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Bihu Festival of Assam : इन लज़ीज पारंपरिक जायकों के बिना अधूरा है असम का बिहू फेस्टिवल

Bihu Festival of Assam : असम का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार बिहू है। पूरे राज्य में इस त्योहार के साथ ही नए साल की भी शुरुआत हो जाती है। इस दिन सूर्य मेष में गोचर करता है, इसलिए इसे नए सौर कैलेंडर की शुरुआत माना जाता है। बैसाखी की तरह ही बिहू भी किसानों का ही त्योहार होता है। किसान अपनी फसलों की कटाई करते हैं और ईश्वर को फसलों के लिए धन्यवाद करते हैं। बिहू पर नए अनाज से ही पकवान तैयार किए जाते हैं और उसे भगवान को चढ़ाया जाता है। इस दिन के बाद ही किसान नया अनाज खाना शुरू कर देते हैं। हालांकि बिहू साल में तीन बार मनाई जाती है। ठीक उसी तरह जैसे किसानों की खेती होती है और साल में तीन बार कटाई होती है। पहला होता है भोगाली बिहू या माघ बिहू, दूसरा होता है बोहाग बिहू या रोंगाली और तीसरा होता है कोंगाली बिहू।

बिहू की शुरूआत होते ही असम का नजारा देखने लायक होता है। चारों तरफ खेतों में लहलहाती हुई फसल, झूमते-नाचते हुए लोग और तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन इसकी रौनक को और भी खूबसूरत बना देता है। असम में रहने वाले ज्यादातर लोग कृषि पर ही निर्भर हैं इसलिए यहां पर इस त्योहार का काफी महत्व है। कोई भी फेस्टिवल वहां के पारंपरिक खान-पान के बिना अधूरा है। खानपान के साथ ही असम के लोकगीत और नृत्य का तालमेल बिहू को मशहूर बनाता है। इस फेस्टिवल में बनाए जाने वाले अलग-अलग तरह के पकवानों में चावल, नारियल, गुड़, तिल और दूध का खासतौर से इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं कि बिहू के वक्त में क्या क्या है खास पकवान

खार || Khar

असम के लोगों के लिए खार बहुत ही महत्वपूर्ण डिश है। इसमें अल्केलाइन डाला जाता है और पपीते के साथ-साथ जले हुए केले के तने का भी इस्तेमाल किया जाता है। इससे पेट की सफाई हो जाती है।

तिल के लड्डू || sesame laddus

असम में बिहू के मौके पर तिल के लड्डू बनाने की परंपरा काफी मशहूर है। काले औऱ सफेद तिल और गुड़ को मिलाकर बनाया जाने वाला ये लड्डू सेहद और स्वाद से भरा हुआ होता है।

आलू पितिका || Potato Pitika

आलू पितिका सबसे आरामदायक डिश में से एक है। बिहार में इसे चोखा कहते हैं। उबले आलू को मसलकर, उसमें प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिय, नमक और सरसों का तेल डाला जाता है। आमतौर पर इसे चावल दाल और नींबू के साथ सर्व किया जाता है।

जाक || Jacques

जाक में सारी हरी और पत्तेदार सब्जियां होती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से सेहत अच्छी बनी रहती है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

पागी मेवा || Paagi dry fruits

पागी मेवा भी बिहू के मौके पर असम में बनने वाली एक स्वीट डिश है जो कि स्वाद में बेहद ही अच्छी होती है।

मसोर टेंगा || Masor Tenga

असम में लोग मछली खूब खाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा मशहूर, प्रचलित और पसंदीदा डिश मसोर टेंगा है। ये स्वाद में थोड़ा खट्टा होता है। इसमें नींबू, कोकम, टमाटर, हर्ब्स, आदि डाला जाता है। इसे चावल के साथ खाते हैं।

मांगशो || Mangsho

मांगशो मटन करी डिश होता है। असम में ये डिश भी बहुत प्रचलित है और असम में इसे लूची यानी कि पुलाव के साथ खाते हैं। पारंपरिक पकवान के साथ बिहू का आनंद उठाएं।

नारियल के लड्डू || coconut laddus

नारियल के लड्डू का स्वाद आप यहां के ज्यादातर त्योहारों में ले सकते हैं। जिसे कच्चे नारियल से बनाया जाता है। नारियल के साथ ही इसमें बहुत सारे ड्राईफ्रूट्स भी होते हैं। हेल्दी और टेस्टी ये लड्डू लाइट डेजर्ट की तरह खाए जाते हैं।

फिश पीटिका || fish box

फिश पीटिका को भी असम की मशहूर डिशेज में से एक माना जाता है, जिसे त्योहारों के मौके पर बनाना काफी ज्यादा शुभ माना जाता है।

तिल पिट्ठा || sesame seeds

बिहू का त्योहार बिना तिल पिट्ठा के अधूरा रह जाता है। इसका स्वाद आप असम के हर घर में और होटल में ले सकते हैं। तिल और नारियल की स्टफिंग के साथ रोल शेप में बनने वाले पिट्ठे का स्वाद एक बार खाने के बाद कभी भी नहीं भूल सकेंगे।

घीला पिट्ठा || wet pitta

घीला पिट्ठा भी असम के पारंपरिक खाने में से एक है, जिसे यहां पर बिही के मौके पर खास रूप में बनाया जा सकता है।

खरबूजा के बीज || melon seeds

खरबूजे के बीज को धोकर अच्छे से सुखाया जा सकता है फिर इन्हें पैन में घी के साथ सुनहरा होने तक भूना जाता है। इसमें फिर दोबारा चीनी मिलाकर उसका गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है। बीज और चीनी से तैयार हुए इस पेस्ट को गरमा गरम सर्व किया जाता है।

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