National Unity Day
National Unity Day : भारत की एकता के सूत्रधार कहे जाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को है. उनके फौलादी साहस के कारण उन्हें भारत का लौह पुरुष भी कहा जाता है. इस दिन सरदार पटेल के सम्मान में पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है. भारत की आजादी के बाद उन्होंने देशी रियासतों को भारत में मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय कराया. सरदार पटेल भारत के पहले गृह मंत्री बने। लेकिन क्या आप राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास और महत्व जानते हैं? आगे पढ़ें इसके इतिहास और महत्व के बारे में.
राष्ट्रीय एकता दिवस के बारे में ध्यान देने योग्य पांच महत्वपूर्ण बातें || Five important things to note about National Unity Day
1. राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास || History of National Unity Day
2014 में मोदी सरकार ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. पटेल एकजुट और मजबूत भारत के समर्थक थे और यह भावना उनके कार्यों में देखी जा सकती है.
2. राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व || Importance of National Unity Day
राष्ट्रीय एकता दिवस हमें देश को एकजुट करने के लिए पटेल और अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए संघर्षों और बलिदानों की याद दिलाता है. यह ‘अनेकता में एकता’ की भावना को बढ़ावा देता है और राष्ट्रीय अखंडता बनाए रखने के महत्व पर जोर देता है.
3. 143वीं जयंती पर भव्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी || Grand Statue of Unity on 143rd birth anniversary
उनके योगदान को याद करने के लिए 2018 में गुजरात में उनकी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई.इस प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नाम दिया गया. सरदार पटेल की 143वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में नर्मदा नदी के पास स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन किया.
4. 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पटेल का योगदान || Patel’s contribution to the India-Pakistan War of 1947
गौरतलब है कि वल्लभभाई पटेल ने भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है, आज़ादी के बाद देश को जिस संघर्ष का सामना करना पड़ा. उन्होंने रियासतों के एकीकरण और 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
5. उन्हें भारत के लौह पुरुष की उपाधि कैसे मिली?|| How he got the title of Iron Man of India?
आपको बता दें कि सरदार पटेल ने ब्रिटिश शासन से मुक्त हुई 565 स्वशासित रियासतों में से लगभग हर एक को भारत संघ में शामिल होने के लिए मनाने की अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की थी.नव स्वतंत्र देश की राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सरदार पटेल को – भारत के लौह पुरुष की उपाधि भी दी गई.
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