गर्मियों की छुट्टी में बच्चों को यहां घुमाइए, वो खुश हो जाएंगे

पूरे भारत में गर्मियां शुरु हो गई है। जलती चुभती गर्मी और पसीने से हर कोई काफी परेशान है। गर्मियों को घुमक्कड़ लोग 2 नजरियों से देखते हैं, एक तो कहते हैं कि गर्मियां घूमने के लिहाज से सही नहीं हैं तो वहीं दूसरा मत है कि गर्मियां ही वो समय है जब आप किसी स्थान के बारे में बेहतर तरीके से जान सकते हैं और उस डेस्टिनेशन को समझ सकते हैं। खैर कोई भी ट्रैवलर घूमने के लिए मौसम का मोहताज नहीं है। एक ट्रैवलर को बारिश में भीगकर यात्रा करने में भी उतना ही मजा आता है जितना उसे गिरती हुई बर्फ देखकर या चिलचिलाती गर्मी में घूमकर आता है।

आज ट्रैवल जुनून के इस लेख में हम आपको भारत की उन जगहों के बारे में बताएंगे जहां पर आप गर्मियों की छुट्टियों में जा सकते हैं। अब तो बच्चों के समर वेकेशन भी शुरु होने वाले हैं, तो बिना किसी देरी के इस लेख को पढ़ने के तुरंत बाद अपनी टिकट बुक कराइये और निकल जाइए उन जगहों पर जहां आप अपने परिवार के साथ गर्मियों में छुट्टियों पर जा सकते हैं। तो चलिए आइये जानते हैं कि इस गर्मी में कहां-कहां पर आप अपने परिवार के साथ घूमने के लिए जा सकते हैं।

लद्दाख

इंडस नदी के किनारे पर बसा लद्दाख, जम्मू और कश्मीर राज्य का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस स्थान को लास्ट संग्रीला, लिटिल तिब्बत, मून लैंड या ब्रोकन मून के नाम से भी पहचाना जाता है। मुख्य शहर लेह के अलावा इस क्षेत्र के पास कुछ और घूमने की जगह भी है जैसे कि अलची, नुब्रा घाटी, हेमिस लमयोरू, जांस्कर घाटी, कारगिल। सुन्दर झीलें और मठ आपके मन को सम्मोहित कर देगा, तो वहीं सुंदर नजारें और पहाड़ की चोटियां यहां पर आपका दिल छू लेंगी।

तवांग

अरुणाचल प्रदेश के सबसे पश्चिम में स्थित तवांग अपनी रहस्यमयी और जादुई खूबसूरती के लिए काफी ज्यादा मशहूर है। समुद्र तल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बने इस जिले की सीमा उत्तर में तिब्बत, दक्षिण-पूर्व में भूटान और पूर्व में पश्चिम कमेंग के सेला पर्वत श्रृंखला से लगती है।

दार्जिलिंग

भारतीय फिल्मों में कई बार आपने दार्जिलिंग को देखा होगा। हॉलीवुड की भी एक फिल्म में दार्जिलिंग हिमालियन रेलवे को दिखाया गया है। ये एक छोटी रेलवे सेवा जो कि पर्वतों से निकलती है। इस सफर में आप प्राकृतिक दृश्यों का मजा ले सकते हैं। दरअसल दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल में बना एक खूबसूरत सा हिल स्टेशन है और आप यहां पर बर्फ से ढकी हुई चोटियां देख सकते हैं। दार्जिलिंग ब्रिटिशर्स के वक्त से ही पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता रहा है।

ऋषिकेश

ऋषिकेश जिसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। ये पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित है और हिन्दू समुदाय में इस जगह का काफी अधिक धार्मिक महत्व है। हर साल पूरे देश से भारी संख्या में पर्यटक इस स्थान के धार्मिक स्थलों, हिमालय को देखने और गंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए आते हैं। हिमालय की तलहटी में स्थित ऋषिकेश कई हिन्दू देवी-देवताओं का घर है। इस स्थान के प्राचीन मन्दिरों और आश्रमों की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। ऋषिकेश में योग और मेडिटेशन के भी काफी केन्द्र है।

