ऊंट की तरह पानी को इकट्ठा कर लेता है यह पेड़, फिर ऐसे बुझाता है लोगों की प्यास

नई दिल्ली. आपने पेड़ Tree से फल, फूल और पत्ते निकलते तो सुना होगा लेकिन आपको पता है एक जगह जहां पेड़ से पानी निकलता है। आपको ये पढ़कर अचरज होगा लेकिन बिल्कुल सही पढ़ा आपने। यह पेड़ दक्षिण भारत में पाए जाते हैं। तमिलनाडु के जंगलों में ये ज्यादा पाए जाते हैं। इस पेड़ Tree का रहस्य अभी तक पता नहीं चल पाया है। फॉरेस्टर और बायोलॉजिस्ट भी अबतक इसके पीछे की वजह नहीं तलाश सकें हैं। बताया जाता है कि पेड़ के तने पर एक कट लगाने पर एक बार में 1 लीटर तक पानी निकलता है। जंगल में आदिवासी समाज के लोग इससे अपनी प्यास बुझाते हैं।

 

तने को थोड़ा काट लें

अगर आपको प्यास लगी तो इस पेड़ के तने को थोड़ा सा काट लीजिए फिर नल की तरह इस पेड़ से पानी निकलने लगता है। इसे पीकर आप अपनी प्यास बुझा सकते हैं। इस पेड़ Tree को टर्मिनलिया टोमेंटोसा कहते हैं। इसे पेड़ को साज, असना और आसन नामों से भी पहचाना जाता है. इस पेड़ की छाल बेहद ही मोटी होती है। इसे मगरमच्छ की पीठ वाला पेड़ भी कहा जाता है।

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कुछ दिन पहले एक वन अधिकारी ने एक ट्विटर पर वीडियो शेयर किया जिसमें पेड़ की छाल में एक छोटी की जगह से काट दिया। उसके बाद से पेड़ में से पानी निकलने लगा। मौजूद अधिकारी अपनी प्यास बुझाई। एक पेड़ की छाल से पानी डालने का वीडियो ने सबको हैरान कर दिया।

A place in India where water comes out of tree
A place in India where water comes out of tree

टर्मिनलिया टोमेंटोसा के रूप में भी जाना जाता है, यह भारत, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया, और वियतनाम में दक्षिणी और दक्षिण-पूर्व एशिया के मूल निवासी की एक प्रजाति है। यह दक्षिण भारत में शुष्क और नम पर्णपाती जंगलों दोनों में पाया जाता है। टर्मिनलिया टोमेंटोसा प्रजाति के कुछ सदस्य शुष्क मौसम में पानी का भंडारण करते हैं जो कि वन लोक द्वारा पोर्टेबल पानी के रूप में उपयोग किया जाता है।

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ऊंट की तरह यह पेड़ जमा करता है अपने अदंर प

जैसे यह पेड़ जरूरत पड़ने पर लोगों की प्यास बुझाता है वैसे ही ऊंट भी अपने अदंर पानी जमा करके रखता है। और लोगों की प्यास बुझाता है ऊंटों में किसी की पीठ पर एक कूबड़ होता है, तो किसी की पीठ पर दो कूबड़ होते हैं। ऐसा माना जाता है कि ऊंट अपने कूबड़ में पानी जमा करके रखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। उसके कूबड़ में वसा जमा होती है। जो धीरे-धीरे जरूरत पड़ने पर पानी या ऊर्जा में बदलती रहती है। इसलिए वह छह महीने तक बिना पानी पिए जीवित रह सकता है। वैसे ऊंट एक बार में 113 लीटर पानी केवल 13 मिनट में पी सकता है।

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Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे