Importance of Vishram Ghat
Importance of Vishram Ghat : मथुरा शहर 25 स्नान घाटों का घर है, जिनमें से सभी का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है. उन घाटों में से एक है विश्राम घाट, जिसका सबसे बड़ा धार्मिक महत्व है. नए बाजार में स्थित, यह इस घाट पर है कि पारंपरिक परिक्रमा (परिक्रमा) शुरू और समाप्त होती है. विश्राम घाट जिसे मथुरा में सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और घाट के आस-पास कई मंदिर हैं. इनमें से कुछ लंगली हनुमान, मुकुट मंदिर, राधा-दामोदर और मुरली मनोहर हैं. श्री चैतन्य महाप्रभु का बैठक भी पास ही स्थित है.
कई अन्य घाटों की तरह, यह भी कई कहानियों से जुड़ा है. उनमें से एक के अनुसार, यहीं पर भगवान कृष्ण ने मथुरा के दुष्ट राजा कंस का वध करने के बाद कुछ समय विश्राम किया था. माना जाता है कि भक्ति युग के प्रसिद्ध वैष्णव संत और विद्वान चैतन्य महाप्रभु ने भी स्नान का आनंद लेने के बाद इस घाट पर विश्राम किया था.
एक पौराणिक कथा के अनुसार, क्रूर राक्षस हिरण्यकश्यप को मारने के बाद विश्राम घाट भगवान वराहदेव का विश्राम स्थल भी था. घाट पर हर शाम एक आरती होती है जो पर्यटकों और भक्तों को बड़ी संख्या में आकर्षित करती है. इन आरतियों के दौरान एक विशेष रूप से सुंदर दृश्य छोटे तेल के दीपक हैं जो धीरे से नदी पर डांस करते करते नजर आते हैं.
विश्राम घाट मथुरा जंक्शन से लगभग 4 किमी की दूरी पर स्थित है. यह यमुना नदी के तट पर स्थित एक पवित्र स्नान स्थल है जिसे हिंदू धर्म में सबसे पवित्र माना जाता है.
प्राचीन हिंदू धर्म के अनुसार, भक्त इन पवित्र नदियों, जैसे यमुना, गंगा, आदि में स्नान करने के बाद सभी पापों और दुर्भाग्य से खुद को मुक्त कर सकते हैं. इसके अलावा, यह माना जाता है कि कोई भी अपने पाप को धो सकता है और मोक्ष की कामना कर सकता है.
विश्राम घाट, जो मथुरा का सबसे महत्वपूर्ण घाट है, 16वीं शताब्दी में कहीं बनाया गया था. इतिहास में कई बदलाव हुए, जिनमें एक बार अकबर के शासनकाल के दौरान भी शामिल है.
मथुरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कई स्थानों का घर है. यहा विश्राम घाट के आस-पास के कुछ आकर्षण हैं. जिन्हें आपको देखना चाहिए.
द्वारकाधीश मंदिर, कंस किला,मथुरा म्यूजियम,श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर, केशवदेव मंदिर.
1. नाव की सवारी: विश्राम घाट अपनी नाव की सवारी के लिए फेमस है क्योंकि यह अन्य घाटों के केंद्र में है. सवारी के दौरान आपनदी के पूरे खंड को देख सकते हैं. घाट पर अलग-अलग कीमतों पर अलग-अलग तरह की नावें उपलब्ध हैं.
2. आरती: सबसे खूबसूरत पहलू शाम की आरती है जिसे कभी मिस नहीं करना चाहिए. हर शाम एक आरती होती है. इसके अलावा, हजारों तेल के दीपक नदी के नीचे तैरते हैं, जो देखने में एक सुंदर लगते हैं.
ट्रेवल टिप्स: वीडियो कैमरा, फोन, DSLR
सार्वजनिक परिवहन के कई साधनों के माध्यम से विश्राम घाट तक पहुंचा जा सकता है. बसें, रिक्शा और ऑटो आसानी से उपलब्ध हैं, और आप कम समय में आसानी से घाट तक पहुंच सकते हैं.
नजदीकी रेलवे स्टेशन: विश्राम घाट मथुरा जंक्शन स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर दूर है. ऑटो-रिक्शा, बस, ई-रिक्शा, टैक्सी आपको ट्रेन स्टेशन से सीधे विश्राम घाट ले जाएंगे.घाट लगभग 15 मिनट की पैदल दूरी पर है.
नजदीकी बस स्टैंड : मथुरा बस स्टैंड से विश्राम घाट लगभग 2.8 किलोमीटर दूर है. घाट बस स्टेशन से ऑटो-रिक्शा, बसों, ई-रिक्शा, टैक्सियों या साइकिल-रिक्शा के माध्यम से पहुंचा जा सकता है.
आप मथुरा-वृंदावन में कार किराए पर लेने वाली कंपनियों से विश्राम घाट और आसपास के अन्य दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए एक निजी टैक्सी किराए पर ले सकते हैं.
विश्राम घाट जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है. भाई दूज का अवसर भी विश्राम घाट के दर्शन के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. इस उत्सव के दौरान पारंपरिक आरती के लिए दिवाली के दूसरे दिन भारी भीड़ इकट्ठा होती है.
Sindoor Khela : दुर्गा पूजा का उत्सव पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में धूमधाम से… Read More
Ramleela Around the World : नवरात्र के दौरान भारत के कई शहरों में रामलीला का… Read More
Devi Durga Temples in India : भारत में देवी दुर्गा के ऐसे मंदिर जहां नवरात्रि… Read More
History of Ramlila Maidan : दिल्ली का रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) केवल धार्मिक आयोजनों के… Read More
History of the Kali Gandaki River: भारत और नेपाल की प्रमुख नदियों में शामिल काली… Read More
Shri Vinayak Mandir : दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित Shri Vinayak Mandir इन दिनों चर्चा… Read More