Vaishno Devi yatra first time travel guide for pilgirms
Vaishno Devi yatra – माता वैष्णो देवी का दरबार हर भक्तों के लिए खुला है और हर समय खुला है. वैसे तो नवरात्रि के दौरान लाखों भक्त माता के दर्शन को जाते हैं. लेकिन कई भक्त नवरात्रि में माता के दरबार में नहीं जाते. इसके कई कारण हैं जिनमें से प्रमुख कारण नवरात्रि के दिनों में होने वाली भीड़ है. अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से हैं और माता के दरबार माता वैष्णो देवी मंदिर पहली बार जाने का प्रोग्राम बना रहे हैं तो हम आपके लिए कुछ बेसिक जानकारी लाए हैं जो आपके लिए जरूरी साबित हो सकती है.
अगर आप नवरात्रि में माता वैष्णो देवी मंदिर जाने से परहेज कर अभी जाने की तैयारी कर रहे हैं तो हम बता देते हैं कि यह आपका सबसे अच्छा फैसला है. इससे आप खुद भी थकावट से बचेंगे और वैष्णो देवी के पर्यावरण पर भी भार कम कर देंगे. माता वैष्णो देवी मंदिर तक की यात्रा को देश के सबसे पवित्र और कठिन तीर्थ यात्राओं में से एक माना जाता है और इसकी वजह है यह है माता का दरबार जम्मू-कश्मीर स्थित त्रिकुटा की पहाड़ियों में एक गुफा में है जहां तक पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर की मुश्किल चढ़ाई करनी पड़ती है.
Maa Vaishno Devi Yatra : वैष्णो देवी यात्रा कैसे करें पूरी, जरूरी Information
आप में से कई लोग शायद पहली बार माता वैष्णो देवी मंदिर जा रहे होंगे. अगर आप पहली बार वैष्णो देवी जा रहे हैं तो आज हम कुछ जानकारी आपसे शेयर करने वाले हैं जो आपके काम आ सकती है.
माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा का पहला पड़ाव जम्मू में होता है. यहां तक आप ट्रेन, बस या फिर हवाई जहाज से पहुंच सकते हैं. जम्मू ब्राड गेज लाइन द्वारा जुड़ा है. उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों से जम्मू के लिए आपको आसानी से बस व टैक्सी मिल सकती है. अगर बात की जाए वैष्णों देवी भवन की तो उसकी शुरुआत कटरा से होती है. जम्मू से कटरा की दूरी लगभग 50 किमी है. जम्मू से बस या टैक्सी द्वारा कटरा पहुंचा जा सकता है. यहां आपको बता दें कि जम्मू रेलवे स्टेशन से कटरा के लिए बस सेवा भी उपलब्ध है जिससे 2 घंटे में आसानी से कटरा पहुंचा जा सकता है. माता वैष्णो देवी मंदिर यात्रा की शुरुआत कटरा से होती है इसलिए कटरा पहुंचकर थोड़ी देर आराम कर लें. क्योंकि इसके बाद आपको वैष्णो देवी की चढ़ाई शुरू करनी है. आप पूरे दिन में कभी भी मां वैष्णों देवी की चढ़ाई शुरू कर सकती हैं.
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जम्मू का छोटा सा शहर कटरा वैष्णो देवी के बेस कैंप के रूप में काम करता है जो जम्मू से 50 किलोमीटर दूर है. यात्रा शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है क्योंकि रजिस्ट्रेशन स्लिप के आधार पर ही मंदिर में दर्शन करने का मौका मिलता है. कटरा से भवन के बीच कई पॉइंट्स हैं जिसमें बाणगंगा, चारपादुका, इंद्रप्रस्थ, अर्धकुवांरी, गर्भजून, हिमकोटी, सांझी छत और भैरो मंदिर शामिल है लेकिन यात्रा का मिड-पॉइंट अर्धकुंवारी है. यहां भी माता का मंदिर है जहां रुककर लोग माता के दर्शन करने के बाद आगे की 6 किलोमीटर की यात्रा करते हैं. वैसे इसी साल 19 मई 2018 को बाणगंगा से अर्धकुंवारी के बीच नए रास्ते का उद्घाटन किया गया है ताकि मौजूदा 6 किलोमीटर के रास्ते पर श्रद्धालुओं की भीड़ को कम किया जा सके.
वैष्णो देवी के बाद भैरव दर्शन जरूरी करें. क्योंकि यहां कि मान्यता है कि यदि आप पहली बार वैष्णों देवी गए हैं तो भैरव मंदिर के दर्शन करने के बाद ही आपकी मुराद पूरी होगी. भैरव मंदिर, वैष्णो देवी के भवन से लगभग 3 किलोमीटर दूरी स्थित है. वैसे कई भक्त जब-जब मां वैष्णों देवी के दर्शन करने आते हैं तब-तब भैरव के दर्शन करने भी जरूर जाते हैं.
कटरा में वैष्णों देवी ट्रस्ट की कई सारी धर्मशालाएं हैं जहां आप आसानी से बुकिंग करा सकते हैं. यहां आप ऑनलाइन बुकिंग भी करा सकते हैं. जिससे आपको वहां पहुंच कर आसानी होगी. तो लीजिए ये रही माता वैष्णो देवी मंदिर तक पहुंचने की पूरी जानकारी. इस जानकारी का इस्तेमाल करें और माता के दर्शन कर के आएं.
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कटरा और जम्मू के नजदीक कई दर्शनीय स्थल और हिल स्टेशन हैं जहां जाकर आप जम्मू की ठंडी हसीन वादियों का लुत्फ उठा सकती हैं. जम्मू में अमर महल, मंसर लेक, रघुनाथ टेंपल आदि देखने लायक स्थान हैं. जम्मू से लगभग 112 किमी की दूरी पर ‘पटनी टॉप’ एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है. कटरा के नजदीक बाबा धनसार, शिव खोरी, झज्झर कोटली, सनासर, मानतलाई आदि कई दर्शनीय स्थल हैं.
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