शिमला

शिमला एक खूबसूरत हिल स्टेशन है जो कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी भी है। इस जगह को ‘समर रिफ्यूज’ और ‘हिल स्टेशनों की रानी’ के रूप में भी जाना जाता है। इस जगह का ये नाम ‘मां काली’ के दूसरे नाम ‘श्यामला’ से पैदा हुआ था। यहां पर जाखू, प्रॉस्पैक्ट, ऑव्सर्वेटरी, एलीसियम और समर इस जगह की महत्वपूर्ण पहाड़ियां हैं। सन् 1864 में इस जगह को ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था।

महाबलेश्वर

महाराष्‍ट्र के सतारा जिले में महाबलेश्वर एक मशहूर हिल स्टेश है। पश्चिमी घाटों में स्थित ये जगह दुनिया के सबसे खुबसूरत हिल स्‍टेशनों में शामिल है। महाबलेश्वर में लोग गर्मी के मौसम में आना पसंद करते है। महाबलेश्‍वर का मतलब होता है गॉड ऑफ ग्रेट पॉवर यानि कि भगवान की महान शक्ति। महाबलेश्वर को 5 नदियों की भूमि भी कहते हैं। यहां पर वीना, गायत्री, सावित्री, कोयना और कृष्‍णा नाम की 5 नदियां बहती है।

ऊटी

ऊटी नीलगिरी की सुंदर पहाड़ियों में स्थित एक सुंदर सा शहर है। इस शहर का आधिकारिक नाम उटकमंड है और पर्यटकों की सुविधा के लिए इसे ऊटी नाम दिया गया है। भारत के दक्षिण में स्थित इस हिल स्टेशन में कई पर्यटक आते हैं। ये शहर तमिलनाडु के नीलगिरी जिले का एक भाग है। ऊटी शहर के चारों तरफ स्थित नीलगिरी पहाड़ियों के कारण इसकी सुंदरता और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इन पहाड़ियों को ब्लू माउन्टेन भी कहा जाता है।

कूर्ग

कुर्ग या कोडागु कर्नाटक के लोकप्रिय पर्यटन स्‍थलों में से एक है। कूर्ग कर्नाटक के दक्षिण पश्चिम भाग में पश्चिमी घाट के पास एक पहाड़ पर स्थित जिला है जो कि समुद्र स्‍तर से लगभग 900 मीटर से 1715 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कूर्ग को भारत का स्‍कॉटलैंड भी कहते हैं। वहीं इसे कर्नाटक राज्य का कश्‍मीर भी कहते हैं। ये स्‍थान यहां पर पाई जाने वाली हरियाली के कारण प्रसिद्ध है, यहां की सुंदर घाटियां, रहस्‍यमयी पहाड़ियां, बड़े-बड़े कॉफी के बागान, चाय के बागान, संतरे के पेड़, बुलंद चोटियां और तेजी से बहने वाली नदियां घूमने आने वाले लोगों का मन मोह लेती है।

मुन्‍नार

मुन्‍नार एक अविश्‍वसनीय, शानदार और अति आकर्षक मन को छू लेने वाला हिल स्‍टेशन है जो इडुक्‍की जिले में स्थित है। पहाड़ों के घुमावदार इलाकों से घिरा हुआ ये हिल स्‍टेशन पश्चिमी घाट पर स्थित है। मुन्‍नार नाम का मतलब है 3 नदियां और जो मधुरपुजहा, नल्‍लाथन्‍नी और कुंडाली नदियों के अजीब मिलन स्‍थल वाले क्षेत्र को प्रदर्शित करता है। सीमा पर बने होने की वजह से मुन्‍नार शहर के पड़ोसी राज्‍य जैसे कि तमिलनाडु से कई सांस्‍कृतिक संबंध हैं। पर्यटन गंतव्‍यों की भारी मांग के बाद ये हिल स्‍टेशन दुनिया भर में केरल के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों के रूप में लोकप्रिय होने लगा है।

News Reporter
एक लेखक, पत्रकार, वक्ता, कलाकार, जो चाहे बुला लें।

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