंके पहाड़, फूलों से आती मीठी-मीठी खूशबू के लिए जाना जाता है। ये स्थान छुट्टियां बिताने के लिए बेस्ट ऑप्शन है।

शिलांग पीक ( Shillong Peak )

शिलांग के पसंदीदा पर्यटन स्थल में शामिल शिलांग पीक समुद्र तल से लगभग 6449 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ये शिलांग का सबसे उच्चतम बिंदु हैं। इस झरने के साथ-साथ मेघालय राज्य पर्यटकों को शानदार और मनोरम दृश्य को भी प्रस्तुत करता हैं। यहां आने वाले पर्यटक दूरबीन के माध्यम से पक्षियों का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। ये स्थान कोहरे से घिरा हुआ, बर्फ़ की चादर ओढ़े रहता है।

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डॉन बॉस्को संग्रहालय

शिलांग में घूमने के लिए डॉन बॉस्को संग्रहालय बहुत प्रसिद्ध है ये स्थान पूरे उत्तर पूर्वी भारत के बारे में सामूहिक जानकारी को एक स्थान पर एकत्रित करके रखने वाला स्थान हैं, यहां आपको उत्तर भारत के बारे में कई जानकारी जानने को मिल जायेंगीं। इसमें एक थीम संग्रहालय, पोशाक, हस्तशिल्प, संग्रहालय में क्षेत्रीय कलाकृति, अलंकरण, तस्वीरों और हथियारों को एकत्रित करके रखा गया हैं। ये संग्रहालय एक बड़ी सात मंजिला ईमारत के रूप में स्थित है।

उमियम झील

शिलांग में आपको झील, झरने और तालाब देखने को मिल जायेंगें। शिलांग में स्थित उमियम झील एक मानव निर्मित झील है। ये झील भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय कि राजधानी शिलांग से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित है। ये झील उन लोंगों के लिए किसी स्वर्ग कि तरह है जो प्रकृति कि खूबसूरती में बेहद दिलचस्पी रखते हैं। ये झील यहां का एक शानदार पिकनिक स्पॉट हैं।

शिलांग का हाथी झरना ( Elephant waterfall of Shillong )

शिलांग के पर्यटन स्थलों में हाथी फाल्स एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। ये उत्तर पूर्व राज्य में सबसे लोकप्रिय फॉल्स में से एक हैं। हाथी का झरना पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इसका आकार हाथी जैसा है इसलिए अंग्रेजों ने इस जलाशय को हाथी झरना या एलीफैंट फाल्स नाम दिया गया।

डेंगी पीक

शिलांग का भव्य पर्यटन स्थल डेंगी चोटी शिलांग के पश्चिमी किनारे पर स्थित हैं। ये लगभग 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। डेंगी पीक शिलांग की सबसे ऊंची चोटी ये शिलांग से सिर्फ 200 फीट छोटी है। यहां होने वाले विभन्न साहसिक खेलों में रॉक क्लाइंबिंग और रैपलिंग मुख्य रूप से शामिल हैं।

शिलांग में स्थित मेघालय राज्य संग्रहालय ( Meghalaya state museum located in Shillong )

मेघालय राज्य संग्रहालय सैलानियों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल के तौर पर जाना जाता है। इस संग्रहालय में आदिवासी के समय की कलाकृतियों और प्राचीन शास्त्रों का संग्रह करके रखा गया है। ये खूबसूरत संग्रहालय स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में लाइचुमियर में स्थित है और इसका रखरखाव मेघालय राज्य सरकार द्वारा सुव्यवस्थित ढंग से किया जाता हैं।

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शिलांग का जकार्म वॉटरफॉल 

शिलांग में घूमने की के लिए जकार्म सल्फर का एक प्रसिद्ध गर्म पानी का झरना है। ये शिलांग शहर से लगभग 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये स्थान यहां के स्थानीय लोगों के बीच हॉट स्प्रिंग्स के रूप में भी काफ़ी लोकप्रिय है।कब जाएं शिलांगशिलांग घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून माना जाता है। इस समय आप यहाँ मानसून का मज़ा ले सकते हैं।

कब जाएं शिलांग ( When to visit Shillong )

शिलांग घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून माना जाता है। इस समय आप यहाँ मानसून का मज़ा ले सकते हैं।

कैसें करें शिलांग की यात्रा ( How to visit Shillong )

मेघालय जाने के लिए हवाई मार्ग सबसे अच्छा विकल्प है। यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा शिलांग में स्थित उमरोई है। यहां पहुँचने के लिए आपको 40 किमी का सफर तय करना होगा। यहां से कोलकाता और गुवाहाटी के लिए सीधी उड़ाने भी आपको मिल जायेंगीं। पहाड़ी राज्य होने की वजह से मेघालय में रेल मार्ग नहीं है। जिस कारण आपको गुवाहाटी रेलवे स्टेशन का सहारा लेना पड़ेगा। गुवाहाटी रेल मार्ग कई अहम राज्यों व शहरों से जुड़ा हुआ है। यहां से हर 1 घंटे मे शिलांग के लिए बस सेवा उपलब्ध है।

 

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Anchal Shukla

मैं आँचल शुक्ला कानपुर में पली बढ़ी हूं। AKTU लखनऊ से 2018 में MBA की पढ़ाई पूरी की। लिखना मेरी आदतों में वैसी शामिल है। वैसे तो जीवन के लिए पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद्दारी और ईमानदारी से बढ़कर नहीं। वो क्या है कि मैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखती हूँ, मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहज़े याद रखती हूँ, ज़रा सा हट के चलती हूँ ज़माने की रवायत से, जो सहारा देते हैं वो कंधे हमेशा याद रखती हूँ। कुछ पंक्तिया जो दिल के बेहद करीब हैं। "कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये"