असम राज्य अपनी विविध संस्कृति और हरे-भरे जंगलों के कारण जाना जाता है। असम ही एक ऐसा राज्य है जो हर मायने में प्रकृति के बेहद करीब है। जो लोग वन्यजीव पर्यटन के चहेते है, वो असम की ओर जरूर रूख करें।
Assam Travel Blog : असम राज्य अपनी विविध संस्कृति और हरे-भरे जंगलों के कारण जाना जाता है। असम ही एक ऐसा राज्य है जो हर मायने में प्रकृति के बेहद करीब है। जो लोग वन्यजीव पर्यटन के चहेते है, वो असम की ओर जरूर रूख करें। साथ ही पहाड़ों की खूबसूरती असम को और महत्व देती है। ये उत्तरपूर्वी राज्य उत्तर में भूटान और अरूणाचल प्रदेश से, पूर्व में नागौलैंड और मणिपुर से और दक्षिण में मिजोरम की सीमाओं से लगता है। असम की खूबसूरती ऐसी है कि मानो कोई भी इसमें खो जाए।
ये भारत के हर बड़े राज्य से हवाई मार्ग के जरिये जुड़ा हुआ है, गुवाहाटी हवाई अड्डा यहां का सबसे बड़ा और नॉर्थ ईस्ट भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक है, जो कि असम में ही है। वहीं ये राज्य सड़क और रेल मार्ग से भी पूरी तरह से जुड़ा है। तो किसी को यहां आने में भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
असम इतना खूबसूरत राज्य है कि इसे आप साल के किसी भी वक्त में देखने के लिए आ सकते हैं। ये हमेशा ही बेहद खूबसूरत बना रहता है। पहाड़ों की खूबसूरती, प्रकृति का प्यार असम को बेहद शानदार तरीके से मिला है।
असम को अक्सर लोग सिर्फ एक घूमने की जगह मानते हैं जबकि ऐसा बिलकुल भी नहीं है। ये घूमने के लिहाज से ही नहीं बल्कि शॉपिंग के लिहाज से भी काफी अच्छा राज्य है। यहां के स्थानीय बाजारों में आपको कई तरह की खास चीजें मिल जाएंगी। चाहे कपड़ा हो, जूलरी हो, स्थानीय डिजाइन वाले खास आइटम हों या फिर बर्तन, असम में आपको वो सब मिलेगा जो आपको चाहिए। आज हम आपको ट्रेवल जुनून में अपने इस आर्टिकल के माध्यम से असम के कुछ प्रसिद्ध बाजारों के बारे में बताने जा रहे हैं।
अगर आप असम में जाए और चाय के बागान ना देखें तो फिर मानों कि क्या ही देखा। असम अपने चाय के बागानों के लिए काफी प्रसिद्ध है। असम की चाय पूरे भारत में मशहूर है। इतना ही नहीं असम की चाय की मांग सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी ज्यादा है। अगर आप असम की फेमस और अलग-अलग प्रकार की चाय खरीदना चाहते हैं तो जालान टी मार्केट आपके लिए एक दम सही है। यहां पर आपको कई प्रकार की चाय मिलती है। कई बार तो आप कन्फ्यूज भी हो जाएंगे कि कौन सी चाय खरीदें।
असम के शहर गुवाहाटी में माटी सेंटर एक जगह है जो कि शॉपिंग के लिए अपने आप में खास महत्व रखती है। यहां पर आपको कई तरह का सामान मिल जाता है। आप जाकर अपनी पसंद के मुताबिक सामान खरीद सकते हैं। इसे एक पति और पत्नी मिलकर चलाते हैं। यहां पर नॉर्थ-ईस्ट के कई एनजीओ अपना सामान बेचने के लिए आते हैं। इसका उद्देश्य यहां पर आने वाले पर्यटकों के बीच स्थानीय हैंडीक्राफ्ट यानी की हाथ से बनाए सामान को लोकप्रिय करना है।
ये स्थानीय संगठनों द्वारा चलाया जाता है और इसका उद्देश्य सभी स्थानीय लोगों के प्रॉडक्ट्स को एक जगह पर पर्यटकों को सामान बेचना है। गुवाहाटी में हैंडीक्राफ्ट आइटम खरीदने के लिए ये सबसे पसंद की जाने वाली जगह है।
गुवाहाटी में बांस से बने फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट के लिए ये मार्केट बेस्ट है। अगर आप लकड़ी का कुछ भी सामान खरीदना चाहते हैं तो यहां आपको ऐसे-ऐसे अनोखे प्रॉडक्ट्स मिलेंगे जिनका बाकी जगहों पर मिलना मुश्किल है।
गुवाहाटी में स्थित सिल्कालय बाजार में आप सिल्क की साड़ियों की शॉपिंग कर सकते हैं। अपनी मशहूर सिल्क साड़ियों के कारण इसने पूरे असम में अपनी अलग पहचान बना ली है। यहां पर अलग-अलग सिल्क वाली साड़ियां मिलती हैं। इनमें मुगा सिल्क, पैट सिल्क, इरी सिल्क, मलबेरी सिल्क शामिल हैं। सिल्कालय में एक से बढ़कर एक सिल्क साड़ियां मिलती हैं।
सरकार की तरफ से हर एक शहर में ऐसा एक एम्पोरियम होता है जहां से आप उस शहर की बेहतरीन आर्ट और क्रॉफ्ट की चीजों की खरीददारी कर सकते हैं। हैंडमेड चीजें दिखने में जितनी भी अलग होती है उतनी ही वो टिकाऊ भी होती है। ऐसा ही प्राग ज्योति एम्पोरियम असम की सरकार के द्वारा चलाया जाता है। यहां से आप ट्राइबल क्रॉफ्ट्स, बैंबू क्रॉफ्ट्स और भी कई तरह के हैंडलूम्स काफी कम दाम में खरीद सकते हैं। ये घर सजाने के साथ ही गिफ्ट देने के लिए भी बेस्ट होते हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को IATA कोड ‘DXN’ मिला है। जानिए इस कोड का… Read More
Mukundara Hills Tunnel : देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अब… Read More
Major Ralengnao Bob Khathing Museum Tawang : Arunachal Pradesh के पश्चिमी छोर पर बसा है… Read More
अक्सर हम अपने दोस्तों के साथ घूमनें का प्लान करते हैं, लेकिन बजट के कारण… Read More
मई और जून के महीनों में दिल्ली की गर्मी लोगों के लिए किसी परीक्षा से… Read More
PM मोदी का ऐलान: बलिया का सुरहा ताल बना भारत का 100वां रामसर स्थल, यहां… Read More