Chamba Travel in Uttarakhand : क्या क्या है खास, घुमक्कड़ी से पहले जान लें

चंबा (Chamba) एक खुबसूरत पर्यटन स्थल है जो की उत्तराखंड (Uttarakhand) के टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal) जिले में स्थित है जिसकी उंचाई समुद्री तट से लगभग 1524 मीटर की है। ये जगह अपने प्राकृतिक परिवेश और प्रदूषण रहित खूबसूरती के लिए पर्यटकों के बीच में काफी पसंद किया जाता है। देवदार और चीड़ के पेड़ों से घिरा हुआ चंबा प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सपनों की दुनिया के जैसा है।

कैसे जाएं चंबा – How to reach Chamba

यात्री चंबा जाने के लिए वायु, रेल और सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। देहरादून में जॉली ग्रांट सबसे पास का हवाई अड्डा है। ये हवाई अड्डा चंबा से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहां से आप को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे के लिए नियमित उड़ानें मिल जाएंगी। यात्री जॉली ग्रांट से चंबा के लिए टैक्सी किराये पर ले कर जा सकते हैं। वहीं अगर बात करें पास के रेलवे स्टेशन की तो चंबा के सबसे पास ऋषिकेश रेलवे स्टेशन है, जो कि यहां से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हिल स्टेशन तक पहुचने के लिए आप रेलवे स्टेशन से टैक्सी किराये पर ले कर जा सकते हैं। इसके अलावा यहां से आपको पास के शहरों के लिए बसें और टैक्सियां मिल जाएंगी। श्रीनगर, देहरादून, टिहरी, देवप्रयाग, उत्तरकाशी, मसूरी, और ऋषिकेश से आपको चंबा के लिए काफी अच्छी संख्या में बसें मिल जाएंगी।

चंबा का मौसम – Weather pf Chamba

सामान्य और सुहाना मौसम होने की वजह से यहां पर साल भर सैलानियों को देखा जा सकता है। गर्मी के मौसम के वक्त अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाता है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। जुलाई के महीने में इस क्षेत्र में मानसून के मौसम की शुरुआत हो जाती है। मानसून के दौरान चंबा में सामान्य से कम बारिश होती है। बारिश के मौसम के तुरंत बाद सर्दियों का मौसम लग जाता है जो कि नवंबर के महीने से शुरू होता है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाता है।

चंबा जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time to Visit Chamba
हालांकि यात्री साल के किसी भी समय चंबा घुमने के लिए जा सकते है, फिर भी ये सलाह दी जाती है की जब सर्दियां अपने खुमार पर होती है तो उस समय यहां की यात्रा नहीं करनी चाहिए। मार्च और जून के बीच की अवधि दर्शनीय स्थलों की यात्रा और अन्य बाहरी गतिविधियों के लिए सबसे सही मानी जाती है।

चंबा में क्या क्या देखें – Where to Travel in Chamba

श्री बागेश्वर महादेव मंदिर – Chri Bageshwar Mahadev Mandir

श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, चंबा का एक प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र है, जो कि हिंदू भगवान शिव को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में प्रतिष्ठापित शिव लिंगम अपने आप जमीन से प्रकट हुआ था और यहां पर लोकप्रिय हिंदू त्योहार शिवरात्रि के दौरान भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में दर्शन करने के लिए आती है।

गब्बर सिंह नेगी मेमोरियल – Gabbar Singh Negi Memorial

गब्बर सिंह नेगी मेमोरियल चंबा में पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय आकर्षण की जगह है। ये स्मारक सन 1925 में ठाकुर गब्बर सिंह के सम्मान में बनाई गयी थी जिन्होंने सन् 1913 में गढ़वाल राइफल्स में एक राइफल के रूप में सेवा की थी। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, गब्बर सिंह और उनकी बटालियन ने जर्मनी के फ्लैंडर्स में युद्ध जीता था। उनकी मृत्यु के बाद, उन्हे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, मरणोपरांत विजय क्रॉस से पुरस्कृत किया गया था। हर साल 21 अप्रैल को गढ़वाल रेजिमेंट, इस बहादुर योद्धा को श्रद्धांजलि देती है।

टेहरी बांध – Tehri Dam

ये भारत का सबसे ऊंचा बांध हैं और दुनिया में 5वां सबसे ऊंचा। टिहरी बांध एक ऐसा दृश्य प्रस्तुत करता है जो कि दिल में समा जाता है। ये दुनिया की सबसे बड़ी पानी से बनने वाली बिजली परियोजना है जो कि हिमालय की दो महान नदियों- भागीरथी और भिलंगना के पानी से है। टिहरी बांध 1,000 मेगावाट की बिजली उत्पादन के साथ सिंचाई और दैनिक कार्यों के लिए पानी की आपूर्ति के लिए भी जिम्मेदार है। टिहरी बांध गढ़वाल में एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल होने के उद्देश्य को भी पूरा करता है। लोग इस स्थान की यात्रा करते हैं, यहां आसपास के पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को देखा जा सकता है, जहां पर वो जेट स्कीइंग, वाटर जॉर्बिंग और राफ्टिंग जैसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। यहां पर पहुंचने के लिए चंबा से 20 मिनट लगते हैं।

सुरकंडा मंदिर – Surkanda Devi Mandir

धनोल्टी के पास स्थित सुरकंडा देवी मंदिर समुद्र तल से 3030 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ये मंदिर देवी सती को समर्पित है और लगभग 2 किलोमीटर के आसान ट्रेक के द्वारा पहुंचा जा सकता है। इस मंदिर में साल भर बड़ी संख्या में भक्तों का आना लगा रहता है। धार्मिक पहलू के अलावा, यहां पर ट्रेक अपने आप में काफी आकर्षक है। वहीं वनस्पतियों और जीवों में समृद्ध ये जगह हिमालय के शानदार दृश्यों को प्रस्तुत करता है और इसमें शांति का सुंदर प्रभाव है।

Taranjeet Sikka

एक लेखक, पत्रकार, वक्ता, कलाकार, जो चाहे बुला लें।