Bijethua Dham – हनुमान ने यहीं किया था कालनेमि का वध, आज भी मौजूद है कुंड!

Bijethua Dham – भारत में हनुमान जी के कई मंदिर मिलते हैं. राजस्थान के मेहंदीपुर और सालासर में बालाजी ( Balaji Mandir in Mehandipur and Salasar ) खासे प्रसिद्ध हैं. राजस्थान से दूर, उत्तर प्रदेश की भूमि पर हनुमान जी का एक और प्राचीनतम और महत्वपूर्ण मंदिर है. इस मंदिर को बिजेथुआ धाम ( Bijethua Dham ) के नाम से जाना जाता है. हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर बिजेथुआ धाम ( Bijethua Dham ), सुलतानपुर जिले में स्थित है.

सुलतानपुर जिले के सूरापुर में स्थित बिजेथुआ धाम ( Bijethua Dham ) को बिजेथुआ महावीर मंदिर ( Bijethua Mahavir Mandir ) के नाम से भी जाना जाता है. पूर्वांचल के क्षेत्र से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. हर मंगलवार और शनिवार को यहां मेले जैसा दृश्य बन जाता है.

इस मंदिर ( Bijethua Dham ) का ज़िक्र रामायण में भी किया गया है. त्रेतायुग में हनुमान जी ने यहां ( Bijethua Dham ) कालनेमि राक्षस को हराया था. कालनेमि वही राक्षस था, जिसे रावण ने हनुमान जी के कार्य में बाधा डालने के उद्देश्य से तब भेजा था, जब वह लक्ष्मण के मूर्छित होने पर जड़ी बूटी लेने हिमालय जा रहे थे.

हनुमान जी ने इस स्थान ( Bijethua Dham ) पर न सिर्फ कालनेमि का वध करके उसे मुक्ति प्रदान की थी बल्कि यहीं उन्होंने विश्राम भी किया था. हनुमान जी ने यहां मकर कुंड में स्नान भी किया था. यह कुंड बिजेथुआ मंदिर ( Bijethua Dham ) के किनारे ही स्थित है.

कुंड में स्नान करते समय एक मगर ने हनुमान जी से कालनेमि की असलियत बता दी थी. बिजेथुआ महावीर ( Bijethua Mahavir Mandir ) में आपको घंटियों की एक श्रृंखला दिखाई देती है. मंदिर की इन घंटियों को श्रद्धालु ही अपनी मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए चढ़ाते हैं.

कैसे पहुंचें बिजेथुआ धाम || How to Reach Bijethua Dham

वायु मार्ग से – यहां से नज़दीकी हवाई अड्डा प्रयागराज में है. हवाईअड्डे से सुलतानपुर जिले की कुल दूरी 2 घंटे की है. यहां अलग अलग एयरलाइंस की नियमित उड़ाने हैं.

दूसरा निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा है. लखनऊ में स्थित यह हवाईअड्डा सुलतानपुर से लगभग 148 किलोमीटर दूर है. लखनऊ के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने मिलती हैं.

रेल मार्ग से – सुलतानपुर, दिल्ली-वाराणसी रेल मार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्टेशन है. लखनऊ से वाराणसी के लिए जाने वाली लगभग सभी रेलगाड़ियों का यहां ठहराव है. सुलतानपुर रेलवे स्टेशन चूंकि एक जंक्शन है, इसलिए यहां से अलग अलग रेल लाइनें भी निकलती हैं.

सड़क मार्ग से – सुलतानपुर सड़क मार्ग से अच्छी तरह कनेक्टेड है. आप निजी वाहन के ज़रिए भी यहां आ सकते हैं. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बनने के बाद यहां पहुंचना और भी आसान हो चुका है.

सुलतानपुर, फैजाबाद से 60 किमी, प्रयागराज से 103 किमी, लखनऊ से 135 किमी, वाराणसी से 162 किलोमीटर, कानपुर से 231 किमी, दिल्ली से 630 किलोमीटर, भोपाल से 662 किमी, जयपुर से 743 किमी दूर है.

आप यहां निजी वाहन से भी पहुंच सकते हैं और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बस सेवा या निजी बसों के ज़रिए भी

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